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राजस्थान बजट 2025

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19 फरवरी, 2025 को वित्त मंत्री दीया कुमारी ने 16 वीं विधानसभा का दूसरा पूर्णकालिक बजट प्रस्तुत किया है।

बजट 2025-26 राजस्थान का पहला ग्रीन बजट के रूप में पेश किया गया है।

जिसकी थीम ‘ग्रीन बजट’ के रूप में रखी गई है, का प्रमुख उदेश्य निम्न प्रकार हैं-

GREEN - G-गति (पानी, बिजली, सड़क- परिवहन सहित आधारभूत इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूती)। R-रूरल डेवलपमेंट (ग्रामीण विकास, कृषि, पशुपालन, शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र से संबंधित घोषणाएं) E- एंटरप्रेन्योरशिप (राइजिंग राजस्थान के अंतर्गत MSMEऔर युवा रोजगार के लिए स्टार्ट-अप के लिए रियायतें और औद्योगिक क्षेत्र) E-ऊर्जा (सोलर से जुडे उद्योगागं को प्रोत्साहन व पीएम सूर्यघर योजना के लिए अनुदान, ई-व्हीकल को बढ़ावा) N-न्यू डायमेंशंस (पुरानी घोषणाओं को नया रूप)

अनुच्छेद 202, भारत के संविधान का एक महत्वपूर्ण अनुच्छेद है जो राज्य के वार्षिक वित्तीय विवरण से संबंधित है।

प्रदेश में विकास की गति को निरन्तर रख वर्ष 2030 तक $ 350 Billion की अर्थव्यवस्था (Economy) का निर्माण करने का लक्ष्‍य है।

Rising Rajasthan Global Investment Summit के अन्तर्गत देश-विदेश के निवेशकों ने हमारी सरकार द्वारा स्थापित Policy Framework में विश्वास दिखाते हुए 35 लाख करोड़ (पैंतीस लाख करोड़) रुपये से अधिक राशि के MoUs हस्ताक्षरित किये हैं।

जल जीवन मिशन का लक्ष्य वर्ष 2028 तक बढ़ाया तथा आगामी वर्ष 20 लाख घरों में connections दिये जायेंगे।

जल जीवन मिशन

घोषणा :- 15 अगस्त 2019

उद्देश्य-वर्ष 2024 तक 100 से अधिक आबादी वाले गाँवो में हर घर नल कनेक्शन के माध्यम से सुरक्षित एवं पर्याप्त पेयजल उपलब्ध करांना है।

55 लीटर प्रति व्यक्ति प्रतिदिन शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना।

केंद्र तथा राज्य की भागीदारी-50:50

पेयजल:

20 लाख घरों में connections, ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल सुविधा हेतु 425 करोड़ रुपये

प्रदेश के शहरी क्षेत्रो हेतु अमृत 2.0 योजना के अन्तर्गत 183 नगरीय निकायों में पेयजल आपूर्ति के 5 हजार 123 करोड़ रुपये के कार्य हाथ में लिये गये हैं।

अमृत योजना के साथ ही पेयजल समस्या से ग्रसित शहरी क्षेत्रों में समयबद्ध रूप से पेयजल की समुचित व्यवस्था के लिए मुख्यमंत्री जल जीवन मिशन (शहरी) प्रारम्भ, 5 हजार 830 करोड़ रुपये से अधिक की लागत के कार्य

एक हजार Tube wells व एक हजार 500 Handpumps

ऊर्जा :

आगामी वर्ष 6 हजार 400 Mega Watt (MW) से अधिक अतिरिक्त उत्पादन किये जाने की घोषणा

इसके साथ ही आगामी वर्ष 5 हजार 700 Mega Watt (MW) (पाँच हजार सात सौ मेगावॉट) ऊर्जा उत्पादन के कार्य हाथ में लिये जाने भी प्रस्तावित हैं।

आगामी वर्ष 50 हजार नये कृषि तथा 5 लाख domestic connections दिये जाने की घोषणा

इसके साथ ही अधिक दर पर अन्य राज्यों के साथ Banking करने की व्यवस्था को समाप्त किया जाना प्रस्तावित करती हूँ।

निजी क्षेत्र के माध्यम से आगामी वर्ष 10 Giga Watt (GW) ऊर्जा का उत्पादन प्रारम्भ करने तथा 10 ही Giga Watt (GW) के ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना का कार्य हाथ में लिया जाना भी प्रस्तावित है।

चरणबद्ध रूप से निःशुल्क Solar Plants लगाते हुए 100 Units से बढ़ाते हुए 150 Units बिजली प्रतिमाह निःशुल्क उपलब्ध कराने की घोषणा।

सड़क:

आगामी वर्ष प्रदेश में अर्थव्यवस्था की जीवन धारा के रूप में 2 हजार 750 किलोमीटर से अधिक लम्बाई के 9 Green Field Expressways के कार्य लगभग 60 हजार करोड़ रुपये की लागत से Hybrid Annuity Model (HAM)/BoT पर हाथ में लिए जाने घोषणा

existing road network की स्थिति को पुनः सुधारने की दृष्टि से, लगभग 21 हजार किलोमीटर नॉन पेचेबल सड़कों के कार्य 6 हजार करोड़ रुपये की लागत से चरणबद्ध रूप से किये जाने प्रस्तावित हैं।

प्रथम चरण में, आगामी वर्ष प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में 10-10 करोड़ रुपये की राशि से नॉन पेचेबल सड़कों के कार्य करवाये जाने की घोषणा। मरूस्थलीय क्षेत्रों में दूरियाँ अधिक होने के कारण यह राशि 15-15 करोड़ रुपये प्रति विधानसभा क्षेत्र प्रस्तावित है।

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY)-चतुर्थ चरण के अंतर्गत प्रदेश में लगभग एक हजार 600 बसावटों को चरणबद्ध रूप से आगामी 2 वर्षों में डामर सड़कों से जोड़ा जाना प्रस्तावित है।

