थेवा कला का केन्द्र है -
सही उत्तर: प्रतापगढ़
स्रोत: Agriculture Officer - 2 0 1 1
RPSC & RSMSSB PYQ Practice
इस पेज पर Rajasthan GK के राजस्थान की हस्तकला / हस्तशिल्प से संबंधित पिछले वर्षों में पूछे गए महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ) उत्तर और व्याख्या सहित दिए गए हैं। कुल 311 प्रश्नों में से यह पेज 22 है।
थेवा कला का केन्द्र है -
सही उत्तर: प्रतापगढ़
स्रोत: Agriculture Officer - 2 0 1 1
गलीचा निर्माण हेतु प्रसिद्ध है -
सही उत्तर: जयपुर
स्रोत: Asst. Agriculture Officer - 2011
‘अजरख’ प्रिन्ट हेतु मुख्यतः प्रसिद्ध है -
सही उत्तर: बाड़मेर
स्रोत: Asst. Agriculture Officer - 2011
कठपुतलियों का निर्माण मुख्य रूप से होता है -
सही उत्तर: उदयपुर
स्रोत: Asst. Agriculture Officer - 2011
राजस्थान में हाथी दांत की कलात्मक चूड़ियां बनाने का प्रमुख केन्द्र है -
सही उत्तर: जयपुर
व्याख्या (Explanation)
गलीचे, संगमरमर की मूर्तियां, रत्नाभूषण, मीनाकारी, लाख का काम, हाथीदांत की वस्तुएं, मुरादाबादी/शाह कलम, कुन्दन ब्लू पाॅटरी, पाव रजाई, पन्नीगरी, गंगा-जमुनी, कारचोब, जरदोजी, कलाबतु, लहरिया व पोमचा आदि का कार्य जयपुर में होता है।
निम्न में से राजस्थान का कौन सा स्थान ब्लैक पाॅटरी के लिए प्रसिद्ध है -
सही उत्तर: सवाई माधोपुर
सूची-1 को सूची-2 के साथ सुमेलित कीजिए और सूचियों के नीचे दिये गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए - सूची-1 सूची-2 अ. थेवा कला 1. जयपुर ब. टेराकोटा 2. बीकानेर स. मथैरणा कला 3. मोलेला द. ब्लू पाटरी 4. प्रतापगढ़ अ, ब, स, द
सही उत्तर: 4, 3, 2, 1
ऊंट की खाल पर सोन-चांदी से की जाने वाली कलात्मक नक्काशी कहलाती है -
सही उत्तर: उस्त-कला
राजस्थान में मीनाकारी की ‘थेवाकला’ के लिए कौन-सा स्थान प्रसिद्ध है -
सही उत्तर: प्रतापगढ़
मोकड़ी किस कहते हैं -
सही उत्तर: लाख की चूड़ियों को
व्याख्या (Explanation)
लाख से बनी चूड़ियों को मोकड़ी कहा जाता है। जयपुर एवं जोधपुर इस कला के प्रसिद्ध केन्द्र हैं, जबकि करौली जिले में लाख की चूड़ियों पर कांच की सजावट की जाती है।