जोधपर नरेश मानसिंह की रानी भटियाणी प्रतापकुंवरी ने अपने द्वारा बनाये गये मंदिर को पुनः अन्यत्र बनवाया क्योंकि पहले वाला मंदिर जमीन में धंस गया था, और उसने उसकी प्राण प्रतिष्ठा 1857 में कराई। उस मंदिर का नाम है –
सही उत्तर: तीजा मांजी का मंदिर
RPSC & RSMSSB PYQ Practice
इस पेज पर Rajasthan GK के राजस्थान में पर्यटन स्थल से संबंधित पिछले वर्षों में पूछे गए महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ) उत्तर और व्याख्या सहित दिए गए हैं। कुल 590 प्रश्नों में से यह पेज 22 है।
जोधपर नरेश मानसिंह की रानी भटियाणी प्रतापकुंवरी ने अपने द्वारा बनाये गये मंदिर को पुनः अन्यत्र बनवाया क्योंकि पहले वाला मंदिर जमीन में धंस गया था, और उसने उसकी प्राण प्रतिष्ठा 1857 में कराई। उस मंदिर का नाम है –
सही उत्तर: तीजा मांजी का मंदिर
राजस्थान में भूमिज शैली का सबसे पुराना मंदिर है -
सही उत्तर: सेवाडी का जैन मंदिर
राजस्थान के खैरथल तिजारा जिले की तिजारा तहसील में किस जैन तीर्थंकर का प्रसिद्ध मंदिर है -
सही उत्तर: चंद्रप्रभु
व्याख्या (Explanation)
तिजारा जैन मंदिर चंद्रप्रभु को समर्पित एक दिगंबर जैन मंदिर है।
सूची- II (जिलों) के साथ सूची- I (मंदिर) को सुमेलित कीजिए और सूचियों के नीचे दिए गए कूट का उपयोग करके सही उत्तर का चयन कीजिए: सूची I सूची II (A)भर्तृहरि (1) पुष्कर (B)करणी माता (2) टोंक (C)अटमेश्वर (3) बीकानेर (D)बिसलदेव (4) अलवर
सही उत्तर: A-4, B-3, C-1, D-2
व्याख्या (Explanation)
भर्तृहरि मंदिर अलवर में स्थित है। करणी माता का मन्दिर बीकानेर जिले में स्थित है। पुष्कर में आत्मतेश्वर मंदिर भगवान शिव का एक मंदिर है जो अपनी प्राचीनता और पवित्रता के लिए जाना जाता है। बीसलदेव मन्दि टोंक ज़िले के बीसलपुर ग्राम में स्थित एक हिन्दू मन्दिर है।
लैला मजनू मकबरा, किस स्थान पर स्थित है -
सही उत्तर: श्री गंगानगर
निम्नलिखित में से कौन सा मंदिर वास्तुकला की गुर्जर प्रतिहार शैली का नहीं है -
सही उत्तर: चारचोमा का शिव मंदिर
व्याख्या (Explanation)
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के जयपुर सर्कल के तहत संरक्षित, चारचोमा मालिया का शिव मंदिर राजस्थान के सबसे पुराने जीवित मंदिरों में से एक है। चारचौमा मंदिर लाडपुरा तहसील, कोटा में चरचुमा गाँव में स्थित है। यह मंदिर शैव संप्रदाय का है। मंदिर का निर्माण वास्तुकला की नागर शैली में किया गया है।
विख्यात स्मारक अढ़ाई दिन का झोंपड़ा की मूल इमारत संस्कृत विद्यालय का निर्माण करवाया था -
सही उत्तर: विग्रहराज चतुर्थ ने
निम्नलिखित में से कौन सा मंदिर उनके संबंधित स्थान से सही सुमेलित नहीं है -
सही उत्तर: मदन मोहन जी - भरतपुरी
वास्तुपाल तथा तेजपाल को राजस्थान के निम्नलिखित में से किस मंदिर के डिजाइन का श्रेय दिया जाता है -
सही उत्तर: दिलवाड़ा मंदिर
व्याख्या (Explanation)
दिलवाड़ा मंदिर या देलवाडा मंदिर, पाँच मंदिरों का एक समूह है। ये राजस्थान के सिरोही जिले के माउंट आबू नगर में स्थित हैं। इन मंदिरों का निर्माण ग्यारहवीं और तेरहवीं शताब्दी के बीच हुआ था। यह शानदार मंदिर जैन धर्म के र्तीथकरों को समर्पित हैं। दिलवाड़ा के मंदिर और मूर्तियां मंदिर निर्माण कला का उत्तम उदाहरण हैं। इन मंदिरों का निर्माण ग्यारहवीं और तेरहवीं शताब्दी के दौरान राजा वास्तुपाल तथा तेजपाल नामक दो भाइयों ने करवाया था।
बूंदी में 'रानीजी की बावड़ी' बनाने का श्रेय किसे दिया जाता है?
सही उत्तर: रानी नथावती