चरणबद्ध रूप से 5 हजार से अधिक आबादी वाले ग्रामीण कस्बों में Cement Concrete के अटल प्रगति पथ के निर्माण करवाये जाने की घोषणा करती हूँ। आगामी वर्ष 500 करोड़ रुपये की लागत से 250 गाँवों में कार्य हाथ में लिये जाने प्रस्तावित हैं।

प्रथम चरण में बालोतरा, जैसलमेर, जालोर, सीकर, झालावाड़, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, डीग सहित 15 शहरों में ‘Ring Roads’ के निर्माण का कार्य हाथ में लिया जाना प्रस्तावित।

क्षेत्रीय एवं ग्रामीण विकास:

डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी जिला उत्थान योजना' के साथ-साथ, 17 दिसम्बर, 2024 को माननीय मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा जी द्वारा प्रत्येक जिले को अलग पहचान दिलाने की दृष्टि से प्रारम्भ की गई 'पंचगौरव योजना' को भी गति देने के लिए, आगामी वर्ष

550 करोड़ (पांच सौ पचास करोड़) रुपये के कार्य करवाये जाना प्रस्तावित।

साथ ही, डांग, मगरा, मेवात एवं बृज क्षेत्रीय विकास योजनाओं हेतु आगामी वर्ष 50-50 करोड़ रुपये की राशि को बढ़ाकर 100-100 करोड़ रुपये किये जाने की भी घोषणा।

आगामी वर्ष से प्रदेश की अन्तरराष्ट्रीय सीमा के निकट निवास करने वाले परिवारों की सुविधाओं के उन्नयन के लिए 'मुख्यमंत्री थार सीमा क्षेत्र विकास कार्यक्रम' प्रारम्भ करने की घोषणा । इस हेतु 150 करोड़ (एक सौ पचास करोड़) रुपये का fund स्थापित किया जाना प्रस्तावित है।

प्रदेश में अनुसूचित जनजाति तथा अनुसूचित जाति कल्याण के साथ ही विशेष रूप से जनजातीय उपयोजना क्षेत्र तथा अनुसूचित जाति की बसावटों के निवासियों को आधारभूत सुविधायें उपलब्ध करवाने की दृष्टि से SCSP एवं TSP Funds की राशि को आगामी वर्ष बढ़ाते हुए एक हजार 750 करोड़ (एक हजार सात सौ पचास करोड़) रुपये किये जाने की घोषणा।

Aspirational Districts योजना की तर्ज पर प्रदेश में सबसे पिछड़े 35 Blocks (पैंतीस ब्लॉक्स) में विकास को गति देने के लिए आगामी वर्ष, 75 करोड़ (पचहत्तर करोड़) रुपये का प्रावधान कर गुरु गोलवलकर Aspirational Blocks Development Scheme लागू करने की घोषणा।

नगरीय विकास:

स्वर्ण जयन्ती पार्क (विद्याधर नगर)-जयपुर को Oxygen Zone के रूप में विकसित किया जायेगा तथा रामगिरी पहाड़ी बड़गाँव, उदयपुर को Oxygen Hub बनाते हुए पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने हेतु DPR

प्रदेश के शहरी क्षेत्रों के समावेशी विकास, पलायन की रोकथाम, Sewerage, Drainage, Sanitation तथा Waste Disposal हेतु लगभग 12 हजार 50 करोड़ (बारह हजार पचास करोड़) रुपये की लागत से 7 वर्षों की अवधि की पंडित दीनदयाल उपाध्याय शहरी विकास योजना Implement (क्रियान्वित) किये जाने की घोषणा।

सीवरेज/मेन हॉल सफाई में होने वाली दुर्घटनाओं की रोकथाम हेतु 100 अत्याधुनिक Robotic three-in-one सीवरेज सफाई मशीनें उपलब्ध कराना, सफाई मित्रों की सुरक्षा हेतु Digital Gas Detector उपकरण

वायु प्रदूषण के प्रभावी नियंत्रण व वायु गुणवत्ता के सुधार हेतु प्रदेश के 50 शहरी क्षेत्रों में Water Sprinkler, Mechanical Sweepers उपलब्ध करवाये जाने तथा Plantation के कार्य

जयपुर, जोधपुर, भरतपुर, कोटा, बीकानेर, अजमेर, उदयपुर, चूरू, पाली सहित 14 उच्च शहरीकृत शहरों एवं इनके 42 Satellite Towns में पर्यटन, Heritage, Command Control Centre व बाढ़ प्रबंधन सम्बन्धी कार्य

प्रदेश के समस्त शहरों में 50 हजार Street Lights लगवायी जायेंगी।

नवगठित नगरीय निकायों सहित अन्य क्षेत्रों में आगामी वर्ष, महिलाओं के लिए 500 Pink Toilets का 175 करोड़ (एक सौ पचहत्तर करोड़) रुपये की लागत से निर्माण करवाया जाना प्रस्तावित है।

औद्योगिक विकास:

Investment facilitation हेतु स्थापित 'Single Window- One Stop Shop' का सुदृढ़ीकरण करते हुए वर्तमान में उपलब्ध विभिन्न विभागों द्वारा प्रदत्त Online Permissions की संख्या को बढ़ाकर 149 (एक सौ उनचास) करने की घोषणा।

इस ‘Single Window’ की utility तथा Efficiency में वृद्धि की दृष्टि से विभागों हेतु Competitive Index जारी किया जाना प्रस्तावित है।

निवेशकों को समयबद्ध रूप से अपना संस्थान स्थापित करने में सहयोग देने की दृष्टि से बिचून-जयपुर, भिवाड़ी-खैरथल तिजारा के औद्योगिक क्षेत्रों में Flatted Factory की व्यवस्था लागू की जायेगी। इसके साथ ही Plug and Play Model पर भी औद्योगिक क्षेत्र विकसित किये जायेंगे।

