‘बारह कोटड़ी’ नामक सामंती व्यवस्था का संबंध किस राज्य से था -
सही उत्तर: आमेर
RPSC & RSMSSB PYQ Practice
इस पेज पर Rajasthan GK के राजस्थान का इतिहास जानने के स्त्रोत से संबंधित पिछले वर्षों में पूछे गए महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ) उत्तर और व्याख्या सहित दिए गए हैं। कुल 276 प्रश्नों में से यह पेज 28 है।
‘बारह कोटड़ी’ नामक सामंती व्यवस्था का संबंध किस राज्य से था -
सही उत्तर: आमेर
मध्यकालीन राजस्थान में जब्ती एक प्रणाली थी -
सही उत्तर: भू-लगान निर्धारण की एक विधि
व्याख्या (Explanation)
दहसला प्रणाली या ज़बती प्रणाली (भूमि राजस्व प्रणाली) राजा टोडरमल द्वारा शुरू की गई थी, जो उस समय अकबर के वित्त मंत्री थे।
निम्न में से कौनसा कथन सही नहीं है -
सही उत्तर: चरणौत भूमि पर राजा का नियंत्रण होता था
व्याख्या (Explanation)
भूमि दो प्रकार की होती थी – कृषि भूमि और चरनोता भूमि। कृषि भूमि वह थी जो कि खेती योग्य हो, और चरनोता भूमि पर पशुओं के लिये चारा उगाया जाता था, जिसे आधुनिक राजस्व भाषा में चरागाह या गोचर भूमि कहा जाता है। वस्तुतः चरनोत भूमि सार्वजनिक भूमि थी। शासक उसे खालसा नहीं कर सकता था, और चरनोत भूमि पर शिकार करने का अधिकार किसी को नहीं था, भूमि एवं लगान सम्बन्धित विवाद ग्राम पंचायत में सुलझाये जाते थे। खालसा भूमि सीधे राजा के नियंत्रण में होती थी।
‘चार बांस चौबीस गज, अंगुल अष्ट प्रमाण’ विरोक्त थी -
सही उत्तर: चन्दरबरदाई
‘पृथ्वीराज विजय’ का लेखक कौन है-
सही उत्तर: जयानक
किस शिलालेख में चौहानों को ‘वत्सगोत्र’ ब्राह्मण कहा गया है -
सही उत्तर: बीजौलिया शिलालेख