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राजस्थान में किसान तथा आदिवासी आन्दोलन PYQ in Hindi - पेज 10

इस पेज पर Rajasthan GK के राजस्थान में किसान तथा आदिवासी आन्दोलन से संबंधित पिछले वर्षों में पूछे गए महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ) उत्तर और व्याख्या सहित दिए गए हैं। कुल 296 प्रश्नों में से यह पेज 10 है।

91

भोजी लम्बरदार किस किसान आन्दोलन से सम्बन्धित थे -

📋 पूछा गया: School Lecturer 2022 Gk (G-A)
Aअलवर
Bभरतपुर
Cसीकर
Dबेगू

सही उत्तर: भरतपुर

व्याख्या (Explanation)

1931 ईस्वी में हुए भरतपुर किसान आंदोलन के प्रमुख नेतृत्वकर्ता भोजी लंबरदार थे।

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स्रोत: School Lecturer 2022 Gk (G-A)

92

भगत पंथ के प्रतिपादक कौन थे

📋 पूछा गया: Forest Guard Exam 2022 (11 DEC 2022) (evening shift)
Aमोतीलाल तेजावत
Bगोविन्द गिरी
Cरूपाजी
Dविजयसिंह पथिक

सही उत्तर: गोविन्द गिरी

व्याख्या (Explanation)

गीविन्द गुरु स्वामी दयानन्द सरस्वती से प्रभावित थे। जनजातियों को हिन्दु धर्म में रखने के लिए भगत पंथ की स्थापना की।

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स्रोत: Forest Guard Exam 2022 (11 DEC 2022) (evening shift)

93

बूंदी रियासत के बरड़ किसान आन्दोलन का नेता कौन था -

📋 पूछा गया: 3rd Grade Teacher 2022 English L2
Aमोतीलाल तेजावत
Bस्वामी गोपालदास
Cऋषिदत्त मेहता
Dनयनूराम शर्मा

सही उत्तर: नयनूराम शर्मा

व्याख्या (Explanation)

बूंदी किसान आन्दोलन में गुर्जर किसानों की संख्या अधिक थी। नेतृत्व - पं. नयनूराम शर्मा (राजस्थान सेवा संघ के सदस्य)

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स्रोत: 3rd Grade Teacher 2022 English L2

94

एकी आदोलन के प्रणेता कौन थे -

📋 पूछा गया: Forest Guard Exam 2022 (11 DEC 2022) (evening shift)
Aमोतीलाल तेजावत
Bराव गोपालसिंह
Cगोविंद गुरु
Dकृष्णसिह बारहठ

सही उत्तर: मोतीलाल तेजावत

व्याख्या (Explanation)

मोतीलाल तेजावत को भीलों का मसीहा कहते है। भील इन्हें बावसी के नाम से पुकारते है। मोतीलाल तेजावत द्वारा एकी आन्दोलन चलाया गया। भोमट क्षेत्र में चलाने के कारण इसे भोमट आन्दोलन के नाम से भी जाना जाता है।

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स्रोत: Forest Guard Exam 2022 (11 DEC 2022) (evening shift)

95

मोतीलाल तेजावत ने कहाँ आदिवासियों का आंदोलन आरम्भ किया -

📋 पूछा गया: Forest Guard Exam 2022 (11 DEC 2022) (morning shift)
Aसिरोही
Bझाड़ोल
Cपडौना
Dकोटड़ा

सही उत्तर: झाड़ोल

व्याख्या (Explanation)

मोतीलाल तेजावत को भीलों का मसीहा कहते है। भील इन्हें बावसी के नाम से पुकारते है। मोतीलाल तेजावत द्वारा एकी आन्दोलन चलाया गया। ​मोतीलाल तेजावत ने आदिवासियों का आंदोलन झाड़ोल में आरंभ किया था।

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स्रोत: Forest Guard Exam 2022 (11 DEC 2022) (morning shift)

96

निम्नलिखित में से कौनसा युग्म (कृषक आंदोलन – नेता) सुमेलित नहीं है -

Aबूंदी-नयनूराग शर्मा
Bबेगूं-मधाराम वैद्य
Cमेव-यासीन खाँ
Dबिजोलिया-विजय सिंह पथिक

सही उत्तर: बेगूं-मधाराम वैद्य

97

‘मीणा क्षत्रिय सभा’ की स्थापना कब की गई थी -

📋 पूछा गया: Forest Guard Exam 2022 Shift 1
A1924
B1933
C1944
D1946

सही उत्तर: 1933

व्याख्या (Explanation)

1933 में मीणा क्षेत्रीय महासभा का गठन किया।

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स्रोत: Forest Guard Exam 2022 Shift 1

98

दूधवाखारा किसान आन्दोलन किस राज्य से सम्बन्धित था -

📋 पूछा गया: Head Master (Sanskrit Edu.) - 20211 (PAPER-I)
Aजोधपुर
Bजैसलमेर
Cबीकानेर
Dजयपुर

सही उत्तर: बीकानेर

व्याख्या (Explanation)

दूधवाखारा किसान आंदोलन (चूरू) : 1944 ई. में यहाँ के जागीरदारों ने बकाया राशि के भुगतान का बहाना कर अनेक किसानों को उनकी जोत से बेदखल कर दिया। बीकानेर प्रजा परिषद् ने हनुमानसिंह के नेतृत्व में किसान आंदोलन का समर्थन किया।

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स्रोत: Head Master (Sanskrit Edu.) - 20211 (PAPER-I)

99

रूपाजी एवं कृपाजी धाकड़ नामक दो किसान किस कृषक आन्दोलन के दौरान शहीद हुए -

📋 पूछा गया: JEN 2022: Electrical Degree (GK)
Aबेगूं
Bबीकानेर
Cबरड़
Dबिजोलिया

सही उत्तर: बेगूं

व्याख्या (Explanation)

बेंगूं मेवाड़ रियासत का प्रथम श्रेणी ठिकाना था। बेंगूं के सामन्त अनूपसिंह ने किसानों से समझौता कर लिया लेकिन मेवाड़ रियासत ने इसे मानने से मना कर दिया तथा इसे बोल्शेविक समझौता कहा। मेवाड़ महाराणा ने ट्रेन्च को जाँच करने के लिए भेजा। 13 जुलाई 1923 को गोविन्दपुरा में किसानों की सभा पर ट्रेन्च ने फायरिंग कर दी, रूपाजी व किरपाजी नामक दो धाकड़ किसान शहीद हो गये।

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स्रोत: JEN 2022: Electrical Degree (GK)

100

नीमूचाणा घटना कब घटित हुई -

📋 पूछा गया: Evaluation Officer 2020
A25 मई, 1925
B14 मई, 1925
C13 मार्च, 1947
D28 मार्च, 1947

सही उत्तर: 14 मई, 1925

व्याख्या (Explanation)

1924 में अलवर के महाराणा जयसिंह ने लगान की दरों में वृद्धि कर दी। इसके विद्रोह में अलवर के किसान आन्दोलन करते है। 14 मई 1925 को नीमूचाणा ग्राम में एकत्रित होते है। छाजूसिंह नामक पुलिस अधिकारी ने फायरिंग कर दी जिसमें 156 लोग शहीद हुये थे। इसे राजस्थान का जलीयावाला बाग हत्याकाण्ड भी कहा जाता है।

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स्रोत: Evaluation Officer 2020

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