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राजस्थान का भौतिक स्वरूप PYQ in Hindi - पेज 53

इस पेज पर Rajasthan GK के राजस्थान का भौतिक स्वरूप से संबंधित पिछले वर्षों में पूछे गए महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ) उत्तर और व्याख्या सहित दिए गए हैं। कुल 557 प्रश्नों में से यह पेज 53 है।

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अरावली पर्वत के संबंध में गलत तथ्य की पहचान करें-

Aयह विश्व के प्राचीनतम पर्वतों में से एक है
Bइसकी कुल लंबाई 820 किमी. है
Cइसका अधिकांश विस्तार राज्य में है
Dइसकी सबसे ऊंची चोटी गुरूशिखर है

सही उत्तर: इसकी कुल लंबाई 820 किमी. है

व्याख्या (Explanation)

राज्य के मध्य अरावली पर्वत माला स्थित है। यह विश्व की प्राचीनतम वलित पर्वत माला है। यह पर्वत श्रृंखला श्री केम्ब्रियन (पोलियोजोइक) युग की है। यह दक्षिण -पश्चिम में गुजरात के पालनपुर से प्रारम्भ होकर उत्तर-पूर्व में दिल्ली तक लम्बी है। ये पर्वत श्रेणियाँ लगभग 692 किमी. की लम्बाई में विस्तृत है। जबकि राजस्थान में यह श्रंृखला खेडब्रहमा (सिरोही) से खेतड़ी (नीम का थाना) तक 550 कि.मी. लम्बी है जो कुल पर्वत श्रृंखला का 80 प्रतिशत है।

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लाठी सीरीज क्या है-

Aभूमिगत जल पट्टी
Bवन संरक्षण कार्यक्रम
Cसेवण घास पट्टी
Dउपयुक्त सभी

सही उत्तर: भूमिगत जल पट्टी

व्याख्या (Explanation)

जैसलमेर से पोकरण और मोहनगढ़ तक (60km) पाकिस्तानी सीमा के सहारे सहारे एक भूगर्भीय जल की चौड़ी पट्टी जिसे लाठी सीरीज क्षेत्र कहा जाता है, जहां ‘चंदन नलकूप’ पेयजल आपूर्ति के कारण ‘थार का घड़ा’ कहलाता है। लाठी सिरीज़ क्षेत्र में भूमिगत जल भंडार के कारण विकसित वनस्पति आवरण (सेवण घास) को नखलिस्तान(Oasis) कहते हैं।

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अरावली पर्वतमाला दक्षिण में कहाँ से प्रारंभ होती है-

Aखेड़ब्रह्ममस(पालनपुर)
Bमेहसाणा(गुजरात)
Cदाहोदा(गुजरात)
Dमाउण्ट आबू(सिराही)

सही उत्तर: खेड़ब्रह्ममस(पालनपुर)

व्याख्या (Explanation)

राज्य के मध्य अरावली पर्वत माला स्थित है। यह विश्व की प्राचीनतम वलित पर्वत माला है। यह पर्वत श्रृंखला श्री केम्ब्रियन (पोलियोजोइक) युग की है। यह पर्वत श्रृखला दंिक्षण-पश्चिम से उतर-पूर्व की ओर है। इस पर्वत श्रृंखला की चैडाई व ऊंचाई दक्षिण -पश्चिम में अधिक है। जो धीरे -धीरे उत्तर-पूर्व में कम होती जाती है। यह दक्षिण -पश्चिम में गुजरात के पालनपुर से प्रारम्भ होकर उत्तर-पूर्व में दिल्ली तक लम्बी है। जबकि राजस्थान में यह श्रंृखला खेडब्रहमा (सिरोही) से खेतड़ी (नीम का थाना) तक 550 कि.मी. लम्बी है जो कुल पर्वत श्रृंखला का 80 प्रतिशत है।

