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राजस्थान की जलवायु PYQ in Hindi - पेज 27

इस पेज पर Rajasthan GK के राजस्थान की जलवायु से संबंधित पिछले वर्षों में पूछे गए महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ) उत्तर और व्याख्या सहित दिए गए हैं। कुल 301 प्रश्नों में से यह पेज 27 है।

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निम्न में से कौनसी राजस्थान की मुख्य विशेषताएं है। अ. अतिशुष्क दशाएं ब. तापमान का अतिरेक स. न्यून औसत वार्षिक वर्षा द. कम तथा छितरा हुआ वनस्पति आवरण

📋 पूछा गया: Asstt. Agriculture Officer Exam 2015 Paper 1
Aअ, ब एवं द
Bअ, स एवं द
Cअ, ब एवं स
Dअ, ब, स एवं द

सही उत्तर: अ, ब, स एवं द

व्याख्या (Explanation)

राजस्थान की जलवायु कि प्रमुख विशेषताएं - शुष्क एवं आर्द्र जलवायु कि प्रधानता अपर्याप्त एंव अनिश्चित वर्षा वर्षा का अनायस वितरण अधिकांश वर्षा जुन से सितम्बर तक वर्षा की परिर्वतनशीलता एवं न्यूनता के कारण सुखा एवं अकाल कि स्थिती अधिक होना।

📋

स्रोत: Asstt. Agriculture Officer Exam 2015 Paper 1

262

कोपेन के जलवायु वर्गीकरण के अनुसार निम्नलिखित में से किन जिलों में BShw प्रकार का जलवायु पाई जाती है -

Aबाड़मेर, जोधपुर, नागौर, सीकर
Bभीलवाड़ा, नागौर, चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़
Cझालावाड़, बाँसवाड़ा, डूंगरपुर, बारा
Dजयपुर, दौसा, अलवर, भरतपुर

सही उत्तर: बाड़मेर, जोधपुर, नागौर, सीकर

व्याख्या (Explanation)

जर्मन मौसमवेत्ता व्लादिमिर कोपेन ने जलवायु प्रदेशो के निर्धारण के लिए चार चरों – वार्षिक एवं मासिक औसत तापमान, वार्षिक एवं मासिक वर्षा,तथा वनस्पति का प्रयोग किया। Aw उष्ण कटिबंधीय आर्द्र जलवायु प्रदेश Bshw अर्द्ध शुष्क कटिबंधीय शुष्क जलवायु प्रदेश Bwhw उष्ण कटिबंधीय शुष्क जलवायु प्रदेश Cwg उप आर्द्र जलवायु प्रदेश अर्द्ध शुष्क कटिबंधीय शुष्क जलवायु प्रदेश : चुरू, गंगानगर, हनुमानगढ़, द. बाड़मेर, बालोतरा, जोधपुर, बीकानेर का पूर्वी भाग तथा पाली, जालौर, सीकर,नागौर, डीडवाना कुचामन व झुझुनू का पश्चिमी भाग।

263

राजस्थान में होने वाली वर्षा के लिए उत्तरदायी ग्रीष्मकालीन मानसूनी पवनें किस महासागर से आती है-

Aप्रशांत महासागर
Bहिन्द महासागर
Cअटलांटिक महासागर
Dआर्कटिक महासागर

सही उत्तर: हिन्द महासागर

व्याख्या (Explanation)

राजस्थान में होने वाली वर्षा के लिए उत्तरदायी ग्रीष्मकालीन मानसूनी पवनें हिंद महासागर से आती हैं। ये पवनें दक्षिण-पश्चिमी मानसून के रूप में उत्पन्न होती हैं। ये पवनें दो शाखाओं में राज्य में प्रवेश करती हैं: बंगाल की खाड़ी की शाखा अरब सागर की शाखा

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राजस्थान के उक्त मानचित्र में कोपेन के जलवायु प्रदेशों को (i), (ii), (iii) और (iv) से अंकित किया गया है। नीचे दी गई क्रमावली से इनका सही अनुक्रम पहचानिए-

ABWhw, BShw, Cwg, Aw
BAw, Cwg, BShw, BWhw
CBShw, BWhw, Aw, Cwg
DCwg, BWhw, BShw, Aw

सही उत्तर: BWhw, BShw, Cwg, Aw

व्याख्या (Explanation)

जर्मन मौसमवेत्ता व्लादिमिर कोपेन ने जलवायु प्रदेशो के निर्धारण के लिए चार चरों – वार्षिक एवं मासिक औसत तापमान, वार्षिक एवं मासिक वर्षा,तथा वनस्पति का प्रयोग किया। Aw उष्ण कटिबंधीय आर्द्र जलवायु प्रदेश Bshw अर्द्ध शुष्क कटिबंधीय शुष्क जलवायु प्रदेश Bwhw उष्ण कटिबंधीय शुष्क जलवायु प्रदेश Cwg उप आर्द्र जलवायु प्रदेश

265

राजस्थान के उष्ण मरूस्थली जलवायु के लिए कोपेन ने किस कूट का प्रयोग किया-

ABshw
BCwg
CAw
DBwhw

सही उत्तर: Bwhw

व्याख्या (Explanation)