प्रदेश में रोजगार के अधिकाधिक अवसरों का सृजन करने के साथ ही Service Sector में निवेश बढ़ाने के उद्देश्य से Global Capability Centre (GCC) Policy लाया जाना प्रस्तावित है। औद्योगिक निवेश के साथ-साथ राज्य में Trading Sector के विकास एवं संवर्द्धन हेतु Rajasthan Trade Promotion Policy भी लायी जायेगी।

Eco Crafting Opportunity/Weaving a Sustainable Future/Green Textile तहत हस्त छपाई को प्रोत्साहित करने के लिए आकोला-चित्तौड़गढ़ में Hub का निर्माण (5 करोड़ रुपये)

कोटा में Toy Park, निम्बाहेडा-चित्तौड़गढ़बूंदी में Stone Parks, सोनियाणा-चित्तौड़गढ़ में Ceramic Park, DMIC के अन्तर्गत Pharma Park की स्थापना, भीलवाड़ा में Textile Park का विस्तार तथा सांगानेर-जयपुर में Block Printing Zone की स्थापना

नवीन औद्योगिक क्षेत्र-केकड़ी-अजमेर, कठूमर-अलवर, रूपवास (बयाना), वैर-भरतपुर, पीपलूंद व पंडेर (शाहपुरा), रेडवास-भीलवाड़ा, श्रीडूंगरगढ़-बीकानेर, समलेटी (महुवा)-दौसा, मोहनपुरा (फागी), बांसखोह (बस्सी)-जयपुर, सरनाऊ (सांचौर)-जालोर, गोपालपुरा-कोटा, जैतारण-ब्यावर, सोजत-पाली, दत्तवास (निवाई)-टोंक, डीडवाना-डीडवाना कुचामन, टोडाभीम-करौली

पर्यटन, कला एवं संस्कृति:

पर्यटन क्षेत्र का विकास करने की दृष्टि से Rajasthan Tourism Infrastructure and Capacity Building Fund (RTICF) से 750 करोड़ (सात सौ पचास करोड़) रुपये से अधिक राशि के आधारभूत संरचना सम्बन्धी कार्य हाथ में लिये

प्रदेश को Global Centre Stage पर लाने के लिए देश-विदेश में Travel Bazar, Cultural Programmes, Rajasthan Calling जैसे events / road shows भी किये हैं।

Heritage Tourism को बढ़ावा देने के उद्देश्य से Iconic Tourist Destinations के रूप में जैसलमेर किला, शेरगढ़ किला-बारां, खण्डार किला-सवाई माधोपुर, नाहरगढ़ एवं आमेर-जयपुर, आभानेरी-दौसा, किशोरी महल-भरतपुर सहित 10 Sites का विकास

प्रदेश में Night Tourism को बढ़ावा देने हेतु जयपुर, उदयपुर, जैसलमेर, भरतपुर, बीकानेर एवं अलवर के प्रमुख पर्यटन स्थलों एवं Heritage स्मारकों पर आवश्यक आधारभूत संरचना के उन्नयन के साथ विभिन्न गतिविधियों का आयोजन (100 करोड़ रुपये)

शेखावाटी क्षेत्र में स्थित ऐतिहासिक कलात्मक हवेलियों के संरक्षण हेतु शेखावाटी हवेली संरक्षण योजना एवं Heritage Walk

पर्यटन तथा कला व संस्कृति के क्षेत्र में Travel Mart की अहम भूमिका को देखते हुए जयपुर के अलावा उदयपुर एवं जोधपुर में भी Travel Marts का आयोजन

लोक गायकों एवं संगीतकारों हेतु बीकानेर में गवरी देवी कला केन्द्र की स्थापना Hospitality के क्षेत्र में प्रदेश के युवाओं को आवश्यक Skill Upgradation की सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए संभाग स्तर पर Hospitality Skill Centres (35 करोड़ रुपये)

विश्वकर्मा औद्योगिक क्षेत्र-जयपुर में JECC की तर्ज पर Concert and Convention MICE Centre तथा अजमेर में Convention Hall का निर्माण

मूसी महारानी की छतरी-अलवर, आमेर/जयपुर परकोटा क्षेत्र की बावड़ियों का पुनरुद्धार व जीर्णोद्धार का कार्य-जयपुर, रणथम्भौर प्रवेश द्वार का सौन्दर्यीकरण व जोगीमहल गेट पर पार्किंग, शिल्पग्राम की स्थापना-सवाई माधोपुर

वरूण सागर झीलचौरसियावास तालाब-अजमेर, जैतसागर झीलनवल सागर झील-बूंदी, सूरसागर झील-बीकानेर, प्रेम सागर सरोवर (आसींद)-भीलवाड़ा, जयनिवास उद्यान, पौण्ड्रिक उद्यान, ताल कटोरा-जयपुर, कुशाल झील (गंगापुरसिटी)-सवाई माधोपुर के सौन्दर्यीकरण, जीर्णोद्धार व अन्य विकास कार्य

धार्मिक स्थलों पर आधारभूत संरचना सम्बन्धी कार्य

पुष्कर-अजमेर, रणथम्भौर त्रिनेत्र गणेश जी-सवाई माधोपुर, जीण माता-सीकर, तनोट माता मंदिर व रामदेवरा-जैसलमेर, दाऊ मदनमोहन-भरतपुर व देशनोक-बीकानेर आदि धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं हेतु विभिन्न सुविधायें (95 करोड़ रुपये)

बेणेश्वर धाम, रामेश्वर घाट एवं बीगोद संगम को त्रिवेणी संगम के रूप में विकसित किये जाने सम्बन्धी कार्य (65 करोड़ रुपये)

सांगानेर-जयपुर में स्थित पुरातनकालीन मंदिरों जैसे-सांगा बाबा मंदिर, त्रिपोलिया बालाजी, संघी जी जैन मंदिर को धार्मिक पर्यटन सर्किट में शामिल कर मंदिर क्षेत्र में आधारभूत एवं यात्री विकास कार्य (50 करोड़ रुपये)

