PYQ Practice
59 Questions · 6 Pages
न्याय व्यवस्था के बारे में विचार करें - (i) न्याय और दण्ड का आधार प्राचीन धर्मशास्त्र थे। (ii) प्राचीन साहित्यिक स्त्रोतों ‘वृहत्कथा कोष व समराइच्छकहा’ से भी न्याय व्यवस्था का वर्णन मिलता है। (iii) शासन की सबसे छोटी इकाई गाँव था, जहाँ न्याय का अधिकारी ग्राम चौधरी या पटेल हुआ करता था। (iv) परगनों में न्याय का कार्य, हाकिम या आमिल या हवलगिर करता था। सही कूट का चयन कर उत्तर दीजिए-
दीवान के पद पर सामान्यतः गैर राजपूत जाति के व्यक्तियों को नियुक्त किया जाता था। दीवान को निम्न में से किस पदाधिकारी को नियुक्त करने का अधिकार प्राप्त नहीं था -
राजपूत सेना में पैदल सैनिक अधिक होते थे, इनके दल को क्या कहा जाता था -
अधिकारी, जिसे मुगल काल में विद्वानों को गुजारा भत्ता (मदद-ए-माश) प्रदान करने की जिम्मेदारी दी गयी थी, को किस नाम से जाना जाता था -
निम्नलिखित में से असत्य विकल्प का चयन करें।
मुगल दरबार में राजा द्वारा नियुक्त प्रतिनिधि, जो वहाँ की गतिविधियों से निरंतर राजा को अवगत करवाता रहता था वह क्या कहलाता था -
उच्च वर्ग के लोगों या विद्वानों को राजस्व मुक्त भूमि अनुदान के रूप में दी जाती थी, यह भूमि क्या कहलाती थी -
मध्यकालीन शासन व्यवस्था में मारवाड़ में बापीदार व गैर-बापीदार किसके प्रकार थे -
निम्नलिखित में से असत्य कथन नहीं है -
ईजारा जाना जाता है-