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RPSC & RSMSSB PYQ Practice

मानव शरीर PYQ in Hindi - पेज 11

इस पेज पर General Science के मानव शरीर से संबंधित पिछले वर्षों में पूछे गए महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ) उत्तर और व्याख्या सहित दिए गए हैं। कुल 248 प्रश्नों में से यह पेज 11 है।

101

निम्नलिखित में से कौन-सा एंजाइम मानव पेट में मौजूद नहीं है -

📋 पूछा गया: Rajasthan Police Constable Exam 2024 ( SHIFT - L1)
Aपेप्सिन
Bहाइड्रोक्लोरिक एसिड
Cट्रिप्सिन
Dम्युकस

सही उत्तर: ट्रिप्सिन

व्याख्या (Explanation)

ट्रिप्सिन एंजाइम छोटी आंत में पाया जाता है, जबकि पेप्सिन और हाइड्रोक्लोरिक एसिड पेट में मौजूद होते हैं। म्युकस एक सुरक्षात्मक तत्व होता है, जो पेट की आंतरिक परत को क्षति से बचाता है।

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स्रोत: Rajasthan Police Constable Exam 2024 ( SHIFT - L1)

102

हमारे तंत्रिका तंत्र (Neural System) की मूल इकाई क्या है -

📋 पूछा गया: Rajasthan Police Constable Exam 2024 ( SHIFT - L1)
Aन्यूट्रॉन
Bन्यूरॉन
Cनेफ्रॉन
Dन्यूक्लियॉन

सही उत्तर: न्यूरॉन

व्याख्या (Explanation)

न्यूरॉन तंत्रिका तंत्र की मूल इकाई होती है। ये विशेषीकृत कोशिकाएँ होती हैं जो सूचना का आदान-प्रदान करती हैं और संदेशों को मस्तिष्क और शरीर के विभिन्न हिस्सों तक पहुँचाती हैं।

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स्रोत: Rajasthan Police Constable Exam 2024 ( SHIFT - L1)

103

पित्ताशय से उत्पन्न रस का नाम क्या है?

📋 पूछा गया: Rajasthan Police Constable Exam 2024 ( SHIFT - K1)
Aलार (Saliva)
Bहाइड्रोक्लोरिक एसिड (Hydrochloric acid)
Cपित्त का रस (Bile juice)
Dमाल्टेज़ (Maltase)

सही उत्तर: पित्त का रस (Bile juice)

व्याख्या (Explanation)

यकृत पित्त रस का स्त्रावण करता है। पित्त का रस पित्ताशय में जमा होता है।

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स्रोत: Rajasthan Police Constable Exam 2024 ( SHIFT - K1)

104

मनुष्य में कितना सिस्टोलिक/डायस्टोलिक रक्तचाप सामान्य माना जाता है -

A120/80 mm/Hg
B90/180 mm/Hg
C180/80 mm/Hg
D200/150 mm/Hg

सही उत्तर: 120/80 mm/Hg

व्याख्या (Explanation)

हृदय के संकुचित अवस्था के दबाव को सिस्टोलिक तथा शिथिल अवस्था के दबाव को डायस्टोलिक कहते हैं। यदि मनुष्य में सिस्टोलिक दबाव 120 mm Hg तथा डायस्टोलिक दबाव 80 mm Hg होता है तो रक्तचाप सामान्य माना जाता है। जबकि यदि सिस्टोलिक दबाव 140 mm Hg से अधिक और डायस्टोलिक दबाव 90 mm Hg से अधिक हो तो यह अवस्था ‘उच्च रक्त चाप’ अथवा ‘हाइपरटेंशन’ कहलाती है।

105

रक्त में श्रेत कणों का मुख्य प्रयोजन क्या है?

Aपोषक तत्व ले जाना
Bसंक्रमण से संघर्ष करना
Cऑक्सीजन ले जाना
Dशक्ति प्रदान करना

सही उत्तर: संक्रमण से संघर्ष करना

व्याख्या (Explanation)

श्वेत रक्त कोशिकाओं को ल्यूकोसाइट्स भी कहते हैं। ये अनियमित आकृति की केन्द्रक युक्त तथा हीमोग्लोबिन रहित होती हैं। इनकी संख्या लाल रूधिर कणिकाओं की अपेक्षा बहुत कम होती हैं। मनुष्य के शरीर में इनकी संख्या 5 से 9 हजार तक होती है। कुछ सूक्ष्म कणों की उपस्थिति के आधार पर इन्हे दो प्रकार का माना जाता है। जिन श्वेत रूधिर कणिकाओं के कोशिका द्रव्य में कण मौजूद होते हैं, उन्हें ग्रोनुलोसाइट्स कहते हैं। जैसे- न्यूट्रोफिल, इओसिनोफिल और बेसोफिल कुछ श्वेत रूधिर कणिकाओं के कोशिका द्रव्य में कण नहीं पाये जाते हैं, इन्हें एग्रेनुलोसाइट्स कहते हैं। ये दो प्रकार के होते है- लिम्फोसाइट्स एवं मोनो साइट्स। लिम्फोसाइट्स एंटीबॉडी के निर्माण में भाग लेती है जबकि अन्य श्वेत रूधिर कणिकाएँ जीवाणुओं को नष्ट करने का प्रधान कार्य करती है।