श्रीमथुराधीश जी मंदिर-कोटा, मेहंदीपुर बालाजी मंदिर-दौसा में आने वाले श्रद्धालुओं तथा आसपास के क्षेत्रों के लोगों को अत्यधिक भीड़ तथा यातायात सम्बन्धी समस्या से राहत दिलाने के लिए वैकल्पिक मार्ग हेतु Feasibility Report एवं DPR

गरबा जी मंदिर, लालदास जी मंदिर-अलवर, रामदेवजी की जन्मस्थली रामदेरिया काश्मीर-बाड़मेर, लक्ष्मीनाथ जी मंदिर, मुरली मनोहर मंदिर, हनुमानमंदिर, शीतला माता मंदिर-बीकानेर, श्री बालानंद जी-भरतपुर, मालासेरी-भीलवाड़ा, वामनदेव मंदिर (मनोहरपुर), खेड़ापति बालाजी मंदिर, भोमियाजी मंदिर (माधोराजपुरा)-जयपुर, दलहनपुर मठ मंदिर एवं छतरियाँ (मनोहरथाना)-झालावाड़, नाडा बालाजी मंदिर, पगलियाधाम मंदिर (नावां)-डीडवाना कुचामन, रैहनावाली माताजी एवं लाठ बाली माता मंदिर (राजाखेड़ा)-धौलपुर, साडू माताजी (ताम्बेश्वर) की बावड़ी, सवाई भोज मंदिर, गढ़गोठा, वडनगर, श्री अन्नधन जी (भादरा)-हनुमानगढ़, डोवा रामजी महाराज तीर्थ बालरई (रानी)-पाली, भूतेश्वर नाथ मंदिर-टोडारायसिंह, सिंधौलिया माताजी मंदिर (मालपुरा), बद्रीनाथ मंदिर (निवाई)-टोंक, श्री तेजानन्द बिहारी जी-सलूम्बर, माणा बाबा धाम लाखणी व सुन्दरदास धाम बामरडा (खण्डेला)-सीकर, सारणेश्वर महादेव मंदिर, चामुण्डा माता जी मंदिर-सिरोही, श्री जगत शिरोमणि जी-उदयपुर के धार्मिक स्थलों के जीर्णोद्धार एवं विकास कार्य (57 करोड़ रुपये)

पैनोरमा-बैंगटी-फलौदी में हड़बूजी, रैवासा धाम-सीकर

राज्य के आदिवासी बाहुल्य जिलों में स्थित ऐतिहासिक, धार्मिक तथा **Eco-Tourism Sites-**त्रिपुरा सुंदरी, मानगढ़धाम, बेणेश्वरधाम, सीतामाता अभ्यारण्य, ऋषभदेव, गौतमेश्वर मंदिर, मातृ कुण्डिया आदि को सम्मिलित करते हुए 100 करोड़ रुपये व्यय कर 'Tribal Tourist Circuit' विकसित किये जाने की घोषणा

प्रदेश में Rural Tourism को बढ़ावा देने के लिए बरौली धाऊ (कामां)-डीग, देवमाली-ब्यावर, पिपलांत्री-राजसमंद, महनसर-झुंझुनूं, भूरी पहाड़ी (रणथम्भौर)-सवाई माधोपुर, केमला (इंदरगढ़)-बूंदी, रूसी रानी (दबकन)-अलवर, आभानेरी-दौसा, शेरगढ़-बारां एवं लापोडिया (मालपुरा)-टोंक को विकसित किया जायेगा। इस हेतु 20 करोड़ रुपये व्यय किये जायेंगे।

वीर सैनिकों के शौर्य के प्रतीक के रूप में स्थापित War Museum- जैसलमेर में आधारभूत संरचना एवं सुविधायें विकसित किये जाने सम्बन्धी कार्य करवाये जायेंगे।

प्रदेश के वरिष्ठ नागरिकों के स्वास्थ्य एवं अतिरिक्त सुविधा की दृष्टि से वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना के अन्तर्गत आगामी वर्ष 6 हजार वरिष्ठजन को हवाई मार्ग से यात्रा के अतिरिक्त 50 हजार (पचास हजार) वरिष्ठजन को सामान्य श्रेणी Sleeper के स्थान पर AC Train से तीर्थ यात्रा करवाये जाने की घोषणा

जयपुर, वर्ष 2027 (दो हजार सत्ताइस) में अपनी स्थापना के 300 वर्ष पूर्ण कर रहा है। इस ऐतिहासिक अवसर के दृष्टिगत जयपुर निवासियों एवं पर्यटकों को यहाँ की धरोहर, कला एवं संस्कृति से परिचित करवाने के लिए वर्ष पर्यन्त विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए जयपुर के आराध्य के नाम पर गोविन्द देव जी कला महोत्सव के आयोजन की घोषणा। इस हेतु 50 करोड़ रुपये व्यय किये जायेंगे।

कोटा Airport के निकट Aero City

प्रतापगढ़, झालावाड़ एवं झुंझुनूं में Flying Training Organisation (FTO)

माउंट आबू-सिरोही में Aero Sports Activities शुरू की जायेगी।

जयपुर, जोधपुर एवं उदयपुर में Hop-on Hop-off बस सेवा

आगामी वर्ष ऐतिहासिक दस्तावेजों के Digitization एवं Artificial Intelligence Based BOT से जोड़े जाने के कार्य हेतु 20 करोड़ रुपये का प्रावधान करते हुए Gyan Bharat Mission के अन्तर्गत लाया जाना प्रस्तावित है।

युवा विकास एवं कल्याण :

युवाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण, internship, apprenticeship तथा रोजगार की योजनाओं के माध्यम से समुचित अवसर प्रदान करने के लिए 'राजस्थान रोजगार नीति-2025 (दो हजार पच्चीस)' लाने की घोषणा

