एन्टीलोप प्रजाति का दुर्लभ वन्य जीव चौसिंगा किस अभयारण्य में पाया जाता है -
सही उत्तर: सीतामाता अभयारण्य
व्याख्या (Explanation)
सीतामाता अभ्यारण्य एन्टीलोप प्रजाति के दुर्लभतम वन्य जीव चौसिंगा हिरण के विश्व में सर्वोत्तम आश्रय स्थलों में से एक है।
RPSC & RSMSSB PYQ Practice
इस पेज पर Rajasthan GK के राजस्थान में वन्यजीव से संबंधित पिछले वर्षों में पूछे गए महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ) उत्तर और व्याख्या सहित दिए गए हैं। कुल 372 प्रश्नों में से यह पेज 24 है।
एन्टीलोप प्रजाति का दुर्लभ वन्य जीव चौसिंगा किस अभयारण्य में पाया जाता है -
सही उत्तर: सीतामाता अभयारण्य
व्याख्या (Explanation)
सीतामाता अभ्यारण्य एन्टीलोप प्रजाति के दुर्लभतम वन्य जीव चौसिंगा हिरण के विश्व में सर्वोत्तम आश्रय स्थलों में से एक है।
‘बाघों की भूमि’ किस अभयारण्य को कहा गया -
सही उत्तर: रणथम्भौर नेशनल पार्क
व्याख्या (Explanation)
रणथम्भौर सवाईमाधोपुर जिले में स्थित है और लगभग 392 वर्ग किमी. क्षेत्र में फैला हुआ है। इसका पुराना नाम रण स्तम्भपुर हैं। जिसे सन् 1955 में अभयारण्य घोषित कर दिया गया। वन्य जीव सरंक्षण अधिनियम, 1972 के अन्तर्गत सन् 1973 में इसे टाईगर प्रोजेक्ट में शामिल किया गया हैं। राजस्थान का पहला टाईगर प्रोजेक्ट था। 1 नवम्बर 1980 को इसे राष्ट्रीय उद्यान का दर्जा दिया गया। यह भारत का सबसे छोटा टाइगर जिरर्व प्रोजक्ट है। इसे Land of tiger भी कहते हैं।
राजस्थान राज्य जैव विविधता बोर्ड की स्थापना किस वर्ष की गई -
सही उत्तर: 2010
किस जिले में सरिस्का बाघ परियोजना स्थित है -
सही उत्तर: अलवर
व्याख्या (Explanation)
सारिस्का वन्य जीव अभ्यारण्य अलवर जिले में स्थित है। 1900 में इसकी स्थापना की गई। 1955 में इसे वन्य जीव अभ्यारण्य का दर्जा दिया गया। 1978-79 में यहां टाइगर रिजर्व प्रोजेक्ट शुरू किया गया। यह राजस्थान का दुसरा टाइगर रिजर्व प्रोजेक्ट है। यह अभयारण्य हरे कबूतरों के लिए प्रसिद्ध है।
स्रोत: Stenographer Comp. Exam - 2011 (Paper I)
फूलवाड़ी की नाल अभयारण्य किस जिले में स्थित है -
सही उत्तर: उदयपुर
स्रोत: Stenographer Comp. Exam - 2011 (Paper I)
केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान स्थित है -
सही उत्तर: भरतपुर
व्याख्या (Explanation)
केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान राजस्थान के भरतपुर जिले में स्थित है। इसे पहले भरतपुर पक्षी अभयारण्य के नाम से जाना जाता था। इस स्थल को 1985 में UNESCO की विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया था। यह 1956 में एक पक्षी अभयारण्य बन गया और 1981 में इसे राष्ट्रीय उद्यान घोषित किया गया।
स्रोत: Stenographer Comp. Exam - 2011 (Paper I)
निम्न में से कौन सा यूनेस्को की ‘विश्व विरासत’ स्थल सूची में है -
सही उत्तर: केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान
सूची-1 को सूची-2 से सुमेलित कीजिये तथा नीचे दिये गये कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए - सूची-1(वन्य जीव अभयारण्य) सूची-2(जिला) 1. रामगढ़ विषधारी अ. चुरू 2. जवाहर सागर ब. धौलपुर 3. ताल छापर स. बूंदी 4. वन विहार द. कोटा कूट -1, 2, 3, 4
सही उत्तर: स, द, अ, ब
सूची-1 को सूची-2 से सुमेलित कीजिये तथा नीचे दिये गये कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए - सूची-1(अभयारण्य/राष्ट्रीय उद्यान) सूची-2(अवस्थिती) 1. सीतामाता अ. अलवर 2. सरिस्का ब. भरतपुर 3. कैलादेवी स. प्रतापगढ़ 4. केवलादेव द. करौली कूट - 1, 2, 3, 4
सही उत्तर: स, अ, द, ब
व्याख्या (Explanation)
सीतामाता: प्रतापगढ़ सरिस्का: अलवर कैलादेवी: करौली केवलादेव: भरतपुर
‘बीड’ निम्न जिलों में पाए जाते हैं -
सही उत्तर: सीकर, जोधपुर, बीकानेर