राजस्थान सरकार द्वारा हस्तशिल्प/कला के क्षेत्र में राज्य स्तरीय पुरस्कार विजेता को कितनी राशि का पुरस्कार दिया जाता है -
सही उत्तर: ₹ 50,000
स्रोत: RSMSSB LDC (19-08-18) Paper-1
RPSC & RSMSSB PYQ Practice
इस पेज पर Rajasthan GK के राजस्थान की हस्तकला / हस्तशिल्प से संबंधित पिछले वर्षों में पूछे गए महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ) उत्तर और व्याख्या सहित दिए गए हैं। कुल 311 प्रश्नों में से यह पेज 28 है।
राजस्थान सरकार द्वारा हस्तशिल्प/कला के क्षेत्र में राज्य स्तरीय पुरस्कार विजेता को कितनी राशि का पुरस्कार दिया जाता है -
सही उत्तर: ₹ 50,000
स्रोत: RSMSSB LDC (19-08-18) Paper-1
____जयपुर का परंपरागत शिल्प है ।
सही उत्तर: ब्लू पॉटरी
निम्न में से राजस्थान का कौन-सा कलाकार मिट्टी के डिजाइनर पात्रों का कार्य कर रहा है-
सही उत्तर: ओमप्रकाश गालव
राजस्थान में मूर्तिकला के लिये कौन सा शहर विख्यात है-
सही उत्तर: जयपुर
स्रोत: RPSC LDC Exam 2011 Paper I
निम्न में से हस्त उद्योग का कौन सा केन्द्र है-
सही उत्तर: सांगानेर
व्याख्या (Explanation)
सांगानेर, राजस्थान का एक प्रमुख हस्त उद्योग केंद्र है, जो अपने हाथ से बने कागज और ब्लॉक प्रिंटिंग के लिए प्रसिद्ध है।
स्रोत: RPSC LDC Exam 2011 Paper I
निम्न में से कौनसा सा स्थान दरी निर्माण के केन्द्र के रूप में प्रसिद्ध है-
सही उत्तर: टोंक
व्याख्या (Explanation)
दरिया टोंक, जोधपुर, नागौर, बाड़मेर, भीलवाड़ा, शाहपुरा, केकड़ी, मालपुरा आदि स्थानों पर बनाई जाती है। जयपुर और बीकानेर की जेलो मे दरियाँ बनाई जाती हैं।
स्रोत: RPSC Clerk GR-II Exam 2016 Paper I
अजरका प्रिन्ट के लिये राजस्थान में कौन सा स्थान प्रसिद्ध है-
सही उत्तर: बाड़मेर
स्रोत: RPSC Clerk GR-II Exam 2016 Paper I
प्राचीन राजस्थान की मूर्तिकला की प्रतीक ‘नाद की शिव प्रतिमा’ किस जिले से प्राप्त हुई है-
सही उत्तर: अजमेर
व्याख्या (Explanation)
‘नाद की शिव प्रतिमा’ राजस्थान के अजमेर जिले से प्राप्त हुई है।
‘चन्दूजी का गढ़ा तथा बोडीगामा’ स्थान किसके लिए विख्यात है-
सही उत्तर: तीर-कमान निर्माण के लिए
कुदरतसिंह को राजस्थान की किस हस्तकला में योगदान के लिए पद्यश्री पुरस्कार से अलंकृत किया गया है-
सही उत्तर: मीनाकारी
व्याख्या (Explanation)
मीनाकारी कला में योगदान के लिए, कुदरत सिंह को पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उन्हें 1965 में भारत सरकार द्वारा मास्टर क्राफ्ट पर्सन के राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उन्हें 1988 में भारत सरकार द्वारा मास्टर क्राफ्ट पर्सन के रूप में पद्मश्री से सम्मानित किया गया था।