चुरामन, कालू कुमार, कृपाल सिंह शेखावत राजस्थान की निम्न लोक कलाओं में से किससे संबंधित हैं -
सही उत्तर: ब्लू पॉटरी
RPSC & RSMSSB PYQ Practice
इस पेज पर Rajasthan GK के राजस्थान की हस्तकला / हस्तशिल्प से संबंधित पिछले वर्षों में पूछे गए महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ) उत्तर और व्याख्या सहित दिए गए हैं। कुल 311 प्रश्नों में से यह पेज 19 है।
चुरामन, कालू कुमार, कृपाल सिंह शेखावत राजस्थान की निम्न लोक कलाओं में से किससे संबंधित हैं -
सही उत्तर: ब्लू पॉटरी
राजस्थान में हस्तशिल्प के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. ब्लू पॉटरी मंगोलियाई कारीगरों द्वारा उत्पन्न हुई थी, जिन्होंने चीनी ग्लेज़िंग तकनीक को फारसी सजावटी कलाओं के साथ जोड़ा। 2. ऊंट के चमड़े पर गोल्डन मीनाकारी कार्य को उस्ता कला के रूप में जाना जाता है। बयान में से कौन सा सही है/हैं -
सही उत्तर: 1 और 2 दोनों
राजस्थान में ऊनी कम्बल एवं नमदे बनाने का प्रमुख केन्द्र है -
सही उत्तर: बीकानेर
राजस्थान में मोलेला किसके लिए जाना जाता है -
सही उत्तर: टेराकोटा कार्य के लिए
व्याख्या (Explanation)
राजस्थान का मोलेला गाँव टेराकोटा (मिट्टी के बर्तन एवं खिलौने) हस्तकला के लिए प्रसिद्ध है। पकाई हुई मिट्टी से विभिन्न सजावटी व उपयोगी वस्तुओं का निर्माण टेराकोटा कहलाता है।
राजस्थान में कोफ्तगिरी के काम के लिए कौन से जिले प्रसिद्ध हैं -
सही उत्तर: जयपुर और अलवर
कठपुतली राजस्थान के निम्नलिखित में से किस समुदाय से संबंधित है -
सही उत्तर: भट्ट
राजस्थान की फड़ पेंटिंग पारंपरिक रूप से ___________ पर की जाती है।
सही उत्तर: कपड़ा
राजस्थान का पन्ना शहर किस शहर को कहा जाता है -
सही उत्तर: जयपुर
व्याख्या (Explanation)
पन्ने की सबसे बड़ी अंतर्राष्ट्रीय मंडी जयपुर में स्थित है।
निम्नलिखित में से कौन काष्ट कला के प्रसिद्ध कलाकार हैं -
सही उत्तर: प्रभात जी सुथार
व्याख्या (Explanation)
राजस्थान का बस्सी (चित्तौड़गढ़) कस्बा काष्ठ कला के लिए प्रसिद्ध है। इस कला के जनक के रूप में प्रभात जी सुथार को जाना जाता है। प्रभात जी ने 350 साल पहले लकड़ी की गणगौर बनाई थी। इस कला के उपयोग से बेवन, कावड़ और लकड़ी के खिलौने भी बनाए जाते हैं।
निम्नलिखित में से कौन सा क्षेत्र टेराकोटा कलाकृतियों के उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है -
सही उत्तर: बू-नरावता
व्याख्या (Explanation)
पक्की मिट्टी का उपयोग करके मूर्तियाँ, बर्तन, खिलौने आदि बनाने की कला को टेराकोटा के नाम से जाना जाता है। नाथद्वारा के पास स्थित मोलेला गांव इस कला का प्रमुख केन्द्र बना हुआ है। । बू-नरावता गाँव मिट्टी के खिलौने, गुलदस्ते, गमले, पक्षियों की कलाकृतियों के काम के लिए प्रसिद्ध हैं, जो नागौर जिले में हैं।