राजस्थान के किस जिले में ‘खड़ीन’ जल संरक्षण की प्रचलित विधि है -
सही उत्तर: जैसलमेर
व्याख्या (Explanation)
खड़ीन का प्रचलन 15वी शताब्दी में जैसलमेर के पालीवाल ब्राह्मणों ने किया था। यह ढाल युक्त भूमि पर दो तरफ मिट्टी की दीवार(पाल) और तीसरी तरफ पक्का अवरोध बनाकर निर्मित की जाती है। पाल 2 से 4 मीटर लंबी होती है। खड़ीन का विस्तार 5 से 7 किलोमीटर तक होता है। खड़ीन के लिए जमीन राजा उपलब्ध कराता था जिस पर एक चौथाई लगान देना होता था।
स्रोत: Raj. State and Sub. Services Comb. Comp. (Pre) Exam - 2024