साथ ही, इसके समयबद्ध क्रियान्वयन हेतु 500 करोड़ रुपये के विवेकानन्द रोजगार सहायता कोष की स्थापना की भी घोषणा। इस कोष के माध्यम से-

रोजगारपरक प्रशिक्षण एवं Counselling की व्यवस्था,

Internship/ Apprenticeship कार्यक्रमों का संचालन,

Employee-Employer Linkage की व्यवस्था,

रोजगार शिविरों का आयोजन तथा Examination Centres की स्थापना इत्यादि कार्य किये जा सकेंगे।

सरकारी विभागों एवं राजकीय उपक्रमों में, आगामी वर्ष एक लाख 25 हजार (एक लाख पच्चीस हजार) पदों पर भर्तियाँ करने की घोषणा। साथ ही, रोजगार मेलों के आयोजन, Campus Interviews तथा नये निवेश में स्थानीय युवाओं के रोजगार को प्रोत्साहन देते हुए निजी क्षेत्र में भी आगामी वर्ष एक लाख 50 हजार युवाओं को रोजगार उपलब्ध करवाया जाना प्रस्तावित है।

युवा अपना उद्यम स्थापित कर अपने परिवार की आजीविका सुनिश्चित करने के साथ ही अन्य को भी रोजगार के अवसर प्रदान करने में सक्षम हों तथा प्रदेश की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने में भी योगदान दें, इस दृष्टि से केन्द्रीय बजट में Scheme for First Time Entrepreneurs घोषित की गई है। इसके अन्तर्गत प्रदेश के 25 हजार महिला एवं SC/ST उद्यमियों को लाभ दिलवाने के साथ ही, युवाओं हेतु 'विश्वकर्मा युवा उद्यमी प्रोत्साहन योजना' को प्रारम्भ करने की घोषणा । इस योजना के अन्तर्गत 2 करोड़ रुपये तक के ऋण पर 8 प्रतिशत Interest Subsidy के साथ ही 5 लाख रुपये तक Margin Money उपलब्ध कराया जाना प्रस्तावित है। इस योजना हेतु 150 करोड़ रुपये का प्रावधान किया जायेगा।

आगामी वर्ष एक हजार 500 नये Startups बनाते हुए 750 से अधिक Startups को i-Start Fund/Fund of Funds के माध्यम से Funding उपलब्ध कराने की घोषणा करती हूँ। इसके साथ ही, प्रदेश के startups को Networking का Platform उपलब्ध कराने की दृष्टि से हैदराबाद, बैंगलुरू, दिल्ली व मुम्बई में i-Start Facilitation Desks स्थापित किये जाने प्रस्तावित हैं।

प्रदेश के युवाओं को Future Ready-Industry Ready बनाने हेतु Industry Partners के सहयोग से प्रत्येक संभाग में Centre for Advanced Skilling and Career Counselling की स्थापना करने की घोषणा।

इसके साथ ही, आगामी वर्ष 50 हजार युवाओं को कौशल प्रशिक्षण प्रदान कर रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाया जाना प्रस्तावित है। इसके अतिरिक्त,

कोटा में Vishwakarma Skill Institute की स्थापना 150 करोड़ रुपये की लागत से की जायेगी।

जयपुर, जोधपुर एवं उदयपुर में वैदिक गुरुकुल एवं वैदिक पर्यटन केन्द्रों की स्थापना

मिर्जेवाला-श्रीगंगानगर में सैनिक स्कूल तथा अलवर, बीकानेर, जयपुर, जैसलमेर व कोटा में बालिका सैनिक स्कूल की स्थापना

प्रदेश के युवाओं तथा विद्यार्थियों में विज्ञान के प्रति जागरूकता उत्पन्न करने के साथ ही उद्यमिता तथा नवाचार की भावना जागृत करने की दृष्टि से एक हजार 500 विद्यालयों में Atal Tinkering Labs स्थापित किये जाने की घोषणा। इसके साथ ही, अलवर, अजमेर व बीकानेर में Digital Planetariums तथा भरतपुर, कोटा, अजमेर एवं बीकानेर के Science Centres में Innovation Hubs की स्थापना की जायेगी।

SMS Stadium, जयपुर में Badminton Academy तथा उदयपुर में Lacrosse Academy, जयपुर में Shooting Range मय आवासीय सुविधा तथा 5 जिलों में Boxing Rings की स्थापना।

प्रदेश में खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देने की दृष्टि से अर्जुन पुरस्कार विजेताओं के समान द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेता प्रशिक्षकों को भी भूमि आवंटित किये जाने की घोषणा। साथ ही, तकनीकी शिक्षण संस्थानों में भी Sports Quota लागू किया जाना प्रस्तावित है।

नशामुक्त राजस्थान की संकल्पना को साकार करने के लिए नशे का व्यापार करने वालों के विरूद्ध कड़े कदम उठाने के साथ-साथ समस्त महाविद्यालयों में चरणबद्ध रूप से नई किरण नशा मुक्ति केन्द्र भी प्रारम्भ किये जायेंगे। साथ ही, विद्यार्थियों में पढ़ाई एवं प्रतिस्पर्धा के कारण होने वाले तनाव एवं आत्महत्या की प्रवृत्ति की रोकथाम हेतु कोटा, जोधपुर, जयपुर एवं सीकर में युवा साथी केन्द्र स्थापित किये जाने प्रस्तावित हैं।

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य:

मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य (MAA) योजना के अन्तर्गत लगभग 35 लाख (पैंतीस लाख) व्यक्तियों को चिकित्सा लाभ प्राप्त हुआ है। आगामी वर्ष इस योजना के साथ ही, आमजन की निःशुल्क जाँच एवं दवा हेतु 3 हजार 500 करोड़ (तीन हजार पाँच सौ करोड़) रुपये का ‘MAA कोष’ गठित किये जाने की घोषणा।

