गुप्तोत्तर काल में भूमि का स्वामित्व किसके हाथ में था -
सही उत्तर: ग्रामसभा
RPSC & RSMSSB PYQ Practice
इस पेज पर India GK के गुप्तोत्तर काल से संबंधित पिछले वर्षों में पूछे गए महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ) उत्तर और व्याख्या सहित दिए गए हैं। कुल 20 प्रश्नों में से यह पेज 2 है।
गुप्तोत्तर काल में भूमि का स्वामित्व किसके हाथ में था -
सही उत्तर: ग्रामसभा
नालंदा विहार का खर्च चलता था -
सही उत्तर: कराधान से
व्याख्या (Explanation)
नालंदा की स्थापना गुप्त साम्राज्य के सम्राट कुमारगुप्त प्रथम ने की थी, और इसे कई भारतीय और जावानीस संरक्षकों - बौद्ध और गैर-बौद्ध दोनों - का समर्थन प्राप्त था। नालंदा विहार (नालंदा विश्वविद्यालय) का खर्च मुख्य रूप से कराधान से उत्पन्न राजस्व द्वारा समर्थित था।
किस काल में भूमिदान की प्रक्रिया तीव्र हुयी -
सही उत्तर: गुप्तोत्तर काल
बाणभट्ट किसके दरबारी थे -
सही उत्तर: हर्षवर्द्धन
मामल्लपुरम् के रथ किस शैली के प्रतीक है -
सही उत्तर: पल्लव शैली
व्याख्या (Explanation)
पल्लव राजा महेन्द्र वर्मन के समय वास्तुकला में ‘मंडप’ निर्माण प्रारंभ हुआ। राजा नरसिंह वर्मन ने चिंगलपेट में समुद्र किनारे महाबलीपुरम उर्फ मामल्लपुरम नामक नगर की स्थापना की और ‘रथ’ निर्माण का शुभारंभ किया। पल्लव काल में रथ या मंडप दोनों ही प्रस्तर काटकर बनाए जाते थे।
त्रिकोणीय संघर्ष में किसकी विजय हुई -
सही उत्तर: प्रतिहारों की
निम्न में से कौन नालन्दा विश्वविद्यालय आया और वहां पर शिक्षा प्राप्त की थी -
सही उत्तर: ह्वेनसांग
रथ मंदिर बने थे -
सही उत्तर: पल्लवों के समय
ऐहोल अभिलेख में किस युद्ध का वर्णन है -
सही उत्तर: हर्ष-पुलकेशियन 2 युद्ध का
हर्ष के शासन काल में भू-राजस्व का आधार था -
सही उत्तर: भूमि का प्रकार