‘ब्रोचगुर्जर’ नामक एक ताम्रपत्र के आधार पर राजपूतों को यू-ची जाति का वंशज मानते हुए इनका संबंध कुषाण जाति से किसने जोड़ा है -
सही उत्तर: कनिंघम
RPSC & RSMSSB PYQ Practice
इस पेज पर Rajasthan GK के राजस्थान का इतिहास जानने के स्त्रोत से संबंधित पिछले वर्षों में पूछे गए महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ) उत्तर और व्याख्या सहित दिए गए हैं। कुल 276 प्रश्नों में से यह पेज 17 है।
‘ब्रोचगुर्जर’ नामक एक ताम्रपत्र के आधार पर राजपूतों को यू-ची जाति का वंशज मानते हुए इनका संबंध कुषाण जाति से किसने जोड़ा है -
सही उत्तर: कनिंघम
‘गाधिया’ सिक्के किस राज्य से संबंधित थे -
सही उत्तर: उदयपुर
व्याख्या (Explanation)
हूणों द्वारा प्रचलित चांदी और तांबे के सिक्कों को गधिया मुद्रा कहा जाता है।
अभिलेखों के अध्ययन को कहा जाता है -
सही उत्तर: एपिग्राफी
व्याख्या (Explanation)
अभिलेखों के अध्ययन को ‘एपिग्राफी’ कहते हैं। अभिलेखों में शिलालेख, स्तम्भ लेख, गुहालेख, मूर्तिलेख, पट्टलेख आदि आते हैं।
राजस्थान में अशोक का अभिलेख कहां प्राप्त हुआ था -
सही उत्तर: बैराठ
व्याख्या (Explanation)
यहां अशोक मौर्य के दो अभिलेख मिले हैं। भाब्रू शिला फलक एवं बैराठ अभिलेख।
स्रोत: Lect. College Edu. EXAM 2014(GK)
वह कौनसा शिलालेख है जिससे ज्ञात होता है की विग्रहराज चतुर्थ ने दिल्ली को अपने अधीन किया था -
सही उत्तर: बिजौलिया शिलालेख
व्याख्या (Explanation)
इस अभिलेख में सांभर(शाकम्भरी) एवं अजमेर के चौहानों का वर्णन है। इसमें सांभर तथा अजमेर के चौहानों को वत्सगोत्रीय ब्राह्मण बताया गया है।
कौन पृथ्वीराज चौहान तृतीय का दरबारी विद्वान नहीं था -
सही उत्तर: सारंगधर
व्याख्या (Explanation)
सारंगधर, पृथ्वीराज चौहान तृतीय के दरबारी विद्वान नहीं थे। ‘शारंगधर’ रणथंबोर के राजा ‘हमीर’ के गुरु ‘राघवदेव’ के पोते थे। उनके पिता का नाम ‘दामोदर’ था। शारंगधर अपने समय में संगीत के क्षेत्र में एक प्रसिद्ध नाम थे।
‘जगतसिंह काव्य’ के रचयिता कौन थे -
सही उत्तर: रघुनाथ
कविराज श्यामलदास द्वारा प्रसिद्ध इतिहास ग्रंथ का क्या नाम है -
सही उत्तर: वीर-विनोद
‘मुण्डीयार री ख्यात’ किस राजवंश से सम्बन्धित है -
सही उत्तर: मारवाड़ के राठौड़
घोसुण्डी अभिलेख किस लिपि में लिखा गया है -
सही उत्तर: ब्राह्मी
व्याख्या (Explanation)
घोसुंडी शिलालेख संस्कृत में लिखा गया है। घोसुंडी का शिलालेख चित्तौड़ के निकट घोसुंडी गांव में प्राप्त हुआ था। इस लेख में प्रयुक्त भाषा संस्कृत और लिपि ब्राह्मी है।