राजस्थान नगरपालिका अधिनियम, 2009 के प्रावधानों के अनुसार, राज्य सरकार द्वारा नगर परिषद में अधिकतम कितने व्यक्ति नाम निर्दिष्ट किये जा सकते हैं -
सही उत्तर: 8
स्रोत: RPSC Ras Pre. Exam 2021
RPSC & RSMSSB PYQ Practice
इस पेज पर Rajasthan GK के स्थानीय स्वायत्त शासन एवं पंचायती राज से संबंधित पिछले वर्षों में पूछे गए महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ) उत्तर और व्याख्या सहित दिए गए हैं। कुल 212 प्रश्नों में से यह पेज 16 है।
राजस्थान नगरपालिका अधिनियम, 2009 के प्रावधानों के अनुसार, राज्य सरकार द्वारा नगर परिषद में अधिकतम कितने व्यक्ति नाम निर्दिष्ट किये जा सकते हैं -
सही उत्तर: 8
स्रोत: RPSC Ras Pre. Exam 2021
राजस्थान में, प्रधान, पंचायत समिति के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर विचार के लिए एक बैठक आयोजित करने का कोरम वोट का हकदार व्यक्तियों की कुल संख्या का ______ होगा -
सही उत्तर: एक तिहाई (1/3)
राजस्थान में पंचायत समिति के सदस्य किसे अपना त्यागपत्र देते है -
सही उत्तर: प्रधान, पंचायत समिति
व्याख्या (Explanation)
पंचायत समिति के प्रधान के रूप में पद धारण करने वाला सदस्य किसी भी समय प्रमुख, जिला परिषद को संबोधित अपने हस्ताक्षर के तहत अपने पद से इस्तीफा दे सकता है और उप-प्रधान या पंचायत समिति का कोई सदस्य किसी भी समय अपने पद से इस्तीफा दे सकता है। प्रधान, पंचायत समिति को संबोधित स्व-हस्ताक्षरित लेख द्वारा इस्तीफा सौंप सकता है।
जिला योजना समिति में कितने निर्वाचित और पदेन सदस्य होते हैं -
सही उत्तर: 20 और 3
ग्राम सभाा में सम्मिलित हैं -
सही उत्तर: ग्राम पंचायत के समस्त मतदाता
तहसील क्षेत्र के सभी ग्रामों के रिकार्डस रखने की जिम्मेदारी किसके पास होती है -
सही उत्तर: तहसीलदार
73वें संविधान संशोधन के आधार पर राजस्थान में पंचायती राज अधिनियम कब पारित किया -
सही उत्तर: 1994
व्याख्या (Explanation)
73वें संविधान संशोधन के अनुक्रम में राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 अधिसूचित किया गया तथा राजस्थान पंचायती राज नियम, 1996 में लागू किए गए।
जिला पंचायत के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है -
सही उत्तर: एक सरकारी नियुक्त व्यक्ति, जिसे मुख्य कार्यकारी अधिकारी कहा जाता है, जिला पंचायत के सचिव के रूप में कार्य करता है और अभिलेख रखने और बनाए रखने के लिए जिम्मेदार होता है।
व्याख्या (Explanation)
जिला विकास परिषद (जिला पंचायत) पंचायती राज व्यवस्था का तीसरा स्तर है। यह एक निर्वाचित निकाय है जो सभी राज्यों में जिला स्तर पर कार्य करता है। जिला परिषद का अध्यक्ष जिला प्रमुख होता है। मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) प्रशासनिक व्यवस्था का प्रमुख होता है और उसका कार्यालय जिला परिषद की कार्यकारी शाखा बनाता है। संविधान के अनुच्छेद 243(E) या 243 (ड़) के द्वारा पंचायतों का कार्यकाल 5 वर्ष निर्धारित किया गया है। किसी कारणवश यदि 5 वर्ष से पूर्व ये संस्थाएँ भंग होती हैं तो 6 माह में चुनाव करवाना अनिवार्य होगा। किसी भी जनप्रतिनिधि के विरुद्ध 2 वर्ष से पूर्व अविश्वास प्रस्ताव नहीं लाया जा सकता।
74वें संविधान संशोधन अधिनियम ने .......... को जोड़कर नगर पालिकाओं को संवैधानिक मान्यता प्रदान की -
सही उत्तर: भाग 9-ए
नगर पालिकाओं के सदस्य कितनी अवधि के लिए चुने जाते हैं -
सही उत्तर: पांच साल
व्याख्या (Explanation)
राजस्थान नगरपालिका अधिनियम के अनुसार, नगर पालिका के सदस्यों का कार्यकाल 5 वर्ष होता है, जब तक कि समय से पहले भंग न किया जाए।