PYQ Practice
77 Questions · 8 Pages
1947 में भारत के विभाजन के बाद निम्नलिखित में से कौन सा पुरातात्विक स्थल भारत के तरफ के क्षेत्र में रह गया -
नीचे दो कथन दिए गए हैं : कथन (I): सिंधु सरस्वती सभ्यता के प्रमुख स्थल हड़प्पा, मोहन-जो-दड़ो और बहावलपुर अब पाकिस्तान में हैं। कथन (II): कालीबंगा, राखीगड़ी, धौलावीरा, रानोपुर और लोथाल भारत में हैं। उपर्युक्त कथनों के आलोक में निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें :
नीचे दो कथन दिए गए हैं : कथन- I : सिन्धु सरस्वती सभ्यता नगर योजना हेतु प्रसिद्ध थी। कथन- II : उन्नत सिन्धु सरस्वती सभ्यता का विकास सिन्धुघाटी की सहायक नदियों और सरस्वती नदी क्षेत्र के किनारे हुआ था। उपरोक्त कथन के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :
हड़प्पा की कृषि तकनीकों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार करें। I. टेराकोटा मॉडल के हल चोलिस्तान और बनावली (हरियाणा) में पाए गए हैं। II. कालीबंगन (राजस्थान) में एक जुता हुआ खेत, प्रारंभिक हड़प्पा स्तरों से संबंधित है। नीचे दिए गए कोड का उपयोग करके सही उत्तर चुनें।
सिन्धु सरस्वती सभ्यता का कौन सा पुरातात्विक स्थल पाकिस्तान में है? निम्न में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें:
निम्नलिखित में से किसके द्वारा ‘सुरकोटड़ा’ नामक हड़प्पा संस्कृति के स्थल की खोज की गई थी -
हड़प्पा काल में दो सीमा चौकियाँ अफगानिस्तान तथा मध्य एशिया में क्रमश: कहाँ थीं -
मोहनजोदड़ो से एक सील प्राप्त हुई है जिसमें एक पुरुष ध्यान की मुद्रा में बैठा है, उसके सिर पर तीन सींग हैं व उसके चारों तरफ गैंडा, भैंसा, हाथी, व्याघ्र व हिरण विराजमान हैं इस सील को किस भारतीय देवता का रूप माना गया है-
निम्न में से किस हडप्पाकालीन स्थल से सूचना पट्ट अभिलेख का साक्ष्य मिलता है -
नर्तकी की कांस्य मूर्ति निम्नलिखित में से किस पुरातात्विक स्थल से प्राप्त हुई थी -