106

ऑक्सीजन हीन रक्त को हृदय तक ले जाने वाली रक्त वाहिकाओं को ___ के रूप में जाना जाता है-

Aधमनियाँ
Bनोड्स
Cलसिका नली
Dशिरा

सही उत्तर: शिरा

व्याख्या (Explanation)

मानव रुधिर परिसंचरण तंत्र के तीन प्रमुख भाग हैं- हृदय, धमनी एवं शिरा। परिसंचरण तंत्र में शिरायें (veins) वे रक्त वाहिकायें होती हैं, जो अशुद्ध रक्त (ऑक्सीजन रहित) को शरीर के विभिन्न भागों से हृदय की ओर ले जाती हैं। जबकि धमनियाँ (Artery) हृदय द्वारा शुद्ध किये गये रक्त (आक्सीकृत) को शरीर के विभिन्न भागों तक ले जाती है। धमनियाँ शिराओं की अपेक्षा अधिक पेशीयुक्त होती हैं। मनुष्य में सामान्य रक्त दाब 120/80 mmHg होता है।

107

रक्त का द्रव घटक कौन सा है -

Aप्लेटलेट्स
Bश्वेत रूधिर कोशिकाएँ
Cप्लाज्मा
Dलाल रूधिर कोशिकाएँ

सही उत्तर: प्लाज्मा

व्याख्या (Explanation)

प्लाज्मा-यह रक्त का अजीवित तरल भाग होता है। रक्त का लगभग 60% भाग प्लाज्मा होता है। इसका 90% भाग जल, 7% प्रोटीन होता है। शेष पदार्थों की मात्रा बहुत कम होती है। पचे हुये भोजन एवं हार्मोन का शरीर में संवहन प्लाज्मा द्वारा ही होता है।

108

ए. बी. रक्त समूह में है-

Aएन्टीजन नहीं रहते
Bएन्टीबॉडी नहीं रहते
Cन तो एन्टीजन और ना ही एन्टीबॉंडी पाए जाते हैं
Dएन्टीजन तथा एन्टीबॉडी दोनों पाए जाते हैं

सही उत्तर: एन्टीबॉडी नहीं रहते

व्याख्या (Explanation)

मनुष्य के रुधिर वर्ग (Blood Grup) की खोज ‘कार्ल लैण्ड स्टीनर’ ने किया था। उन्होंने रक्त को A,B,AB, एवं O वर्ग में विभाजित किया। प्रत्येक रक्त समूह में एन्टीजन्स एवं ‘एन्टीबॉडीज’ नामक दो प्रोटीन पाये जाते हैं। लाल रूधिर कणिकाओं (R.B.C) में उपस्थित ग्लाइको प्रोटीन की उपस्थिति के आधार पर मनुष्य में चार प्रकार के रुधिर वर्ग पाए जाते हैं - रूधिरवर्ग एन्टीजन एन्टीबॉडी A केवल A केवल b B केवल B केवल a AB A एवं B दोनों अनुपस्थित O अनुपस्थित a, b दोनों

109

सूची-I को सूची-II से मिलान कीजिए : सूची-I : (हिस्सा) सूची-II : (कार्य) a. ग्रास नली (ईसोफेगस) I. बाइल का संग्रह और सांद्रण करता है b. आमाशय II. भोजन का परिवहन (संचरण) c. अग्नाशय (पेंक्रियाज) III. भोजन का संग्रह और मंथन करता है d. पित्ताशय (गॉल ब्लेडर) IV. हॉर्मोन और एन्जाइम स्रावण नीचे दिए गए विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनिए:

📋 पूछा गया: Supervisor(Women) - 2024
Aa - II, b - IV, c - I, d - III
Ba - II, b - III, c - IV, d - I
Ca - I, b - II, c - III, d - IV
Da- IV, b - III, c - II, d - I

सही उत्तर: a - II, b - III, c - IV, d - I

📋

स्रोत: Supervisor(Women) - 2024

110

इरिथ्रोब्लोस्टोसिस फीटेलिस होता है, जब-

Aमाता-पिता का रक्त समूह Rh + ve हो
Bमात-पिता का रक्त समूह Rh-ve हो
Cमाता Rh+ve व पिता Rh-ve हो
Dपिता Rh+ve व माता Rh-ve हो

सही उत्तर: पिता Rh+ve व माता Rh-ve हो

थ्योरी का रिवीजन करें? 📖

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