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संविधान संशोधन PYQ in Hindi - पेज 2

इस पेज पर Indian Polity के संविधान संशोधन से संबंधित पिछले वर्षों में पूछे गए महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ) उत्तर और व्याख्या सहित दिए गए हैं। कुल 74 प्रश्नों में से यह पेज 2 है।

11

भारत में किस संवैधानिक संशोधन द्वारा मताधिकार की आयु 21 से घटाकर 18 वर्ष की गई -

📋 पूछा गया: REET-2024 PL-2 (LEVEL-2) SHIFT-2
A60 वाँ
B61 वाँ
C62 वाँ
D63 वाँ

सही उत्तर: 61 वाँ

व्याख्या (Explanation)

61वें संवैधानिक संशोधन (1988) के द्वारा भारत में मतदान की आयु 21 वर्ष से घटाकर 18 वर्ष की गई थी। राजीव गांधी वह प्रधानमंत्री थे जिन्होंने मतदान की आयु को 21 से घटाकर 18 वर्ष कर दिया। संविधान के अनुच्छेद 326 में संशोधन करके मतदान की आयु को कम किया गया था। संविधान का अनुच्छेद 326 यह प्रावधान करता है कि प्रत्येक राज्य की लोकसभा और विधान सभा के चुनाव वयस्क मताधिकार के आधार पर होंगे। मतदान का अधिकार एक कानूनी अधिकार है।​

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स्रोत: REET-2024 PL-2 (LEVEL-2) SHIFT-2

12

किस संवैधानिक संशोधन द्वारा भारतीय संविधान में मौलिक कर्तव्यों का भाग जोड़ा गया -

📋 पूछा गया: Rajasthan Patwar Exam 2025 2nd Shift
A42वां संवैधानिक संशोधन
B62वां संवैधानिक संशोधन
C78वां संवैधानिक संशोधन
D34वां संवैधानिक संशोधन

सही उत्तर: 42वां संवैधानिक संशोधन

व्याख्या (Explanation)

1976 में 42वें संशोधन के माध्यम से भारत के संविधान में मौलिक कर्तव्यों को जोड़ा गया। संशोधन में संविधान के अनुच्छेद 51A के तहत कुल 10 मौलिक कर्तव्य जोड़े गए।

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स्रोत: Rajasthan Patwar Exam 2025 2nd Shift

13

‘नागरिकता (संशोधन) अधिनियम, 2019’ के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें : (i) इसे 12 दिसंबर, 2019 को अधिसूचित किया गया था। (ii) यह 4 जनवरी, 2020 से लागू हुआ। (iii) नागरिकता (संशोधन) अधिनियम, 2019 के तहत पात्र व्यक्तियों को भारतीय नागरिकता प्रदान करने के लिए नागरिकता (संशोधन) नियम, 2024 को 11 अप्रैल, 2024 को अधिसूचित किया गया था। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं -

📋 पूछा गया: Deputy Jailor (Jail Deptt.) Comp. Exam-2024
Aकेवल (i)
Bकेवल (i) और (ii)
Cकेवल (ii) और (iii)
D(i), (ii) और (iii)

सही उत्तर: केवल (i)

व्याख्या (Explanation)

नागरिकता (संशोधन) अधिनियम, 2019 को 12 दिसंबर, 2019 को अधिसूचित किया गया। नागरिकता (संशोधन) अधिनियम, 2019 को नागरिकता अधिनियम, 1955 में संशोधन करने के लिये लाया गया है। नागरिकता अधिनियम, 1955 नागरिकता प्राप्त करने के लिये विभिन्न आधार प्रदान करता है। जैसे- जन्म, वंशानुगत, पंजीकरण, देशीयकरण और क्षेत्र इत्यादि। नागरिकता संशोधन नियम, 2024 को गृह मंत्रालय द्वारा 11 मार्च, 2024 को अधिसूचित किया गया था, जिसने दिसंबर, 2019 में संसद द्वारा पारित होने के 4 वर्ष पश्चात् CAA के कार्यान्वयन का मार्ग प्रशस्त किया।

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स्रोत: Deputy Jailor (Jail Deptt.) Comp. Exam-2024

14

1976 के किस संवैधानिक संशोधन अधिनियम द्वारा भारतीय संविधान की प्रस्तावना में ‘धर्मनिरपेक्ष’ शब्द जोड़ा गया था -

📋 पूछा गया: Prahari 2024 Shift 1
A42वां
B44वां
C43वां
D41वां

सही उत्तर: 42वां

व्याख्या (Explanation)

42वें संवैधानिक संशोधन अधिनियम, 1976 के द्वारा भारतीय संविधान की प्रस्तावना में ‘धर्मनिरपेक्ष’ (Secular) और ‘समाजवादी’ (Socialist) शब्द जोड़े गए थे।

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स्रोत: Prahari 2024 Shift 1

15

संविधान संसोधन सम्बन्धी कौनसा भाग है-

Aअनुच्छेद 368 व भाग 20
Bअनुच्छेद 268 व भाग 18
Cअनुच्छेद 366 व भाग 20
Dअनुच्छेद 368 व भाग 22

सही उत्तर: अनुच्छेद 368 व भाग 20

व्याख्या (Explanation)

