वंश भास्कर के लेखक है -
सही उत्तर: सूर्यमल्ल मिश्रण
व्याख्या (Explanation)
वंश भास्कर के लेखक सूर्यमल्ल मिश्रण हैं। यह एक संस्कृत ग्रंथ है जो 19वीं शताब्दी में लिखा गया था।
स्रोत: School Lecturer 2022 Gk (G-B)
RPSC & RSMSSB PYQ Practice
इस पेज पर Rajasthan GK के राजस्थान का इतिहास जानने के स्त्रोत से संबंधित पिछले वर्षों में पूछे गए महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ) उत्तर और व्याख्या सहित दिए गए हैं। कुल 276 प्रश्नों में से यह पेज 8 है।
वंश भास्कर के लेखक है -
सही उत्तर: सूर्यमल्ल मिश्रण
व्याख्या (Explanation)
वंश भास्कर के लेखक सूर्यमल्ल मिश्रण हैं। यह एक संस्कृत ग्रंथ है जो 19वीं शताब्दी में लिखा गया था।
स्रोत: School Lecturer 2022 Gk (G-B)
‘अर्ली चौहान डायनेस्टीज़’ पुस्तक के लेखक है -
सही उत्तर: दशरथ शर्मा
व्याख्या (Explanation)
राजस्थान के इतिहास पर काम करने वाले प्रमुख इतिहासकारों में से एक दशरथ शर्मा द्वारा लिखित प्रमुख पुस्तक ‘अर्ली चौहान डाइनेस्टीज’ है।
स्रोत: School Lecturer 2022 Gk (G-A)
किस ताम्रपत्र से रानी कर्मावती के जौहर का पता चलता है -
सही उत्तर: पुर ताम्रपत्र
व्याख्या (Explanation)
पुर का ताम्र-पत्र (1535 ई.) : यह ताम्र-पत्र महाराणा श्री विक्रमादित्य के समय का है। इसमें हाड़ी रानी कमेती (कर्मावती) द्वारा जौहर में प्रवेश करते समय दिए गए भूमि अनुदान की जानकारी मिलती है। इस ताम्रपत्र से जौहर की प्रथा पर प्रकाश पड़ता है तथा चितौड़ के द्वितीय शाके का ठीक समय निर्धारित होता है।
स्रोत: Forest Guard Exam 2022 (11 DEC 2022) (evening shift)
मध्यकालीन ‘पट्टा रेख’ आप क्या समझते हैं -
सही उत्तर: पट्टा में लिखा हुआ निर्धारित कर
व्याख्या (Explanation)
पट्टे के लिए भूमि देते समय जागीर पट्टे पर दी गई भूमि से अपेक्षित राजस्व लिखता था।
स्रोत: Forest Guard Exam 2022 (11 DEC 2022) (evening shift)
निम्न में से किस प्रशस्ति के रचयिता अत्री और महेश थे -
सही उत्तर: कीर्ति स्तंभ प्रशस्ति
व्याख्या (Explanation)
कीर्तिस्तम्भ प्रशस्ति (1440-1448 ई.) चित्तौड़गढ़ : इसका प्रशस्तिकार महेश भट्ट था। यह राणा कुंभा की प्रशस्ति है। इसमें बापा से लेकर राणा कुंभा तक गुहिलों की वंशावली एवं उनकी उपलब्धियों का वर्णन है।
स्रोत: Forest Guard Exam 2022 (11 DEC 2022) (morning shift)
निम्नलिखित में से किस युद्ध को ‘मेवाड़ का मेराथन’ के नाम से जाना जाता है -
सही उत्तर: दिवेर का युद्ध
व्याख्या (Explanation)
दिवेर का युद्ध/मेवाड़ का माराथन (अक्टूबर, 1582) : ‘अमरकाव्य’ के अनुसार 1582 ई. में राणा प्रताप ने मुगलों के विरुद्ध दिवेर (कुंभलगढ़) पर जबरदस्त आक्रमण किया। यहाँ का सूबेदार अकबर का काका सेरिमा सुल्तान खां था। जब कुंवर अमरसिंह ने अपना भाला सेरिमा सुल्तान पर मारा तो भाला सेरिमा के लोहे के बख्तर को चीरते हुए उसके शरीर में प्रवेश कर पार हो गया।
स्रोत: School Lecturer 2022 History (Group - C)
निम्न में से किस रियासत से ‘सनद परवाना बहियाँ’ संबंधित थी -
सही उत्तर: जोधपुर
व्याख्या (Explanation)
सनद परवाना बहियाँ जोधपुर रियासत से संबंधित थी। सनद परवाना बहियाँ महाराजा विजयसिंह के काल के दौरान लिखी गई थीं। इन बहियों में सामाजिक अपराध और दंड के बारे में जानकारी है।
स्रोत: School Lecturer 2022 History (Group - C)
‘भारतीय प्राचीन लिपिमाला’ के प्रसिद्ध लेखक हैं -
सही उत्तर: गौरीशंकर हीराचन्द ओझा
व्याख्या (Explanation)
गौरी शंकर हीराचंद ओझा ‘भारतीय प्राचीन लिपिमाला’ के लेखक हैं। यह पुस्तक भारत के पुरालेख को समर्पित पहली पुस्तक है। वे राजस्थान के इतिहासकार थे। 1914 में उन्हें राय बहादुर की उपाधि से सम्मानित किया गया।
स्रोत: Forest Guard Exam 2022 Shift 1
निम्नलिखित में से कौन सा अभिलेख महाराणा कुम्भा के लेखन पर प्रकाश डालता है -
सही उत्तर: कीर्ति स्तंभ प्रशस्ति
व्याख्या (Explanation)
कीर्तिस्तम्भ प्रशस्ति (1440-1448 ई.) चित्तौड़गढ़ : इसका प्रशस्तिकार महेश भट्ट था। यह राणा कुंभा की प्रशस्ति है। इसमें बापा से लेकर राणा कुंभा तक गुहिलों की वंशावली एवं उनकी उपलब्धियों का वर्णन है। इसमें राणा कुंभा की उपलब्धियों एवं उसके द्वारा रचित ग्रंथों का विशद् वर्णन मिलता है।
स्रोत: Forest Guard Exam 2022 Shift 1
मौखरी यूप अभिलेख (238 ई.) निम्न में से कहाँ से प्राप्त हुए हैं -
सही उत्तर: बड़वा
व्याख्या (Explanation)
बड़वा यूप अभिलेख (238-39 ई.), कोटा : बड़वा यूप अभिलेख बड़वा ग्राम कोटा में स्थित है। इसकी भाषा संस्कृत एवं लिपि ब्राह्मी उत्तरी है। मौखरी राजाओं का यह सबसे पुराना और पहला अभिलेख है। यूप एक प्रकार का स्तम्भ है।
स्रोत: Head Master (Sanskrit Edu.) - 20211 (PAPER-I)