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राजस्थान में संगीत एवं लोकगीत PYQ in Hindi - पेज 6

इस पेज पर Rajasthan GK के राजस्थान में संगीत एवं लोकगीत से संबंधित पिछले वर्षों में पूछे गए महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ) उत्तर और व्याख्या सहित दिए गए हैं। कुल 300 प्रश्नों में से यह पेज 6 है।

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निम्नलिखित में से कौन सा वाद्य यंत्र पुंगी का परिष्कृत रूप है, जिसमें नलीदार तुम्बी के नीचे चौड़े भाग में दो बांस की नालियाँ फंसाई जाती हैं -

Aसतारा
Bमुरला/मुरली
Cसुरनाई
Dतुरही

सही उत्तर: मुरला/मुरली

व्याख्या (Explanation)

मुरला/मुरली : यह पुंगी का परिष्कृत रूप है जो नलीदार तुम्बी के नीचे चौड़े वाले भाग में दो बांस की नालियां फंसकर बनाया जाता है। एक नली से ध्वनि व दूसरी से स्वर निकलते है।

52

निम्नलिखित में से कौन सा वाद्य यंत्र जैसलमेर और बाड़मेर क्षेत्र में मुस्लिम शेख (मांगलियार) द्वारा बजाया जाता है और इसकी ध्वनि में भारीपन व गूंज होती है -

Aकामायचा
Bरावणहत्था
Cभपंग
Dअपंग

सही उत्तर: कामायचा

व्याख्या (Explanation)

कामायचा : यह सारंगी के समान वाद्य यंत्र हैं पर इसकी बनावट उस से थोड़ी भिन्न होती है। सारंगी की तबली लम्बी होती है जबकि इसकी गोल व लगभग डेढ़ फुट चौड़ी होती है।तबली पर चमड़ा मढ़ा होता है।इसकी ध्वनि में भारीपन व गूंज होती है। इसकी ऊपरी आकृति मराठी सारंगी से मिलती है। जैसलमेर, बाड़मेर क्षेत्र में इस वाद्य यंत्र का प्रयोग प्रायः मुस्लिम शेख करते है। जो माँगलियार कहलाते है। नाथपंथी साधु भर्तृहरि एवं गोपीचंद की कथा के गीत के साथ इसे बजाते है।

53

किस वाद्य यंत्र का प्रयोग बगड़ावतों की कथा गाते समय गूजरों के भोपे गले में लटकाकर करते हैं और इसमें दो तुम्बे होते हैं?

Aचिकारा
Bजन्तर
Cरवाज्र
Dसुरिन्दा

सही उत्तर: जन्तर

व्याख्या (Explanation)

जन्तर : वीणा की आकृति से मिलते इस वाद्य यंत्र में दो तुम्बे होते हैं। इसकी डाँड बाँस की होती है जिस पर पशु की खाल या मगर की खाल से बने 22 पर्दे मोम से चिपकाये जाते हैं। परदों के ऊपर पाँच या छः तार लगे होते हैं। इसे खड़े खड़े ही गले से लगाकर अँगुलियों की सहायता से बजाया जाता है। इस वाद्य यंत्र का प्रयोग बगङावतों की कथा गाते समय गूजरों के भोपे गले में लटकाकर करते हैं।

54

सारंगी के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही नहीं है -

Aइसमें कुल 27 तारें होती हैं।
Bयह रोहिड़ा, तून, सागवान या कैर की लकड़ी से बनाई जाती है।
Cसिंधि सारंगी में तारों की संख्या गुजरातण सारंगी से कम होती है।
Dइसका वादन गज की सहायता से किया जाता है।

सही उत्तर: सिंधि सारंगी में तारों की संख्या गुजरातण सारंगी से कम होती है।

व्याख्या (Explanation)

राजस्थान में 2 प्रकार की सारंगी प्रचलित है। सिंधि सारंगी – यह सारंगी का उन्नत व विकसित रूप है। इसमें तारों की संख्या अधिक होती है। गुजरातण सारंगी – यह सिंधि सारंगी का छोटा रूप है। इसमें तारों की संख्या केवल 7 होती है। इन सारंगियों के वादन में जैसलमेर बाड़मेर के लंगा जाती के लोग, मेवाड़ के गडरियों के भाट व मरुक्षेत्र के जोगी दक्ष होते है। जोगी इन सारंगियों से गोपीचंद, सुलतान निहालदे, भरथरी आदि के ख़याल गाते है।

55

निम्नलिखित में से कौन सा लोक गीत वीर रस से परिपूर्ण है और सेनाओं के रण प्रयाण के समय गाया जाता था -

Aमारू
Bमूमल
Cघूमर
Dकालियो

सही उत्तर: मारू

व्याख्या (Explanation)

