⚡ RajRevision

RPSC & RSMSSB PYQ Practice

वैदिक काल PYQ in Hindi - पेज 2

इस पेज पर India GK के वैदिक काल से संबंधित पिछले वर्षों में पूछे गए महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ) उत्तर और व्याख्या सहित दिए गए हैं। कुल 60 प्रश्नों में से यह पेज 2 है।

11

नासदीय सूक्त निम्नलिखित किस वेद से संबंधित है -

📋 पूछा गया: School Lecturer 2022 History (Group - C)
Aऋग्वेद
Bसामवेद
Cयजुर्वेद
Dअथर्ववेद

सही उत्तर: ऋग्वेद

📋

स्रोत: School Lecturer 2022 History (Group - C)

12

ऋग्वैदिक काल के विषय में कौन से कथन सत्य हैं - (I) सोम एक पौधा था । (II) ब्रह्मा, विष्णु व महेश प्रमुख देवता थे। (III) सूक्त का मतलब, अच्छी तरह से बोला गया था। (IV) उपनिषद् व आरण्यक ग्रंथ रचे गये थे। (V) इन्द्र युद्ध का प्रमुख देवता नहीं था।

📋 पूछा गया: REET-2022 Level 2 (सामाजिक अध्ययन) Shift-II
AI, III
BII, IV
CIV, V
DI, V

सही उत्तर: I, III

📋

स्रोत: REET-2022 Level 2 (सामाजिक अध्ययन) Shift-II

13

निम्नलिखित नदियों में से किसे प्राचीन साहित्य में ‘पुरुषणी’ कहा गया था -

📋 पूछा गया: Lab Assistant Exam 2022 (Science) 28 June 2022 Paper-1
Aरावी
Bसतलुज
Cचेनाब
Dब्यास

सही उत्तर: रावी

व्याख्या (Explanation)

आधुनिक नाम ऋग्वेदिक नाम चेनाब अस्किनी रावी पुरुषणी झेलम वितस्ता व्यास विपाशा

📋

स्रोत: Lab Assistant Exam 2022 (Science) 28 June 2022 Paper-1

14

निम्नलिखित में से किसमें न केवल स्तोत्र हैं बल्कि तत्कालीन सामाजिक और राजनीतिक वातावरण को दर्शाते हुए उनके पाठ के साथ अनुष्ठान भी हैं -

📋 पूछा गया: Police Constable Exam (02 July 2022) (Re Exam)
Aसामवेद
Bअथर्ववेद
Cऋग्वेद
Dयजुर्वेद

सही उत्तर: यजुर्वेद

व्याख्या (Explanation)

यजुर्वेद में न केवल स्तोत्र (मंत्र) हैं, बल्कि इसमें तत्कालीन सामाजिक और राजनीतिक वातावरण को दर्शाते हुए अनुष्ठानों का भी वर्णन है। यजुर्वेद मुख्य रूप से कर्मकांड और यज्ञों के अनुष्ठानों से संबंधित है।

📋

स्रोत: Police Constable Exam (02 July 2022) (Re Exam)

15

गंधर्व वेद कहलाने वाला संगीत विज्ञान ______ का एक उपवेद है।

📋 पूछा गया: Police Constable Exam (14 May 2022 Shift-1)
Aसामवेद
Bयजुर्वेद
Cऋग्वेद
Dअथर्ववेद

सही उत्तर: सामवेद

📋

स्रोत: Police Constable Exam (14 May 2022 Shift-1)

16

निम्न को सुमेलित कीजिए – कॉलम -I (I) होता (II) उद्गाता (III) अध्वर्यु (IV) पुरोहित कॉलम – II (A) यज्ञ सम्पन्न करने वाला प्रमुख पुरोहित (B) ऋग्वेद की ऋचाओं का पाठ करने वाला (C) सामवेद के छंदों का गायन करने वाला (D) यजुर्वेद के मंत्रों का पठन करने वाला

📋 पूछा गया: RSMSSB VDO Mains 2022
AI-(A), II-(C), III-(D), IV-(B)
BI-(B), II-(C), III-(D), IV-(A)
CI-(B), II-(A), III-(D), IV-(C)
DI-(B), II-(D), III-(C), IV-(A)