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80 से 120 सेमी. औसत वर्षा वाला भौतिक भाग है-

Aद. पुर्वी पठारी भाग
Bपूर्वी मैदानी क्षैत्र
Cलुनी बेसिन
Dअरावली पहाड़ी प्रदेश

सही उत्तर: द. पुर्वी पठारी भाग

व्याख्या (Explanation)

दक्षिण-पूर्व का पठारी भाग में राज्य के चार जिले कोटा, बूंदी, बांरा, झालावाड़ सम्मिलित है। इस पठारी भग की प्रमुख नदी चम्बल नदी है और इसकी सहायक नदियां पार्वती, कालीसिद्ध, परवन, निवाजइत्यादि भी इस पठारी भाग की नदीयां है। इस क्षेत्र में वर्षा का औसत 80 से 100 से.मी. वार्षिक है। राजस्थान का झालावाड़ जिला राज्य का सर्वाधिक वर्षा प्राप्त करने वाला जिला है और यह राज्य का एकमात्र अति आर्द्र जिला है। इस क्षेत्र में मध्यम काली मिट्टी की अधिकता है।

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काली मिटी राज्य के कौनसे भौतिक विभाग की विशेषता है-

Aद. पुर्वी पठारी भाग
Bलुनी बेसिन
Cपूर्वी मैदानी क्षैत्र
Dअरावली पहाड़ी प्रदेश

सही उत्तर: द. पुर्वी पठारी भाग

व्याख्या (Explanation)

दक्षिण-पूर्व का पठारी भाग में राज्य के चार जिले कोटा, बूंदी, बांरा, झालावाड़ सम्मिलित है। इस पठारी भग की प्रमुख नदी चम्बल नदी है और इसकी सहायक नदियां पार्वती, कालीसिद्ध, परवन, निवाजइत्यादि भी इस पठारी भाग की नदीयां है। इस क्षेत्र में वर्षा का औसत 80 से 100 से.मी. वार्षिक है। राजस्थान का झालावाड़ जिला राज्य का सर्वाधिक वर्षा प्राप्त करने वाला जिला है और यह राज्य का एकमात्र अति आर्द्र जिला है। इस क्षेत्र में मध्यम काली मिट्टी की अधिकता है।

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राज्य के पूर्वी मैदानी भाग में वर्षा का वार्षिक ओसत है-

A40 से 60 सेमी.
B60 से 80 सेमी.
C30 से 50 सेमी.
D50 से 80 सेमी.

सही उत्तर: 50 से 80 सेमी.

व्याख्या (Explanation)

पूर्वी मैदानी भाग अरावली पर्वत माला के पूर्व में स्थित है। राजस्थान प्रदेश का पूर्वी हिस्सा एक समतल मैदान के रूप में विस्तृत है। यह मैदान पश्चिम से पूर्व की 50 से.मी. की समवर्षा रेखा द्वारा विभाजित है। इस क्षेत्र में भरतपुर, अलवर, धौलपुर, करौली, सवाईमाधोपुर, जयुपर, दौसा, टोंक, गंगापुर सिटी, डीग, शाहपुरा, भीलवाडा तथा दक्षिण की ओर से चित्तौड़गढ़, डूंगरपुर, बांसवाडा और प्रतापगढ जिलों के मैदानी भाग सम्मिलित है। यह मैदान नदी बेसिन प्रदेश है जो गंगा व यमुना नदियों द्वारा निर्मित मैदान है।

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जलोढ़ व दोमट मिटी मुख्य रूप से राज्य के किस भौगोलिक प्रदेश में मिलती है-

Aमघ्यवर्ती पहाड़ी प्रदेश
Bदक्षिण-पूर्वी पठारी भाग
Cपूर्वी मैदानी भाग
Dउक्त सभी में

सही उत्तर: पूर्वी मैदानी भाग

व्याख्या (Explanation)