सेनाओं के रण प्रयाण के समय लोक गायकों द्वारा वीर भाव जागृत करने वाले सिंधु तथा मारू रागों पर आधारित गीत गाये जाते थे। पश्चिमी राजस्थान में गाये जाने वाले लोक गीत ऊंचे स्वर व लम्बी धुन वाले होते हैं जिनमें स्वर विस्तार भी अधिक होता है।

56

राजस्थान के मांड गायकी के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन सा राग शामिल नहीं है -

Aसोरठ
Bदेस
Cमारू
Dमांड

सही उत्तर: मारू

व्याख्या (Explanation)

मारू एक अलग राग है जो वीर भाव के लिए प्रयोग होता है, न कि मांड गायकी का हिस्सा है। राजस्थान की मांड गायकी अत्यंत प्रसिद्ध है। इसे थोड़े-बहुत अंतर के साथ क्षेत्र विशेष में अलग-अलग तरह से गाया जाता है।राग सोरठ, देस तथा मांड तीनों एक साथ गाई व सुनी जाती हैं।

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जहूर खां मेवाती किस लोक वाद्य के पारंगत कलाकार हैं -

📋 पूछा गया: RPSC EO/RO Re-Exam - 2022
Aरावण हत्था
Bअलगोजा
Cपुंगी
Dभपंग

सही उत्तर: भपंग

व्याख्या (Explanation)

भपंग लम्बी आल के तुम्बे से बना वाद्य है जिसके एक सिरे पर चमड़ा मढ़ा जाता है। इसकी आकृति डमरू से मिलती जुलती होती है। यह वाद्य अलवर क्षेत्र के जोगी प्रमुखतया बजाते हैं। अलवर जिले के जोगी जाति के लोग भपंग वाद्य यंत्र के साथ पाण्डुन कड़ा, राजा भतृहरि, भगत पूरणमल, हीरा रांझा एवं गोपापीर की लोक कथाएं गाते है। प्रमुख कलाकार – जहूर खां मेवाती, इन्हे भपंग का जादूगर माना जाता है।

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स्रोत: RPSC EO/RO Re-Exam - 2022

58

निम्नलिखित में से कौनसा/से राजस्थानी लोक संगीत का/के सुषिर वाद्य यंत्र है/हैं - (अ) अंलगोजा (ब) भपंग (स) सतारा (द) नड़ कूट -

📋 पूछा गया: RPSC EO/RO Re-Exam - 2022
A(अ), (ब) और (स)
Bकेवल (अ)
C(अ) और (ब)
D(अ), (स) और (द)

सही उत्तर: (अ), (स) और (द)

व्याख्या (Explanation)

अलगोजा: यह एक जोड़ी बांसुरी जैसा सुषिर वाद्य यंत्र है। सतारा: यह भी एक सुषिर वाद्य यंत्र है, जो राजस्थानी लोक संगीत में प्रयोग होता है। नड़: यह एक पारंपरिक सुषिर यंत्र है। भपंग: यह एक तंतु वाद्य यंत्र है, सुषिर नहीं। भपंग लम्बी आल के तुम्बे से बना वाद्य है जिसके एक सिरे पर चमड़ा मढ़ा जाता है। इसकी आकृति डमरू से मिलती जुलती होती है।

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स्रोत: RPSC EO/RO Re-Exam - 2022

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पाबूजी के फाड़ गाते समय, जिस वाद्य यंत्र का प्रयोग किया जाता है, वह ____ कहलाता है। नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें:

📋 पूछा गया: Animal Attendant 2023 Exam (December 1 Shift II)
Aरावणहत्था
Bएकतारा
Cजंतर
Dमूचांग

सही उत्तर: रावणहत्था

व्याख्या (Explanation)

पाबूजी के फाड़ (लोक कथाओं को चित्रों के साथ गाने की परंपरा) को गाते समय “रावणहत्था” नामक वाद्य यंत्र का प्रयोग किया जाता है। यह राजस्थान का पारंपरिक स्ट्रिंग वाद्य यंत्र है।

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स्रोत: Animal Attendant 2023 Exam (December 1 Shift II)

60

होली पर पुरुषों द्वारा कौन-से गीत गाए जाते हैं - निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:

📋 पूछा गया: Animal Attendant 2023 Exam (December 1 Shift I)
Aमायरा
Bबधावा
Cतोरण
Dरसिया

सही उत्तर: रसिया

व्याख्या (Explanation)

रसिया होली के उत्सव में पुरुषों द्वारा गाए जाने वाले लोकगीत हैं।

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स्रोत: Animal Attendant 2023 Exam (December 1 Shift I)

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