नारियों द्वारा शिकार करते हुए चित्रण किस चित्रकला शैली की विशेषता है?
सही उत्तर: कोटा शैली
स्रोत: VDO Exam 2nd Shift 27 Dec 2021
RPSC & RSMSSB PYQ Practice
इस पेज पर Rajasthan GK के राजस्थान की चित्र शैलियां से संबंधित पिछले वर्षों में पूछे गए महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ) उत्तर और व्याख्या सहित दिए गए हैं। कुल 301 प्रश्नों में से यह पेज 15 है।
नारियों द्वारा शिकार करते हुए चित्रण किस चित्रकला शैली की विशेषता है?
सही उत्तर: कोटा शैली
स्रोत: VDO Exam 2nd Shift 27 Dec 2021
कमला और इलाइची किस चित्रकला शैली की अग्रगण्य महिला चित्रकार हैं -
सही उत्तर: नाथद्वारा
स्रोत: VDO Exam 1st Shift 27 Dec 2021
निम्नलिखित में से कौन सा (शासक – चित्रकला शैली) सही सुमेलित नहीं है -
सही उत्तर: विजयसिंह – देवगढ़
स्रोत: VDO Exam 1st Shift 27 Dec 2021
निम्नलिखित में से कौन सी चित्रकला शैली राजस्थान से संबंधित नहीं थी -
सही उत्तर: कांगड़ा
व्याख्या (Explanation)
कांगड़ा चित्रकला शैली, हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा ज़िले से जुड़ी है।
स्रोत: Raj Police Constable Exam (6 Nov 2020 S-2)
चावंड शैली की चित्रकला किसके शासन काल में प्रारंभ हुई -
सही उत्तर: प्रताप
व्याख्या (Explanation)
चावंड शैली की चित्रकला, मेवाड़ के महाराणा प्रताप और अमर सिंह प्रथम के शासनकाल में शुरू हुई थी।
चित्रकला शैली बनी-ठनी या (बणी-ठणी) निम्नलिखित में से किससे संबंधित है -
सही उत्तर: नागरी दास से
निम्नलिखित में से किस विद्वान ने राजपूत पेंटिंग पुस्तक लिखी और इसमें राजपूताना और पहाड़ी क्षेत्रों की पेंटिंग का वर्णन किया -
सही उत्तर: आनंद कुमारस्वामी
व्याख्या (Explanation)
राजपूत चित्रशैली का पहला वैज्ञानिक विभाजन आनन्द कुमार स्वामी ने किया था। उन्होंने 1916 में ‘राजपूत पेन्टिंग’ नामक पुस्तक लिखी। उन्होंने राजपूत पेन्टिंग में पहाड़ी चित्रशैली को भी शामिल किया।
किसके दरबार में निहालचंद आधिकारिक/दरबारी चित्रकार के रूप में कार्यरत थे -
सही उत्तर: सावंत सिंह
निम्नलिखित चित्रकारों को उनकी शैली/उप-शैली से मिलाएं और नीचे दिए गए कोड से सही उत्तर चुनें: (शैली / उप-शैली) (चित्रकार) A. तिजारा 1. बलदेव, गुलाम अली B. अलवर 2. साहिबराय, मुहम्मद शाह C. जयपुर 3. नन्दराम, जमुनादास D. किशनगढ़ 4. मूलराज, भिकचंद
सही उत्तर: A - 3, B - 1, C - 2, D - 4
व्याख्या (Explanation)
अलवर शैली : राव विनय सिंह का समय अलवर की चित्रकला का स्वर्ण काल था। बलदेव ने गुलिस्ता नामक पुस्तक का चित्रण किया था। मूलचंद नामक चित्रकार हाथी दांत पर चित्रकारी करता था। आमेर/जयपुर शैली : मानसिंह के समय प्रारंभ हुई थी। मानसिंह के पश्चात मिर्जा राजा जयसिंह ने आमेर चित्र शैली के विकास में योगदान दिया। ईश्वरी सिंह के समय साहिब राम ने आदम कद चित्रण प्रारंभ किया। राजा प्रताप सिंह का समय चित्रकला का स्वर्ण काल था। इस समय लालचंद नामक चित्रकार पशुओं की लड़ाई के चित्र बनाता था। किशनगढ़ शैली : इस शैली में बल्लभ संप्रदाय का प्रभाव अधिक था। वल्लभ संप्रदाय के प्रभाव के कारण भगवान श्री कृष्ण के चित्र अधिक बनाए गए। सावंतसिंह (नागरीदास) का समय किशनगढ़ चित्रकला का स्वर्ण काल था।मोरध्वज निहालचंद नामक चित्रकार ने रसिक बिहारी को राधा के रूप में चित्रित किया। किशनगढ़ चित्र शैली के प्रमुख चितेरे: नानकराम, सूरध्वज मूलराज, मोरध्वज निहालचंद, सीताराम, बदनसिंह, अमरु, सूरजमल, रामनाथ जोशी, सवाईराम जोशी, लाड़लीदास, नगराम, छोटू, धन्ना, भैंरू।
राजस्थान के चित्रकला विद्यालय के संबंध में कौन-सा कथन सही नहीं है - 1. मारवाड़ चित्रकला विद्यालय मुगल शैली के प्रभाव में था। 2. बीकानेर चित्रकला विद्यालय मुगल शैली के प्रभाव में नहीं था। 3. कोटा विद्यालय में बाघ के शिकार का विषय बहुत लोकप्रिय है।
सही उत्तर: केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation)
मारवाड़ चित्रकला शैली मुगल शैली के प्रभाव में नहीं थी। बीकानेर चित्रकला शैली मुगल शैली के प्रभाव में थी।