MAA योजना के माध्यम से और अधिक सुविधा उपलब्ध कराने के लिए आगामी वर्ष से-

I. Interstate Portability लागू कर प्रदेश के बाहर भी चिकित्सा की सुविधा उपलब्ध करवाये जाने की घोषणा।

II. 70 वर्ष से अधिक आयु के वृद्धजन हेतु Geriatric Care Packages, किशोरों के मनोवैज्ञानिक स्वास्थ्य के Packages, Oral Cancer हेतु Package तथा विशेष योग्यजनों हेतु Packages जोड़े जाने प्रस्तावित हैं।

III. इसके साथ ही राजकीय आयुष चिकित्सालयों के माध्यम से आयुष Package भी योजना में लिये जाने प्रस्तावित।

ट्रक/बस ड्राइवरों तथा कागार वर्ग यथा-कारीगर, दर्जी, बढ़ई (carpenter), नाई इत्यादि की आँखों की जाँच कर निःशुल्क चश्में उपलब्ध करवाने के लिए MAA नेत्र वाउचर योजना (MAA-NVY) लागू किये जाने की घोषणा। इस पर 75 करोड़ (पचहत्तर करोड़) रुपये का व्यय प्रस्तावित है।

होम्योपैथिक औषधालय-बावड़ी खुर्द-फलौदी

मातृ शिशु स्वास्थ्य विंग (MCH Wing)-भरतपुर

पीबीएम चिकित्सालय-बीकानेर के Vitreo Retina Surgery Unit का उन्नयन

मेडिकल कॉलेज-बीकानेर, जोधपुर, उदयपुर एवं कोटा में 120 बैड क्षमता के Spinal Injury Centres की क्षमता वृद्धि

समस्त संभाग मुख्यालयों पर Ultra Advanced Burn Care Centres

वरिष्ठ नागरिकों को बेहतर चिकित्सा सुविधायें सुलभ कराने हेतु RIMS जयपुर के अधीन Geriatric Healthcare Resource and Training Centre

सभी संभाग मुख्यालयों के जिला अस्पतालों में Dedicated Geriatric Centres (रामाश्रय) का उन्नयन

दिव्यांगजनों की चिकित्सा सुविधा हेतु संभागीय स्तर के Rehabilitation Centres का उन्नयन

प्रदेशवासियों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने एवं बेहतर Life Style के लिए प्रेरित करने हेतु 'Fit India' की तर्ज पर 'Fit Rajasthan' अभियान 50 करोड़ रुपये के प्रावधान के साथ आरम्भ करने की घोषणा। इसके अन्तर्गत विभिन्न Out-door गतिविधियों के संचालन के साथ ही प्रदेशवासियों को अपनी diet में edible oil की मात्रा में न्यूनतम 10 प्रतिशत कमी करने के लिए भी प्रेरित किया जायेगा।

प्रदेश में नवीन आयुष नीति लायी जायेगी तथा पारम्परिक चिकित्सा पद्धतियों को प्रोत्साहित करने की दृष्टि से पूर्णतः निरोगी होने पर गांवों को आयुष्मान आदर्श ग्राम घोषित कर 11 लाख रुपये प्रोत्साहन राशि दिये जाने की घोषणा।

सड़क सुरक्षा :

प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं से होने वाली जनहानि को रोकने की दृष्टि से Delhi-Jaipur, Jaipur-Agra तथा Jaipur-Kota Highways पर सड़क सुधार के कार्य करवाते हुए 'Zero Accident Zones' बनाये जाने की घोषणा।

सामाजिक सुरक्षा :

अल्प आय वर्ग के बुजुर्ग व्यक्तियों, विधवाओं/एकल नारियों, दिव्यांग व्यक्तियों तथा लघु एवं सीमान्त कृषकों को देय पेंशन को आगामी वर्ष से बढ़ाकर एक हजार 250 (एक हजार दो सौ पचास) रुपये प्रतिमाह करने की घोषणा।

बेघर, वृद्धजन एवं असहाय/निराश्रित व्यक्तियों के पुनर्वास हेतु स्थापित किये जा रहे स्वयंसिद्धा आश्रमों का दायरा बढ़ाते हुए आगामी वर्ष 10 जिलों में 50 बेड क्षमता के आश्रम खोले जाने प्रस्तावित हैं।

विमुक्त, घुमंतू और अर्द्ध-घुमंतू समुदायों के सशक्तीकरण एवं उत्थान की दृष्टि से 'दादूदयाल घुमन्तू सशक्तीकरण योजना' प्रारम्भ करने की घोषणा। इस पर 60 करोड़ (साठ करोड़) रुपये का व्यय प्रस्तावित है।

इसी के साथ, ऐसे परिवारों को आश्रय उपलब्ध कराने हेतु आगामी वर्ष में 25 हजार (पच्चीस हजार) पट्टे वितरित किया जाना भी प्रस्तावित है

प्रदेश में माटी कला से जुड़े कलाकारों के उत्थान के लिए प्रारम्भ की गयी योजना को और वृहद रूप देते हुए आगामी वर्ष 2 हजार Electric Wheels (इलेक्ट्रिक चाक) एवं मिट्टी गूंथने की मशीनें उपलब्ध करवायी जायेंगी।

प्रदेश के SC/ST/OBC, EWS, सफाई कर्मचारी, दिव्यांगजन आदि को आर्थिक संबल प्रदान करने की दृष्टि से अनुजा, OBC एवं अल्पसंख्यक निगमों द्वारा दिये गये ऋणों के क्रम में One Time Settlement Scheme (OTSS) लायी जानी प्रस्तावित है।

