PYQ Practice
66 Questions · 7 Pages
मौर्य काल के प्रशासन के बारें में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए : 1. ‘कुशीलन’ का सम्बंध न्यायालय से था। 2. 100 ग्रामों की इकाई को ‘स्थानीय’ कहा जाता था। 3. ‘सन्निधाता’ राज्य का कोषाध्यक्ष था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं ?
अशोक के किस शिलालेख में उसके सुदूर प्रदेशों में ‘धम्म विजय’ का उल्लेख मिलता है -
मौर्यकाल में ताँबे के सिक्के को क्या कहा जाता था -
अधोलिखित में से कौन-सा केन्द्र मौर्य साम्राज्य का प्रमुख राजनीतिक केन्द्र नहीं था ?
अशोक के अधिकांश शिलालेख किस लिपि में लिखे गए हैं -
सूची-I (पुरावशेष) सूची-II (स्थान) A. प्रस्तर हाथी a. साँची B. चतुष्पक्षीय सिंह b. सारनाथ C. शुंग-कण्व नक्काशी c. धौली D. भव्य प्रवेश द्वार d. भरहुत कूट : A B C D
मौर्यकालीन प्रशासनिक प्रणाली में निम्नलिखित में से राजस्व वसूली का प्रभारी कौन था जोकि आय का लेखा रखता था -
चन्द्रगुप्त ने नंदवंश के किस शासक को पराजित कर मौर्य वंश की स्थापना की -
कौटिल्य के अर्थशास्त्र में वर्णित ‘प्रणय कर’ का अर्थ था-
“सारनाथ स्तम्भ” जिसे अशोक-स्तम्भ भी कहते हैं में कौन- 1 कौनसे पशुओं की आकृतियाँ उत्कीर्ण हैं- (A) हाथी, अश्व (B) बैल व गाय (C) सिंह व खरगोश (D) बैल व सिंह कूट-