संविधान संशोधन की प्रक्रिया अनुच्छेद 368 और भाग 20 में वर्णित है। संविधान में संशोधन की प्रक्रिया केवल संसद के किसी भी सदन में एक विधेयक पेश करके शुरू की जा सकती है, न कि राज्य विधानसभाओं में। विधेयक को या तो एक मंत्री या एक निजी सदस्य द्वारा पेश किया जा सकता है और इसके लिये राष्ट्रपति की पूर्व अनुमति की आवश्यकता नहीं होती है। विधेयक को प्रत्येक सदन में विशेष बहुमत से पारित किया जाना चाहिये अर्थात् सदन की कुल सदस्यता का बहुमत और सदन के उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के दो-तिहाई बहुमत से। प्रत्येक सदन को अलग से विधेयक पारित करना होगा। दोनों सदनों के बीच असहमति के मामले में संयुक्त बैठक आयोजित करने का कोई प्रावधान नहीं है। यदि बिल संविधान के संघीय प्रावधानों में संशोधन करना चाहता है, तो इसे आधे राज्यों की विधायिकाओं द्वारा साधारण बहुमत से भी अनुमोदित किया जाना चाहिये।

16

भारतीय संविधान में किस अनुच्छेद के अन्तर्गत संशोधन किया जा सकता है -

Aअनुच्छेद 368
Bअनुच्छेद 365
Cअनुच्छेद 362
Dअनुच्छेद 356

सही उत्तर: अनुच्छेद 368

व्याख्या (Explanation)

संविधान संशोधन की प्रक्रिया अनुच्छेद 368 और भाग 20 में वर्णित है। संविधान में संशोधन की प्रक्रिया केवल संसद के किसी भी सदन में एक विधेयक पेश करके शुरू की जा सकती है, न कि राज्य विधानसभाओं में। विधेयक को या तो एक मंत्री या एक निजी सदस्य द्वारा पेश किया जा सकता है और इसके लिये राष्ट्रपति की पूर्व अनुमति की आवश्यकता नहीं होती है। विधेयक को प्रत्येक सदन में विशेष बहुमत से पारित किया जाना चाहिये अर्थात् सदन की कुल सदस्यता का बहुमत और सदन के उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के दो-तिहाई बहुमत से। प्रत्येक सदन को अलग से विधेयक पारित करना होगा। दोनों सदनों के बीच असहमति के मामले में संयुक्त बैठक आयोजित करने का कोई प्रावधान नहीं है। यदि बिल संविधान के संघीय प्रावधानों में संशोधन करना चाहता है, तो इसे आधे राज्यों की विधायिकाओं द्वारा साधारण बहुमत से भी अनुमोदित किया जाना चाहिये।

17

भारत के संविधान में प्रथम संशोधन कब किया गया-

A1949
B1950
C1951
D1952

सही उत्तर: 1951

व्याख्या (Explanation)

भारतीय संविधान की नौवीं अनुसूची, जिसे प्रथम संशोधन अधिनियम, 1951 द्वारा पेश किया गया था, में वे कानून सूचीबद्ध हैं जिन्हें न्यायालयों में चुनौती नहीं दी जा सकती, उनकी न्यायिक समीक्षा नहीं की जा सकती, जिनमें विशेष रूप से भूमि सुधार कानून शामिल हैं। मूल रूप से अनुसूची में 13 कानून जोड़े गए थे।

18

भारतीय संविधान की उद्देशिका में संशोधन किया गया-

A40 वें संशोधन द्वारा
B42 वें संशोधन द्वारा
C44 वें संशोधन द्वारा
D46 वें संशोधन द्वारा

सही उत्तर: 42 वें संशोधन द्वारा

व्याख्या (Explanation)

प्रस्तावना को 42वें संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा संशोधित किया गया और प्रस्तावना में ‘समाजवादी’, ‘धर्मनिरपेक्ष’ तथा ‘अखंडता’ शब्द जोड़े गए।

19

किस संविधान संशोधन द्वारा किन्हीं विशेष परिस्थितियों में नीति निर्देशक सिद्धान्तों को मूल अधिकारों के उपर अधिक महत्व देने का प्रावधान है-

A24 वें
B42 वें
C52 वें
D31 वें

सही उत्तर: 42 वें

व्याख्या (Explanation)

42वें संशोधन (1976) ने नीति निर्देशक सिद्धांतों को कुछ परिस्थितियों में मौलिक अधिकारों से ऊपर रखने की व्यवस्था की।

20

संविधान की कौनसी धारा संसद को संविधान में संशोधन करने का अधिकार देती है-

A324
B368
C350
D370

सही उत्तर: 368

व्याख्या (Explanation)

संविधान के भाग XX में अनुच्छेद 368 संविधान और इसकी प्रक्रिया में संशोधन करने के लिये संसद की शक्तियों से संबंधित है। संविधान में संशोधन की प्रक्रिया केवल संसद के किसी भी सदन में एक विधेयक पेश करके शुरू की जा सकती है, न कि राज्य विधानसभाओं में। विधेयक को या तो एक मंत्री या एक निजी सदस्य द्वारा पेश किया जा सकता है और इसके लिये राष्ट्रपति की पूर्व अनुमति की आवश्यकता नहीं होती है। विधेयक को प्रत्येक सदन में विशेष बहुमत से पारित किया जाना चाहिये अर्थात् सदन की कुल सदस्यता का बहुमत और सदन के उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के दो-तिहाई बहुमत से। प्रत्येक सदन को अलग से विधेयक पारित करना होगा। दोनों सदनों के बीच असहमति के मामले में संयुक्त बैठक आयोजित करने का कोई प्रावधान नहीं है।

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