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भारत के संविधान का कौन सा अनुच्छेद केन्द्रीय मंत्रिपरिषद के सदस्यों का ‘राज्य के प्रधान के प्रति व्यक्तिगत उत्तरदायित्व का सिद्धान्त’ उल्लेखित करता है -
भारत में संघीय मंत्री परिषद से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए - (I) कोई व्यक्ति जो संसद के दोनों में से किसी एक सदन का सदस्य न हो उसे मंत्री नियुक्त किया जा सकता है। परन्तु यदि वह मंत्री नियुक्त होने के बाद नियुक्ति की तारीख से निरन्तर छः मास की अवधि के भीतर दोनों में से किसी भी सदन का सदस्य न बन सके तो वह मंत्री नहीं रहता। (II) तथापि संसद सदस्य के रूप में चुने जाने के पश्चात् उसे फिर से मंत्री के रूप में नियुक्त किया जा सकता है। मंत्री को दोनों सदनों में उपस्थित रहने और उनकी कार्यवाही में भाग लेने का अधिकार है परन्तु वह उस सदन में मत नहीं दे सकता जिसका वह सदस्य नहीं है। सही विकल्प का चयन कीजिए -
निम्नलिखित में से भारत के प्रधानमंत्रियों का कौन सा समूह 1952 के बाद से कभी भी संसद की राज्य सभा का नेता नहीं रहा है -
निमंलिखित में से भारतीय संविधान का कौन सा प्रावधान मंत्रिपरिषद् की नियुक्ति और पदच्युत से संबंध रखता है?
किसने प्रधान मंत्री को “प्रायमस इंटर पेरस” (समकक्षों में सबसे आगे रहने वाला) और “केबिनेट के प्रमुख स्तंभ” के रूप में वर्णित किया -
प्रधानमंत्री -
मंत्रिपरिषद निम्नलिखित में से किस विकल्प के प्रति सामूहिक रूप से उत्तरदायी होगी -
निम्नलिखित में से कौन राष्ट्रपति को सहायता और सलाह देने के लिए मंत्रिपरिषद का प्रमुख बनता है -
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: I. अनुच्छेद 74(2) के अनुसार, इस प्रश्न की किसी न्यायालय में जाँच नहीं की जाएगी कि क्या मंत्रियों ने राष्ट्रपति को कोई सलाह दी, और यदि दी तो क्या दी। II. अनुच्छेद 75(2) के अनुसार, मंत्री, राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत अपने पद धारण करेंगे। III. अनुच्छेद 75(3) के अनुसार, मंत्रिमण्डल लोक सभा के प्रति सामूहिक रूप से उत्तरदायी होगी। निम्नलिखित में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
भारत के निम्नलिखित पूर्व प्रधानमंत्रियों पर विचार करें : A. पी. वी. नरसिम्हा राव B. वी. पी. सिंह C. इंदर कुमार गुजराल D. चंद्रशेखर E. अटल बिहारी वाजपेयी F. एच. डी. देवेगौड़ा निम्नलिखित में से कौन सा विकल्प उनके कार्यकाल का सही आरोहिक कालानुक्रमिक क्रम है -