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राजस्थान में लोक देवता व देवियाँ PYQ in Hindi - पेज 4

इस पेज पर Rajasthan GK के राजस्थान में लोक देवता व देवियाँ से संबंधित पिछले वर्षों में पूछे गए महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ) उत्तर और व्याख्या सहित दिए गए हैं। कुल 320 प्रश्नों में से यह पेज 4 है।

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अष्टभुजी देवी “जीण माता” किस देवी का अवतार मानी जाती हैं - निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:

📋 पूछा गया: Animal Attendant 2023 Exam (December 3 Shift I)
Aसरस्वती
Bदुर्गा
Cलक्ष्मी
Dगायत्री

सही उत्तर: दुर्गा

व्याख्या (Explanation)

जीण माता, जो सीकर (राजस्थान) में स्थित हैं, को दुर्गा का अवतार माना जाता है।

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स्रोत: Animal Attendant 2023 Exam (December 3 Shift I)

32

निम्न में से कौन से लोकदेवता भूमि के रक्षक के रूप में पूजे जाते हैं -

📋 पूछा गया: Deputy Jailor (Jail Deptt.) Comp. Exam-2024
Aभोमियाँ जी
Bजुझार जी
Cभभूता सिद्ध
Dखेडा जी

सही उत्तर: भोमियाँ जी

व्याख्या (Explanation)

भोमिया जी को राजस्थान में भूमि के रक्षक देवता के रूप में पूजा जाता है।

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स्रोत: Deputy Jailor (Jail Deptt.) Comp. Exam-2024

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सीकर के रेवासा गांव की तलहटी में कौन सा मंदिर स्थित है -

📋 पूछा गया: Prahari 2024 Shift 2
Aडिग्गी कल्याणजी
Bजीणमाता
Cकैला देवी
Dखाटू श्यामजी

सही उत्तर: जीणमाता

व्याख्या (Explanation)

जीणमाता मंदिर राजस्थान के सीकर जिले के रेवासा गांव की तलहटी में स्थित है। यह मंदिर जंगल में तीन छोटी पहाड़ियों के बीच स्थित है। मान्यताओं के अनुसार, राजस्थान के चूरू में घांघू गांव के एक राजघराने में जीण माता का जन्म हुआ था, जिन्हें आदिशक्ति का अवतार माना जाता है। एक दिन उनकी अपने बड़े भाई हर्ष से लड़ाई हो गई और उन्होंने वन में जाकर तपस्या शुरू कर दी। आज इसी स्थान पर माता का मंदिर स्थापित है।

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स्रोत: Prahari 2024 Shift 2

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निम्नलिखित में से किस लोक देवता को मुसलमान “रामसा-पीर” के रूप में पूजते हैं -

📋 पूछा गया: Prahari 2024 Shift 2
Aगोगाजी
Bमल्लीनाथजी
Cरामदेवजी
Dदेवनारायणजी

सही उत्तर: रामदेवजी

व्याख्या (Explanation)

रामदेवजी, जिन्हें राजस्थान के रूणिचा (पोकरण, जैसलमेर) में पूजा जाता है, एक लोकप्रिय लोक देवता हैं। उन्हें हिंदू समुदाय द्वारा “रामदेव बाबा” और मुस्लिम समुदाय द्वारा “रामसा-पीर” के रूप में पूजा जाता है। पोकरण की स्थापना विक्रम संवत् 1532 में राव मालदेव द्वारा किले के निर्माण के साथ हुआ।

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स्रोत: Prahari 2024 Shift 2

35

उस राजा का क्या नाम था जिसे हड़बूजी ने आशीर्वाद देते हुए अपना खंजर भी उपहार में दिया था -

📋 पूछा गया: SCHOOL LECTURER (SCHOOL EDU.) 2024 GA and GS (G-E)
Aराव जोधा
Bराव सातल
Cराव सूजा
Dराव मालदेव

सही उत्तर: राव जोधा

व्याख्या (Explanation)

हड़बूजी के समकालीन मारवाड़ के शासक राव जोधा थे। राव जोधा राव रणमल के पुत्र थे। मेवाड़ के राणा कुम्भा द्वारा राव रणमल की हत्या कराये जाने के बाद मारवाड़ पर कब्जा कर लिया गया था। राव जोधा उस समय राज्यहीन अवस्था में भटकते हुए राज्य प्राप्ति के लिए प्रयासरत थे। उस समय हड़बूजी की प्रसिद्धि सुनकर राव जोधा उनके पास पहुंचे। हड़बूजी ने राव जोधा को अपनी कटार भेंट की। साथ ही हड़बूजी ने राव जोधा को आशीर्वाद दिया कि मारवाड़ का राज्य उन्हें वापस मिल जाएगा।

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स्रोत: SCHOOL LECTURER (SCHOOL EDU.) 2024 GA and GS (G-E)

