मेवाड़ राज घराने के अन्त्येष्टि स्थल का नाम क्या है -
सही उत्तर: महासत्य
व्याख्या (Explanation)
महासत्य (आहर) मेवाड़ राजघराने का (श्मशान स्थल) है।
स्रोत: CET 2022 (Graduate) 08 January 2023 Shift-1
RPSC & RSMSSB PYQ Practice
इस पेज पर Rajasthan GK के मेवाड़ का गुहिल वंश से संबंधित पिछले वर्षों में पूछे गए महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ) उत्तर और व्याख्या सहित दिए गए हैं। कुल 443 प्रश्नों में से यह पेज 42 है।
मेवाड़ राज घराने के अन्त्येष्टि स्थल का नाम क्या है -
सही उत्तर: महासत्य
व्याख्या (Explanation)
महासत्य (आहर) मेवाड़ राजघराने का (श्मशान स्थल) है।
स्रोत: CET 2022 (Graduate) 08 January 2023 Shift-1
महाराणा प्रताप ने चावण्ड को अपनी राजधानी कब बनाया था -
सही उत्तर: 1585
व्याख्या (Explanation)
सन् 1585 के बाद अकबर ने मेवाड़ पर कोई आक्रमण नहीं किया। राणा ने पहले गोगुन्दा फिर कुंभलगढ़ को तत्पश्चात् चावण्ड का अपनी आपातकालीन नई राजधानी बनाया। महाराणा प्रताप ने 1585 ई. में चावंड के शासक लूणा को परास्त कर चावंड को अपनी राजधानी बनाया।
स्रोत: CET 2022 (Graduate) 08 January 2023 Shift-1
निम्नलिखित युद्धों में से उनके लड़े जाने के वर्ष के अनुसार पहले से आखिरी तक सही क्रम को चुनिए- (1) गागरोन का युद्ध (2) सारंगपुर का युद्ध (3) बयाना का युद्ध (4) मावली का युद्ध सही विकल्प चुनें –
सही उत्तर: 2, 1, 3, 4
व्याख्या (Explanation)
सारंगपुर युद्ध / मालवा युद्ध 1437 ई. : सुल्तान महमूद खिलजी प्रथम एवं राणा कुंभा के बीच गागरोण का युद्ध (1519 ई.) : मालवा के सुल्तान महमूद खिलजी द्वितीय एवं मेवाड़ महाराणा सांगा के बीच बयाना का युद्ध (16 फरवरी, 1527) : बाबर एवं राणा सांगा के बीच मावली का युद्ध (1540 ई.) : महाराणा उदयसिंह और बनवीर के बीच
स्रोत: CET 2022 (Graduate) 08 January 2023 Shift-1
मेवाड़ राज्य में ‘महकमा खास’ की स्थापना की थी -
सही उत्तर: महाराणा शम्भू सिंह ने
व्याख्या (Explanation)
मेवाड़ राज्य में, ‘महाकामा खास’ (न्याय का सर्वोच्च न्यायालय) की स्थापना 1869 ई. में महाराणा शंभु सिंह ने की थी।
स्रोत: CET 2022 (Graduate) 08 January 2023 Shift-2
मेवाड़ के निम्न शासकों का सही क्रमिक कालक्रम है -
सही उत्तर: हम्मीर → क्षेत्र सिंह → लक्षसिंह (लाखा) → मोकल
व्याख्या (Explanation)
हम्मीर → क्षेत्र सिंह → लक्षसिंह (लाखा) → मोकल
स्रोत: A.R.O. (GK and Plant Pathology) 2022
मेवाड़ के उस महाराणा का नामोल्लेख कीजिए जिसने मालवा के शासक बाज बहादुर को शरण प्रदान की थी -
सही उत्तर: महाराणा उदय सिंह
व्याख्या (Explanation)
बदायूँनी और अबुलफजल के अनुसार यहाँ का महाराणा उदय सिंह न केवल अपनी ही स्वतन्त्रता को थामे हुए था, बल्कि अन्य शासकों को भी बचाये रखने के लिए प्रेरित करता रहता था। बूँदी, सिरोही, डूंगरपुर आदि उसके निकटतम सहयोगी थे। मालवा के बाजबहादुर ने 1562 ई. में राणा की शरण ली थी।
स्रोत: A.R.O. (GK and Entomology) 2022
हालगुरू उपाधि धारण करता है -
सही उत्तर: कुम्भा
व्याख्या (Explanation)
महाराणा कुंभा, महाराणा मोकल एवं सौभाग्य देवी के ज्येष्ठ पुत्र थे। 1433 ई. में महाराणा मोकल की मृत्यु के बाद मात्र 10 वर्ष की आयु में कुंभा मेवाड़ के शासक बने। कुम्भकर्ण (राणा कुम्भा) को हालगुरू (पर्वतीय दुर्गों का स्वामी होने के कारण) उपनाम से भी जाना जाता है।
स्रोत: A.A.R.O. (GK and Ag. Che.) 2022
कृष्णा कुमारी किस राज्य की राजकुमारी थी जिसके विवाह के विवाद ने राजपूताना में राजनीतिक उथल-पुथल उत्पन्न कर दी -
सही उत्तर: उदयपुर
व्याख्या (Explanation)
कृष्णा कुमारी विवाद : कृष्णा कुमारी मेवाड़ महाराणा भीमसिंह की 16 वर्षीय कन्या थी जिसका शगुन जोधपुर महाराजा भीमसिंह को भेजा गया। विवाह पूर्व ही जोधपुर महाराजा भीमसिंह की मृत्यु हो गई तो महाराणा भीमसिंह ने राजकुमारी का शगुन जयपुर के महाराजा जगतसिंह को भेज दिया। इसका जोधपुर के नये शासक मानसिंह ने विरोध किया और जयपुर, जोधपुर में शगुन को लेकर ‘मिंगोली का युद्ध’ भी हुआ।
स्रोत: 3rd Grade Teacher 2022 L1
पन्नाधाय ने ______ के जीवन को बचाया था।
सही उत्तर: राणा उदयसिंह
व्याख्या (Explanation)
विक्रमादित्य की हत्या कर राणा रायमल के पुत्र पृथ्वीराज का अनौरस पुत्र बनवीर शासक बन बैठा। वह उदयसिंह की हत्या करना चाहता था लेकिन पन्ना धाय कुछ सरदारों के सहयोग से उदयसिंह को चित्तौड़ से निकालकर कुम्भलगढ़ ले गयी। वहां के किलेदार ‘आशा देवपुरा’ ने उन्हें अपने पास रखा।
स्रोत: 3rd Grade Teacher 2022 Maths-Science L2
कृष्णा कुमारी किस राज्य की राजकुमारी थी -
सही उत्तर: मेवाड़
व्याख्या (Explanation)
कृष्णा कुमारी विवाद : कृष्णा कुमारी मेवाड़ महाराणा भीमसिंह की 16 वर्षीय कन्या थी जिसका शगुन जोधपुर महाराजा भीमसिंह को भेजा गया। विवाह पूर्व ही जोधपुर महाराजा भीमसिंह की मृत्यु हो गई तो महाराणा भीमसिंह ने राजकुमारी का शगुन जयपुर के महाराजा जगतसिंह को भेज दिया। इसका जोधपुर के नये शासक मानसिंह ने विरोध किया और जयपुर, जोधपुर में शगुन को लेकर ‘मिंगोली का युद्ध’ भी हुआ।
स्रोत: 3rd Grade Teacher 2022 English L2