सही उत्तर: I-(B), II-(C), III-(D), IV-(A)

📋

स्रोत: RSMSSB VDO Mains 2022

17

वैदिक कालके बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार किजिए: 1. गृहस्थ आश्रम अन्य सभी आश्रमों का पोषक था 2. ग्राम के अधिकारी को ‘ग्रामणी’ कहा जाता था 3. व्यापारी वर्ग को ‘विश’ कहा जाता था उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं -

Aकेवल 1
B1, 2
C1, 3
D1, 2, 3

सही उत्तर: 1, 2

व्याख्या (Explanation)

वैदिक काल में गृहस्थ आश्रम को सबसे महत्वपूर्ण माना जाता था क्योंकि यह अन्य आश्रमों (ब्रह्मचर्य, वानप्रस्थ, संन्यास) का आर्थिक और सामाजिक आधार था। ग्राम का अधिकारी ‘ग्रामणी’ कहलाता था। “विश” का अर्थ व्यापारी वर्ग नहीं, बल्कि शेष जनता या वैश्य वर्ण था। व्यापारियों को पणि कहा जाता था।

18

मत्स्य महाजनपद की राजधानी कौन सी थी -

Aविराटनगरी
Bशक्तिमती
Cपाटन
Dउज्जयिनी

सही उत्तर: विराटनगरी

19

महाभारत के अनुसार, किस महाजनपद में पांडवों ने अज्ञातवास के समय जीवनयापन किया था -

📋 पूछा गया: Raj Police Constable Exam (8 Nov 2020 S-1)
Aकुरु
Bकौशल
Cमल्ल
Dमत्स्य

सही उत्तर: मत्स्य

📋

स्रोत: Raj Police Constable Exam (8 Nov 2020 S-1)

20

निम्न को सुमेलित करें : a. न्याय 1. कणाद b. वैशेषिक 2. शंकराचार्य c. योग 3. गौतम d. वेदांत 4. पतंजलि दिए गए कूटों के आधार पर सही उत्तर चुनें। कूट : a b c d

📋 पूछा गया: Rajasthan Patwar 2021 (24 Oct 2021 ) 1st shift
A3 4 1 2
B3 1 4 2
C2 3 4 1
D4 1 2 3

सही उत्तर: 3 1 4 2

व्याख्या (Explanation)

महर्षि कणाद वैशेषिक नामक वैदिक दर्शनशास्त्र के संस्थापक थे। इस सिद्धांत के अनुसार, भौतिक दुनिया की प्रत्येक वस्तु एक निश्चित संख्या के अणुओं से बनी है। कणाद ने परमाणुओं को अविनाशी कण माना और कहा कि वे दो अवस्थाओं में हो सकते हैं: पूर्ण विश्राम और गति। आदि शंकराचार्य ने अद्वैत वेदांत की स्थापना की, जो वेदांत दर्शन की एक शाखा है। अद्वैत वेदांत का अर्थ है एक तत्व। आदि शंकराचार्य के अनुसार, ब्रह्म (निर्गुण ईश्वर) ही एकमात्र सत्य है और आत्मा ब्रह्म का ही रूप है। गौतम न्याय दर्शन के प्रवर्तक थे। उन्होंने न्याय सूत्र की रचना की, जो न्याय दर्शन का सबसे प्राचीन ग्रन्थ है। न्याय सूत्र छठी शताब्दी ईसा पूर्व और दूसरी शताब्दी ईस्वी के बीच लिखा गया था। महर्षि पतंजलि एक प्रसिद्ध चिकित्सक और रसायन विज्ञान के आचार्य थे। उन्हें आयुर्वेदिक ग्रंथ चरक संहिता का जनक माना जाता है। पतंजलि को दुनिया का पहला योग गुरु माना जाता है।

📋

स्रोत: Rajasthan Patwar 2021 (24 Oct 2021 ) 1st shift

थ्योरी का रिवीजन करें? 📖

इस टॉपिक के विस्तृत नोट्स पढ़ने के लिए वापस जाएँ

नोट्स पढ़ें →
🏠HomeFast Notes🎯PYQ Trend📄Exams