जर्मन मौसमवेत्ता व्लादिमिर कोपेन ने जलवायु प्रदेशो के निर्धारण के लिए चार चरों – वार्षिक एवं मासिक औसत तापमान, वार्षिक एवं मासिक वर्षा,तथा वनस्पति का प्रयोग किया। Aw उष्ण कटिबंधीय आर्द्र जलवायु प्रदेश Bshw अर्द्ध शुष्क कटिबंधीय शुष्क जलवायु प्रदेश Bwhw उष्ण कटिबंधीय शुष्क जलवायु प्रदेश Cwg उप आर्द्र जलवायु प्रदेश

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शीतकाल में पश्चिमी विक्षोभों से होने वाली वर्षा का राजस्थान में नाम है-

Aकाल बरखा
Bआम्र वर्षा
Cमावठ
Dपावस

सही उत्तर: मावठ

व्याख्या (Explanation)

भूमध्यसागरीय मानसून राजस्थान में पश्चिमी दिशा से प्रवेश करता है। पश्चिमी दिशा से प्रवेश करने के कारण इस मानसून को पश्चिमी विक्षोभों का मानसून के उपनाम से जाना जाता है। इस मानसून से राजस्थान में उत्तर-पश्चिम क्षेत्र में वर्षा होती है। यह मानसून मुख्यतः सर्दीयों में वर्षा करता है सर्दियों में होने वाली वर्षा को स्थानीय भाषा में मावठ कहते हैं यह वर्षा गेहुं की फसल के लिए सर्वाधिक लाभदायक होती है। इन वर्षा कि बूदों को गोल्डन ड्रोप्स या सोने कि बुंद के उप नाम से जाना जाता है।

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निम्न कथनों पर विचार कीजिये- राजस्थान में वर्षा दक्षिण और दक्षिण-पूर्व से उत्तर और उत्तर-पश्चिम में घटती जाती है। मानसून की अरब सागरीय शाखा राजस्थान में वर्षा का प्रमुख स्त्रोत है। पश्चिमी राजस्थान केवल शीत काल में वर्षा प्राप्त करता है। राजस्थान का 50 प्रतिशत भाग शुष्क एवं अर्द्ध-शुष्क जलवायु का है। उपर्युक्त कथनों में कोन-सा/से सही है/हैं-

A1 व 2
B1, 2 व 3
C1, 2 व 4
D3 व 4

सही उत्तर: 1, 2 व 4

व्याख्या (Explanation)

राजस्थान में मध्य जून से सितम्बर तक वर्षा ऋतु होती है। राजस्थान में सर्वप्रथम अरबसागर का मानसून प्रवेश करता है। राजस्थान में सर्वाधिक वर्षा दक्षिणी-पश्चिमी मानसून हवाओं से होती है तथा दुसरा स्थान बंगाल की खाड़ी का मानसून, तीसरा स्थान अरबसागर के मानसून, अन्तिम स्थान भूमध्यसागर के मानसून का है। राजस्थान में वर्षा की मात्रा दक्षिण पूर्व से उत्तर पश्चिम की ओर घटती है। अरब सागरीय मानसुन हवाओं से राज्य के दक्षिण व दक्षिण पूर्वी जिलों में पर्याप्त वर्षा हो जाती है।

268

राजस्थान को दो भागों में बांटने वाली समवर्षा रेखा है-

A25 सेमी.
B50 सेमी.
C100 सेमी.
D150 सेमी.

सही उत्तर: 50 सेमी.

व्याख्या (Explanation)

राजस्थान को 50 सेमी. रेखा दो भागों में बांटती है। 50 सेमी. वर्षा रेखा की उत्तर-पश्चिम में कम होती है। जबकि दक्षिण पूर्व में वर्षा अधिक होती है। 50 सेमी. मानक रेखा अरावली पर्वत माला को माना जाता है।

269

सामान्यतया राजस्थान को कितने जलवायु क्षेत्रों में विभाजित किया जाता है-

Aपांच
Bछः
Cसात
Dआठ

सही उत्तर: पांच

व्याख्या (Explanation)

राजस्थान को जलवायु की दृष्टि से पांच भागों में बांटा है। शुष्क जलवायु प्रदेश(0-20 सेमी.) अर्द्धशुष्क जलवायु प्रदेश(20-40 सेमी.) उपआर्द्र जलवायु प्रदेश(40-60 सेमी.) आर्द्र जलवायु प्रदेश(60-80 सेमी.) अति आर्द्र जलवायु प्रदेश(80-100 सेमी.)

270

राजस्थान में जून माह में न्यूनतम वायुदाब जिस जिले में सम्भावित है, वह है-

Aबून्दी
Bबारां
Cजैसलमेर
Dराजसमन्द

सही उत्तर: जैसलमेर

व्याख्या (Explanation)

ग्रीष्म ऋतु में पश्चिम की तरफ से गर्म हवाऐं चलती है जिन्हें लू कहते है। इस लू के कारण यहां निम्न वायुदाब का क्षेत्र बन जाता है। इस निम्न वायुदाब की पूर्ती हेतु दुसरे क्षेत्र से (उच्च वायुदाब वाले क्षेत्रों से) तेजी से हवा उठकर आती है जो अपने साथ धुल व मिट्टी उठाकर ले आती है इसे ही आंधी कहते हैं। जैसलमेर जिले में जून माह में न्यूनतम वायुदाब की स्थिती बनती है।

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