शंकरा राव देव समिति का गठन धौलपुर एवं भरतपुर राज्यों की जनता की इस बात के लिए राय जानने के लिये किया गया था कि - वे राजस्थान अथवा उत्तर प्रदेश किसमें मिलना चाहते हैं, इस समिति में अध्यक्ष सहित कितने सदस्य थे -
सही उत्तर: तीन
RPSC & RSMSSB PYQ Practice
इस पेज पर Rajasthan GK के राजस्थान का एकीकरण से संबंधित पिछले वर्षों में पूछे गए महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ) उत्तर और व्याख्या सहित दिए गए हैं। कुल 282 प्रश्नों में से यह पेज 28 है।
शंकरा राव देव समिति का गठन धौलपुर एवं भरतपुर राज्यों की जनता की इस बात के लिए राय जानने के लिये किया गया था कि - वे राजस्थान अथवा उत्तर प्रदेश किसमें मिलना चाहते हैं, इस समिति में अध्यक्ष सहित कितने सदस्य थे -
सही उत्तर: तीन
राजस्थान एकीकरण में भरतपुर, धौलपुर रियासतों पर जनता की राय जानने के लिए एक कमेटी का गठन किया गया था, उस कमेटी में कौन सम्मिलित नहीं था -
सही उत्तर: आर. एस सैनी
‘मत्स्य संघ’ के अंतर्गत निम्न में से कौनसे देशी राज्य सम्मिलित किये गये -
सही उत्तर: अलवर, भरतपुर, धौलपुर, करौली
राजप्रमुख के पद को ‘राज्यपाल’ का पदनाम दिया गया -
सही उत्तर: 1956 में
वृहत् राजस्थान के प्रधानमंत्री कौन थे -
सही उत्तर: हीरालाल शास्त्री
राजस्थान एकीकरण के सप्तम चरण में किन क्षेत्रों को सम्मिलित किया गया -
सही उत्तर: अजमेर तथा आबू
किस प्रदेश के ‘विशाल राजस्थान’ में सम्मिलित होने से ‘संयुक्त विशाल राजस्थान’ नामकरण हुआ -
सही उत्तर: मत्स्य
व्याख्या (Explanation)
शंकरराव देव समिति की सिफारिश पर 15 मई 1949 को मत्स्य संघ का वृहद राजस्थान में विलय कर देने से संयुक्त विशाल राजस्थान का निर्माण हुआ। नीमराना को भी इसमें शामिल कर लिया गया। आर. के. सिहवा, प्रभुदयाल इस समिति के सदस्य थे।
मत्स्य संघ का प्रशासन राजस्थान को स्थानान्तरित करने का निर्णय लिया गया था।
सही उत्तर: 1949
राजस्थान संघ का निर्माण 25 मार्च, 1948 को हुआ इसमें राजप्रमुख किसे बनाया गया -
सही उत्तर: भीमसिंह
व्याख्या (Explanation)
राजस्थान संघ का निर्माण 25 मार्च, 1948 को हुआ इसमें बाँसवाड़ा, बूँदी, डूँगरपुर, झालावाड़, प्रतापगढ़, कोटा, टोंक, शाहपुरा, किशनगढ़ शामिल हैं। कोटा नरेश (भीम सिंह द्वितीय) को राजप्रमुख के रूप में नियुक्त किया गया था।
टाॅडगढ़ को राजस्थान में कब सम्मिलित किया गया ?
सही उत्तर: 1956