Gig Workers/Online Platform Workers को Social Security प्रदान करने के लिए गठित 'निधि' से आगामी वर्ष इन युवाओं की income में वृद्धि की दृष्टि से Language Certification Courses कराने की सुविधा निःशुल्क दिया जाना प्रस्तावित। साथ ही, इस निधि का दायरा बढ़ाते हुए Unorganised Sector के अन्य श्रमिकों को भी सामाजिक सुरक्षा Coverage प्राप्त हो सके, इस हेतु 'Gig and Unorganised Workers Development Fund' स्थापित कर 350 करोड़ रुपये का प्रावधान।

रामगंज मण्डी-कोटा, पीसांगन एवं नसीराबाद-अजमेर, सुन्दरावली-डीग में देवनारायण बालिका आवासीय विद्यालयों का निर्माण (90 करोड़ रुपये)

बांसवाड़ा, चित्तौड़गढ़, बारां, भीलवाड़ा, हनुमानगढ़, बाड़मेर, दूदू, डीग, डीडवाना, अनूपगढ़, केकड़ी, खैरथल-तिजारा, कोटपूतली-बहरोड़, शाहपुरा, सलूम्बर एवं सिरोही में विद्यालय स्तरीय सावित्री बाई फुले छात्रावास (50 करोड़ रुपये)

घुमन्तू-अर्द्ध घुमन्तू समुदाय के बच्चों के लिए केशवाना-जालोर में छात्रावास

अटरू-बारां में सहरिया बालिका छात्रावास तथा झलाई (सीमलवाड़ा)-डूंगरपुर में जनजाति आश्रम छात्रावास

बालिका गृहों में निवासरत बालिकाओं के 18 (अठारह) वर्ष पूर्ण करने के बाद भी उन्हें handholding की आवश्यकता होने पर सुविधा प्रदान करने की दृष्टि से सभी संभागीय मुख्यालयों पर 50 Bedded सरस्वती Half Way Homes स्थापित किये जाने प्रस्तावित हैं।

प्रदेश में देखरेख एवं संरक्षण की आवश्यकता वाली बालिकाओं के लिए 10 जिला मुख्यालयों पर Girl Child Care Institutes स्थापित किये जाने प्रस्तावित हैं।

छात्राओं में आत्मरक्षा एवं स्वाभिमान की भावना जाग्रत करने के लिए 34 (चौंतीस) महाविद्यालयों में स्थापित रानी लक्ष्मी बाई केन्द्रों की सफलता एवं छात्राओं की रुचि को देखते हुए प्रत्येक Block पर एक उच्च माध्यमिक विद्यालय अथवा महाविद्यालय में रानी लक्ष्मी बाई केन्द्र स्थापित किये जाने की घोषणा।

बालिकाओं को शिक्षा के क्षेत्र में प्रोत्साहन दिये जाने हेतु उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा तथा कालीबाई योजना के अन्तर्गत 35 हजार Scooty वितरित किये जाने की घोषणा।

प्रदेश की महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण व आजीविका संवर्धन हेतु राजीविका मिशन के अंतर्गत महिलाओं को लखपति दीदी की श्रेणी में लाये जाने का लक्ष्य बढ़ाकर 20 लाख किये जाने की घोषणा।

राजस्थान महिला निधि क्रेडिट कॉपरेटिव सोसायटी लिमिटेड का Non Banking Financial Company/Corporation के रूप में उन्नयन किया जाना प्रस्तावित है। इसके माध्यम से लखपति दीदी की श्रेणी में आने वाली स्वयं सहायता समूह की सदस्यों को,

2.5 प्रतिशत से घटाकर 1.5 प्रतिशत ब्याज दर पर एक लाख रुपये तक के ऋण उपलब्ध करवाये जाने की घोषणा। आगामी वर्ष 3 लाख लखपति दीदियों को इस योजना से लाभान्वित किया जाना प्रस्तावित है।

स्वस्थ शिशु के जन्म हेतु राज्य के आंगनबाड़ी केन्द्रों पर गर्भवती महिलाओं को अन्तिम 5 महीनों के लिए अतिरिक्त पोषण हेतु मुख्यमंत्री सुपोषण Nutri-Kit योजना लागू किये जाने की घोषणा । इससे लगभग 2 लाख 35 हजार (दो लाख पैंतीस हजार) महिलायें लाभान्वित होंगी। इस पर लगभग 25 करोड़ (पच्चीस करोड़) रुपये का व्यय होगा।

मुख्यमंत्री अमृत आहार योजना के माध्यम से आंगनबाड़ी पर आने वाले 3 से 6 वर्ष के बच्चों को अतिरिक्त पोषण हेतु सप्ताह में 3 दिवस दूध उपलब्ध करवाने की व्यवस्था की गयी है। आगामी वर्ष से इस योजना के अन्तर्गत आंगनबाड़ी पर सप्ताह में 5 दिवस दूध उपलब्ध करवाये जाने की घोषणा। इससे 200 करोड़ रुपये से अधिक का भार आयेगा।

प्रदेश में खाद्य सुरक्षा का लाभ वास्तविक जरूरतमंद परिवारों को प्राप्त हो सके, इस दृष्टि से 10 लाख नवीन Units NFSA लाभान्वित के रूप में जोड़ा जाना प्रस्तावित है। इस प्रकार समस्त सामाजिक सुरक्षा पेंशनर्स को NFSA के अन्तर्गत राशन उपलब्ध करवाया जाना सम्भव हो सकेगा।

अल्प आय वर्ग के परिवारों को भी रोजमर्रा की आवश्यकता का सामान उचित मूल्य पर मिल सके, इस हेतु 5 हजार उचित मूल्य की दुकानों पर ‘अन्नपूर्णा भण्डार’ खोले जाने प्रस्तावित हैं।

कानून व्यवस्था :

प्रदेशवासियों को Cyber Crime एवं Organised Crime पर भी प्रभावी अंकुश लगाकर निर्भीक जीवन जीने का ecosystem /वातावरण मिल सके। माननीय प्रधानमंत्री जी ने इस उद्देश्य से 'SMART Policing' का मंत्र दिया है। जहाँ SMART का अभिप्राय है- S for Strategic M for Meticulous A for Adaptable R for Reliable T for Transparent.

