किस मंदिर की निर्माण शैली सर्वथा भिन्न है-
सही उत्तर: कोणार्क
RPSC & RSMSSB PYQ Practice
इस पेज पर India GK के प्राचीन भारत में कला एवं वास्तुकला से संबंधित पिछले वर्षों में पूछे गए महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ) उत्तर और व्याख्या सहित दिए गए हैं। कुल 86 प्रश्नों में से यह पेज 6 है।
किस मंदिर की निर्माण शैली सर्वथा भिन्न है-
सही उत्तर: कोणार्क
इश्तरवरी ने मुल्तान के मन्दिर का वर्णन एक सुदृढ़ निर्माता के रूप में किया है जिसमें एक मानवाधिकार प्रतिमा थी। यह मन्दिर किसे समर्पित था-
सही उत्तर: सूर्य
चन्देल शासकों को सर्वाधिक श्रेय दिया जाता है उनके द्वारा निर्मित भव्य मन्दिरों के लिए, जो निर्मित किये गये-
सही उत्तर: खुजराहो में
उड़ीसा के निम्नलिखित मन्दिरों में से किसका शिखर द्रविड़ शैली का है -
सही उत्तर: बैताल देवल
व्याख्या (Explanation)
बैताल देवल मंदिर की खास विशेषता इसके गर्भगृह टॉवर का आकार है। इसकी छत का अर्ध-बेलनाकार आकार खाखरा क्रम के मंदिरों का एक प्रमुख उदाहरण है - जो दक्षिण भारतीय मंदिरों के द्रविड़ गोपुरम से समानता रखता है।
मन्दिर निर्माण वास्तुकला का भव्य स्वरूप कब पूर्ण रूप से विकसित हुआ -
सही उत्तर: आठवीं शताब्दी से
प्राचीन भारत के सन्दर्भ में कार्षापण क्या हैं -
सही उत्तर: साधारणतया प्रचलित सिक्के
किस स्थल पर काले तथा लाल मृद्भाण्डों की स्तरीय स्थिति को OCP तथा PGW के मध्य सर्वप्रथम पहचाना गया था-
सही उत्तर: अतरंजीखेड़ा
हड़प्पाकाल का एक काँसे का रथ जिसमें दो बैलों की जोड़ी जुती हुई है और इसे एक नग्न मानव आकृति चला रही है निम्नलिखित में से किस स्थान की खुदाई से प्राप्त हुई है -
सही उत्तर: दायमाबाद
निम्नलिखित में से मौर्य कला का सबसे अच्छा नमूना कौन-सा है -
सही उत्तर: स्तम्भ
बराबर पहाड़ियाँ कहाँ हैं?
सही उत्तर: बिहार में