जीएसटी परिषद
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देश में वस्तु एवं सेवा कर(जीएसटी) के लिए संविधान(122वें संशोधन) विधेयक 2016 को राष्ट्रपति ने 8 सितंबर 2016 को मंजूरी दे दी। इसके साथ ही इसे अधिसूचित कर दिया गया। यह अधिसूचना अनुच्छेद 279 ए के तहत लागू किया गया जो 12 सितंबर 2016 से क्रियान्यवित होगा। अनुच्छेद 279 ए के अनुसार संविधान संसोधन, जीएसटी परिषद केंद्र एवं राज्य सरकारों का संयुक्त मंच होगा। इसमें निम्मलिखित सदस्य शामिल होंगे।
- केंद्रीय वित्त मंत्री- अध्यक्ष
- राज्य मंत्री, वित्त राजस्व के प्रभारी- सदस्य
- मंत्री प्रभारी वित्त, कराधान या
- किसी राज्य सरकार द्वारा मनोनीत अन्य मंत्री - सदस्य
अनुच्छेद 279 ए(4) के अनुसार, परिषद जीएसटी से संबंधित महत्वपूर्ण मुद्दों पर केंद्र और राज्यों के लिए सिफारिशें करेगा।
भारत में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) 1 जुलाई 2017 से लागू कर दिया गया
जीएसटी के तीन (SGST, CGST, IGST) प्रकार है
- Central GST (CGST) which will be levied by Centre
- State GST (SGST) Which will be levied by State
- Integrated GST (IGST) – which will be levied by Central Government on inter-State supply of goods and services
जीएसटी अप्रत्यक्ष, बहुस्तरीय, गंतव्य आधारित प्रकार का कर है
जीएसटी पंजीकरण संख्या में कुल 15 डिजिट है
जीएसटी लागू करने वाला विश्व का पहला देश फ्रांस (1954) था
भारत में जीएसटी लागू करने का सुझाव विजय केलकर समिति ने दिया था
सर्वप्रथम जीएसटी बिल का प्रारूप तैयार करने वाली समिति के अध्यक्ष असीम दास गुप्ता थे
संविधान के अनुच्छेद-279(A) के तहत जीएसटी परिषद् का गठन किया गया है
संविधान संशोधन 122वाँ (101वाँ ) के तहत जीएसटी पारित किया गया
जीएसटी बिल पर राज्यसभा तथा लोकसभा ने क्रमशः 3 अगस्त तथा 8 अगस्त 2016 पारित किया
जीएसटी बिल पर राष्ट्रपति ने अपनी मंजूरी 8 सितंबर 2016 दी
जीएसटी परिषद् में सम्मलित कुल सदस्यों की संख्या 33 है
जीएसटी बिल को सर्वप्रथम पारित करने वाला राज्य असम है
भारत का एकमात्र राज्य जम्मू-कश्मीर जहाँ जीएसटी लागू नहीं है
जीएसटी में समाहित कुल अप्रत्यक्ष कर तथा अधिभार (सेस) की संख्या क्रमशः 17 अप्रत्यक्ष कर तथा 23 अधिभार है
जीएसटी चोरी करने पर पाँच वर्ष के लिए कारावास का प्रावधान है
राज्यों को जीएसटी से होने वाले नुकसान का पाँच वर्षों तक केंद्र 100% भरपाई करेगा
जीएसटी की पाँच (0%, 5%, 12%, 18%, 28%) दरें है
वे प्रमुख वस्तुएँ तथा सेवाएँ जो जीएसटी के दायरे से बाहर है
शराब व पेट्रोलियम वस्तुएँ तथा शिक्षा व स्वास्थ्य सेवाएँ