भारत सरकार अधिनियम, 1935 के सन्दर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार करें : (i) किसी प्रांत के गवर्नर की नियुक्ति गवर्नर-जनरल द्वारा की जाती है। (ii) यदि गवर्नर-जनरल, किसी प्रांत के गवर्नर से रिपोर्ट प्राप्त करने पर, संतुष्ट है कि ऐसी स्थिति उत्पन्न हो गई है जिसमें प्रांत की सरकार इस अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार नहीं चल सकती है, तो वह उद्घोषणा द्वारा सभी शक्तियों को अपने हाथ में ले सकता है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं -
सही उत्तर: न तो (i) और न ही (ii)
व्याख्या (Explanation)
भारत सरकार अधिनियम, 1935 एक ऐसा महत्त्वपूर्ण कानून था जिसने औपनिवेशिक काल के दौरान भारत के संवैधानिक विकास को प्रमुख रूप से प्रभावित किया था। बड़े प्रांतों के गवर्नर ताज (ब्रिटिश क्राउन) द्वारा राज्य सचिव की सलाह से नियुक्त किए जाते थे। भारत सरकार अधिनियम, 1935 की धारा 93 (Section 93) राज्यपाल को आपातकाल की घोषणा करने की शक्ति प्रदान करती थी, यदि वह संतुष्ट हो जाता था कि उस प्रांत में शासन अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार नहीं चल रहा है। इस धारा के अधीन राज्यपाल के कृत्य उसके द्वारा स्वविवेक से किए जाएंगे और राज्यपाल द्वारा इस धारा के अधीन कोई उद्घोषणा गवर्नर-जनरल की स्वविवेक से सहमति के बिना नहीं की जाएगी।
स्रोत: SCHOOL LECTURER (SCHOOL EDU.) 2024 GA and GS (G-C)