PYQ Practice
60 Questions · 6 Pages
निम्नलिखित में से किस राज्य को असम में से अलग कर के बनाया गया था?
नीचे दो कथन दिए गए हैं: कथन (I) : भारत की स्वतंत्रता के बाद रियासतों के कई शासक संविधान सभा में जुड़ने के विरुद्ध थे। कथन (II) : शाही रजवाड़ों की इस अनुक्रिया का अर्थ था कि स्वतंत्रता के बाद एक बड़ी संभावना थी कि भारत कई छोटे देशों में बँट जाता। उपरोक्त कथनों के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें:
ब्रिटिश काल में कौन-सा भारतीय राज्य ‘त्रावणकोर का रियासती राज्य’ के रूप में जाना जाता था -
निम्नलिखित में से किसने भाषायी आधार पर प्रांतों के पुनः विवरण को ‘राष्ट्रीयता की हत्या’ के समान बताया -
स्वतंत्रता से-कुछ दिन पहले, मणिपुर के महाराजा, ____ ने, मणिपुर की आंतरिक स्वायत्तता को बनाए रखने के आश्वासन पर भारत सरकार के साथ विलय पत्र पर हस्ताक्षर किए।
अगस्त 1953 में भारत सरकार द्वारा गठित किये गये राज्य पुनर्गठन आयोग के निम्नलिखित में से कौन, सदस्य थे - (i) सर तेज बहादुर सप्रू (ii) जस्टिस फजल अली (iii) के. एम. पन्निकर (iv) हृदयनाथ कुंजरु नीचे दिये गये कूट का प्रयोग करके सही उत्तर का चयन कीजिए:
15 अगस्त, 1947 ई. तक भारत में शामिल नहीं होने वाली रियासतें थी-
राज्य पुनर्गठन आयोग के अध्यक्ष कौन थे -
दादरा और नगर हवेली तथा दमन दीव दोनों संघ शासित प्रदेशों का विलय संविधान के किस अनुच्छेद के तहत् हुआ -
राज्य पुनर्गठन आयोग की नियुक्ति कब की गई-