पूर्वी मैदानी भाग अरावली पर्वत माला के पूर्व में स्थित है। राजस्थान प्रदेश का पूर्वी हिस्सा एक समतल मैदान के रूप में विस्तृत है। यह मैदान पश्चिम से पूर्व की 50 से.मी. की समवर्षा रेखा द्वारा विभाजित है। इस क्षेत्र में भरतपुर, अलवर, धौलपुर, करौली, सवाईमाधोपुर, जयुपर, दौसा, टोंक, गंगापुर सिटी, डीग, शाहपुरा, भीलवाडा तथा दक्षिण की ओर से चित्तौड़गढ़, डूंगरपुर, बांसवाडा और प्रतापगढ जिलों के मैदानी भाग सम्मिलित है। यह मैदान नदी बेसिन प्रदेश है जो गंगा व यमुना नदियों द्वारा निर्मित मैदान है। जलोढ़ मिट्टी वह मिट्टी होती है जिसे नदियां बहा कर लाती हैं। इस मिट्टी में नाइट्रोजन और पोटाश की मात्रा कम होती है लेकिन फॉस्फोरस और ह्यूमस की अधिकता होती है।

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निम्न कागारों से घिरी प्लाया झीलें रेगिस्तानी क्षेत्र में कहलाती है-

Aबरखान
Bधरियन
Cखड़ीन
Dखादर

सही उत्तर: खड़ीन

व्याख्या (Explanation)

मरुस्थल में प्रवाहित वर्षा जल को तीनों तरफ से छोटे बांध बनाकर संरक्षित करना खडीन कहलाता है। खड़ीन में पालीवाल ब्राह्मणों द्वारा रबी की फसल (सरसों, गेहूं, चना) की जाती है जिसे खड़ीन कृषि कहते हैं l खड़ीन कृषि सर्वाधिक जैसलमेर के उत्तर में होती है। खड़ीन राजस्थान में जल संरक्षण का सबसे बहुउद्देश्यीय तरीका है। खड़ीन में खड़ा पानी लगातार भूजल पुनर्भरण का समर्थन करता है।

529

राजस्थान में अरावली पर्वत श्रंखला का कितना प्रतिशत है-

A90
B80
C60
D50

सही उत्तर: 80

व्याख्या (Explanation)

राज्य के मध्य अरावली पर्वत माला स्थित है। यह विश्व की प्राचीनतम वलित पर्वत माला है। यह पर्वत श्रृंखला श्री केम्ब्रियन (पोलियोजोइक) युग की है। यह पर्वत श्रृखला दंिक्षण-पश्चिम से उतर-पूर्व की ओर है। इस पर्वत श्रृंखला की चैडाई व ऊंचाई दक्षिण -पश्चिम में अधिक है। जो धीरे -धीरे उत्तर-पूर्व में कम होती जाती है। यह दक्षिण -पश्चिम में गुजरात के पालनपुर से प्रारम्भ होकर उत्तर-पूर्व में दिल्ली तक लम्बी है। जबकि राजस्थान में यह श्रंृखला खेडब्रहमा (सिरोही) से खेतड़ी (नीम का थाना) तक 550 कि.मी. लम्बी है जो कुल पर्वत श्रृंखला का 80 प्रतिशत है।

530

मारवाड़ के मैदान को मेवाड़ के उच्च पटार से अलग करने वाला पहाड़ी क्षेत्र कौनसा है-

Aभाकर
Bबीजासण का पहाड़
Cमेरवाड़ा का पहाड़
Dमुकुन्दवाड़ा की पडाडि़याँ

सही उत्तर: मेरवाड़ा का पहाड़

व्याख्या (Explanation)

मारवाड के मैदान को मेवाड़ के उच्च पठार से अलग करने वाली पर्वत श्रेणी मेरवाड़ा पहाड़ियाँ है। यह पहाड़ियाँ टाडगढ़ के समीप ब्‍यावर जिले में स्थित है।

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