36

निम्न में से सत्य कथनों की पहचान करें: a. कल्लाजी जिन्होंने अकबर के चित्तौड़ किले पर आक्रमण के दौरान असाधारण वीरता और साहस दिखाया था, मेवाड़ क्षेत्र में चार हाथों वाले लोकदेवता के रूप में लोकप्रिय हैं। b. ऐसा माना जाता है कि कल्लाजी का सिर काटने के बाद भी मुगलों से लड़ते हुए उनका धड़ रूंडेला तक पहुंच गया था। c. कल्लाज़ी द्वारा कामड़िया पंथ की स्थापना की गई थी। d. राजस्थान में पाबूजी ऊँटों के देवता के रूप में पूजे जाते हैं। नीचे दिए गए विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:

📋 पूछा गया: Animal Attendant 2023 Exam (December 2 Shift II)
Aकेवल b, c, d
Bकेवल a, b, d
Cकेवल a, c, d
Dकेवल a, b, c

सही उत्तर: केवल a, b, d

व्याख्या (Explanation)

कल्लाजी मेवाड़ में चार हाथों वाले लोकदेवता के रूप में पूजे जाते हैं। लोककथाओं के अनुसार, कल्लाजी का धड़ सिर कटने के बाद भी रूंडेला तक लड़ता रहा। राजस्थान में पाबूजी ऊँटों के देवता के रूप में पूजे जाते हैं। कल्लाजी ने कामड़िया पंथ की स्थापना नहीं की, कामड़िया पंथ की स्थापना रामदेवजी ने की थी।

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स्रोत: Animal Attendant 2023 Exam (December 2 Shift II)

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निम्नलिखित में.से कौन राजस्थान में पंचपीर में शामिल नहीं है - निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:

📋 पूछा गया: Animal Attendant 2023 Exam (December 2 Shift II)
Aतेजा जी
Bरामदेव जी
Cगोगा जी
Dपाबू जी

सही उत्तर: तेजा जी

व्याख्या (Explanation)

राजस्थान में पंचपीर (पांच लोकदेवता) में रामदेव जी, गोगा जी, पाबू जी, हरबू जी, और मेहा जी शामिल हैं। तेजा जी एक प्रसिद्ध लोकदेवता हैं, लेकिन वे पंचपीर में शामिल नहीं हैं।

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स्रोत: Animal Attendant 2023 Exam (December 2 Shift II)

38

निम्नलिखित राजवंशों को उनकी कुलदेवियों के साथ सुमेलित कीजिए : राजवंश कुलदेवियाँ A. चौहान I. चिलाय B. तँवर II. खीमज C. सोलंकी III. आशापुरा D. दहिया IV. कैवाय सही कूट का चयन कीजिए : कूट : A B C D

📋 पूछा गया: SCHOOL LECTURER (SCHOOL EDU.) 2024 GA and GS (G-C)
AII IV I III
BIV II III I
CIII I II IV
DI III IV II

सही उत्तर: III I II IV

व्याख्या (Explanation)

चौहान: आशापुरा तंवर: चिलाय सोलंकी: खीमज दहिया: कैवाय

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स्रोत: SCHOOL LECTURER (SCHOOL EDU.) 2024 GA and GS (G-C)

39

भारत में किसी भी स्थल पर तेजाजी के मन्दिर के निर्माण के उपरान्त जागती जोत किस तीर्थ स्थल ले जाई जाती है -

📋 पूछा गया: SCHOOL LECTURER (SCHOOL EDU.) 2024 GA and GS (G-B)
Aखड़नाल
Bपनेर
Cकोलू
Dसुरसुरा

सही उत्तर: सुरसुरा

व्याख्या (Explanation)

तेजाजी के मंदिरों में जागती जोत (पवित्र ज्योति) को सुरसुरा (राजस्थान में एक प्रमुख तेजाजी तीर्थ स्थल) ले जाया जाता है। अजमेर जिले के सुरसुरा गांव में लोक देवता वीर तेजाजी की निर्वाण स्थली है।

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स्रोत: SCHOOL LECTURER (SCHOOL EDU.) 2024 GA and GS (G-B)

40

निम्नलिखित में से किस ‘लोकदेवता’ को ‘लक्ष्मणजी का अवतार’ कहा जाता है -

📋 पूछा गया: SCHOOL LECTURER (SCHOOL EDU.) 2024 GA and GS (G-A)
Aपाबूजी
Bहड़बूजी
Cरामदेवजी
Dगोगाजी

सही उत्तर: पाबूजी

व्याख्या (Explanation)

पाबूजी जन्म - 13 वी शताब्दी (1239 ई) में हुआ। राठौड़ वंश में जोधपुर के फलोदी तहसील के कोलु ग्राम में हुआ। उन्हें लक्ष्मणजी का अवतार माना जाता है।

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स्रोत: SCHOOL LECTURER (SCHOOL EDU.) 2024 GA and GS (G-A)

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