अभिकथन : ‘ए-बी’ रक्त समूह के लोग सार्वभौमिक प्राप्तकर्ता होते हैं। कारण : रक्त समूह ‘ए-बी’ की लाल रक्त कोशिका में कोई एंटीजन नहीं होता एवं इसीलिए अन्य किसी रक्त समूह के साथ समूहन (एग्लूटिनेशन) नहीं होता। कूटः
सही उत्तर: (A) सही है, परन्तु (R) गलत है।
व्याख्या (Explanation)
‘AB’ रक्त समूह के व्यक्ति सार्वभौमिक प्राप्तकर्ता (Universal Recipient) होते हैं क्योंकि उनकी रक्त प्लाज्मा में कोई एंटीबॉडी नहीं होती, जो अन्य रक्त समूहों के RBCs (लाल रक्त कोशिकाओं) के खिलाफ प्रतिक्रिया कर सके। कारण गलत है, क्योंकि AB रक्त समूह की लाल रक्त कोशिकाओं में दोनों प्रकार के एंटीजन (A और B) उपस्थित होते हैं, न कि “कोई एंटीजन नहीं होता” जैसा कि कथन में दिया गया है।