इस guiding principle को आत्मसात करते हुए प्रदेश में Surveillance एवं सुरक्षा तंत्र सुदृढ़ करने के लिए मैं, 'राजस्थान नागरिक सुरक्षा अधिनियम' लाने की घोषणा।

संवेदनशील स्थानों पर राज्यस्तरीय अभय कमांड सेन्टर के माध्यम से पुलिस बल की त्वरित पहुंच सुनिश्चित करने की दृष्टि से 2 वर्षों में एक हजार वाहन उपलब्ध करवाये जाने कीघोषणा। साथ ही, आगामी वर्ष 3 हजार 500 (तीन हजार पाँच सौ) नवीन पुलिस पद सृजित किये जाना भी प्रस्तावित है।

पुलिस मुख्यालय, जयपुर के अन्तर्गत Sardar Patel Centre for Cyber Control and War-Room की स्थापना 350 करोड़ रुपये व्यय कर किये जाने की घोषणा।

अपराधों में संलिप्त रहे किशोर बालकों में सुधार हेतु जयपुर में किशोर सुधार गृह

कारागार में अवैध मोबाइल सिग्नल रोकने हेतु 7 केन्द्रीय कारागृहों में T-HCBS (टॉवर-हार्मोनियस कॉल ब्लॉकिंग सिस्टम) प्रणाली

अवैध रूप से Overstay करने वाले विदेशियों एवं अवैध प्रवासियों के लिए 100 बंदी क्षमता का 10 करोड़ रुपये की लागत से Detention Centre

जेल विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों को प्रशिक्षण उपलब्ध कराने हेतु कारागार प्रशिक्षण संस्थान-अजमेर का Rajasthan Institute of Correctional Administration and Research के रूप में क्रमोन्नयन

उदयपुर, अजमेर, सीकर, झुंझुनूं में खुला बंदी शिविर (पेट्रोल पम्प)

सुशासन :

सरकार माननीय प्रधानमंत्री जी द्वारा सुशासन की अवधारणा को स्थापित करने के लिए दिये गये सूत्र 'P2-G2 : Pro Poor Proactive Good Governance' को आधार बनाते हुए प्रदेश के कोने-कोने में प्रशासन की पहुँच सुनिश्चित करने के साथ ही नवीन तकनीक का उपयोग करते हुए विभिन्न विभागों के माध्यम से दी जाने वाली सुविधाओं को अन्तिम छोर पर खड़े व्यक्ति/परिवार तक पहुँचाने का कार्य कर रही है।

माननीय मुख्यमंत्री, श्री भजनलाल शर्मा जी द्वारा 25 दिसम्बर, 2024 (दो हजार चौबीस) को ‘सुशासन दिवस’ के अवसर पर प्रत्येक पंचायत मुख्यालय पर चरणबद्ध रूप से अटल ज्ञान केन्द्र बनाने की घोषणा की थी। इन ज्ञान केन्द्रों में प्रेरकों द्वारा युवाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण एवं e-Library की व्यवस्था के साथ-साथ आमजन को विभिन्न विभागों की सेवायें सुलभ करवाने की व्यवस्था की जायेगी। इस क्रम में, आगामी वर्ष प्रथम चरण में 3 हजार से अधिक जनसंख्या वाले पंचायत मुख्यालयों में मैं, अटल ज्ञान केन्द्र स्थापित करने की घोषणा ।

महत्वपूर्ण निर्णयों में संवैधानिक मूल्यों की अनुपालना की दृष्टि से सभी Stake Holders की Capacity Building सुनिश्चित करने हेतु Dr. Bhimrao Ambedkar Law University, जयपुर के अन्तर्गत Ambedkar Institute of Constitutional Studies and Research की स्थापना की घोषणा।

दण्ड के स्थान पर न्याय को महत्व देते हुए केन्द्र के जन विश्वास अधिनियम की तर्ज पर राज्य के अधिनियमों को de-criminalise करने तथा redundant प्रावधानों को विलोपित करने की दृष्टि से लोक विश्वास अधिनियम लाया जाना प्रस्तावित है।

प्रदेश के कोने-कोने में e-Governance के माध्यम से सरकारी

सेवाओं को सुलभ रूप से पहुँचाने की दृष्टि से Digital Infrastructure को और अधिक सुरक्षित एवं सुदृढ़ करने हेतु 400 करोड़ रुपये से नवीनतम तकनीक आधारित RajNET 2.0 स्थापित किये जाने की घोषणा। RajNET 2.0 के माध्यम से Connectivity की क्षमता में दोगुनी वृद्धि किया जाना प्रस्तावित है।

इसके साथ ही, RajNET को Bharat-NET से जोड़ते हुए चरणबद्ध रूप से समस्त प्राथमिक चिकित्सा केन्द्रों तथा उच्च माध्यमिक विद्यालयों में Broadband Connectivity उपलब्ध करवायी जायेगी।

विभिन्न विभागों की सेवायें online माध्यम से निर्बाध रूप से उपलब्ध हो सकें, इस दृष्टि से 500 करोड़ रुपये व्यय कर Disaster Recovery Data Centre, जोधपुर में स्थापित करना प्रस्तावित है।

प्रदेश में Frontier Technologies से सम्बन्धित Research and Development के लिए 300 करोड़ रुपये के प्रावधान से Brahmagupta Centre of Frontier Technologies की स्थापना की घोषणा।

मिनी सचिवालय-कोटा

जन समस्याओं का प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने हेतु प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में विधायक जनसुनवाई केन्द्र MLALAD योजना के अन्तर्गत 10 लाख रुपये का प्रावधान कर स्थापित किया जाना प्रस्तावित है।

Revision Complete!

अब देखते हैं कितना याद रहा — इस topic के MCQ solve करो।

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