सूर्य के उत्तरायण होने पर -
सही उत्तर: 1 व 2 दोनों
व्याख्या (Explanation)
23 1/20 उत्तरी अक्षांश से 23 1/20 दक्षिणी अक्षांश के मध्य का भु-भाग जहां वर्ष में कभी न कभी सुर्य की किरणें सीधी चमकती है आयन कहलाता है यह दो होते हैं। उत्तरी आयन(उत्तरायण) - 0 अक्षांश से 23 1/20 उत्तरी अक्षांश के मध्य। दक्षीण आयन(दक्षिणायन) - 0 अक्षांश से 23 1/20 दक्षिणी अक्षांश के मध्य। सूर्य के उत्तरायण होने के साथ-साथ तापमान में वृद्धि होती है तथा तटीय क्षेत्रों में हल्की बारिश भी होती है। गर्मियों के मौसम में/गर्मियों के दौरान जब सूर्य की किरणें कर्क रेखा पर लंबवत् पड़ती है तब मध्य एशिया में निम्न वायुदाब का विकास होता है।