“आंधा मेँ काणोँ राव” कहावत का आशय है—
सही उत्तर: मूर्खों में थोड़ा गुणी भी आदर पाता है
RPSC & RSMSSB PYQ Practice
इस पेज पर Rajasthan GK के राजस्थानी मुहावरे,कहावतें और लोकोक्तियाँ से संबंधित पिछले वर्षों में पूछे गए महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ) उत्तर और व्याख्या सहित दिए गए हैं। कुल 82 प्रश्नों में से यह पेज 4 है।
“आंधा मेँ काणोँ राव” कहावत का आशय है—
सही उत्तर: मूर्खों में थोड़ा गुणी भी आदर पाता है
“आँ तिलां मैँ तेल कोनी” से क्या तात्पर्य है?
सही उत्तर: क्षमता का अभाव
“आँख्या देखी परसराम कदे न झूँठी होय” का सही अर्थ है—
सही उत्तर: प्रत्यक्ष देखी बात सत्य होती है
“आँख मींच्या अँधेरो होय” कहावत का भाव है—
सही उत्तर: ध्यान न देने पर अहसास न होना
“अम्बर राच्यो, मेह माच्यो” किसका संकेत है?
सही उत्तर: वर्षा का
“अणदेखी न नै दोख, बीनै गति न मोख” का आशय है—
सही उत्तर: निर्दोष पर दोष लगाने वाले की कहीं गति नहीं होती
“अरडावता ऊँट लदै” का अर्थ है—
सही उत्तर: दीन पुकार पर ध्यान न देना
“अम्बर को तारो हाथ सै कोनी टूटे” कहावत बताती है—
सही उत्तर: असंभव कार्य
“अभागियो टाबर त्यूंहार नै रूसै” का भाव है—
सही उत्तर: सुअवसर से भी लाभ न उठा पाना
“अक्ल बिना ऊँट उभाणा फिरै” कहावत का सही अर्थ है—
सही उत्तर: मूर्ख व्यक्ति साधन होते हुए भी उनका उपयोग नहीं कर पाता