केसरियानाथ का मेला कहाँ आयोजित होता है -
सही उत्तर: धुलेव
स्रोत: Asstt. Agriculture Officer(TSP) Exam 2015 Paper 1
RPSC & RSMSSB PYQ Practice
इस पेज पर Rajasthan GK के राजस्थान के मेले से संबंधित पिछले वर्षों में पूछे गए महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ) उत्तर और व्याख्या सहित दिए गए हैं। कुल 279 प्रश्नों में से यह पेज 23 है।
केसरियानाथ का मेला कहाँ आयोजित होता है -
सही उत्तर: धुलेव
स्रोत: Asstt. Agriculture Officer(TSP) Exam 2015 Paper 1
जयपुर जिले के लूणियावास ग्राम पंचायत का भावगढ़ बंध्या 400 वर्षो से कौन से मेले के लिए विख्यात है -
सही उत्तर: गधों का मेला
बादशाह का प्रसिद्ध मेला राजस्थान के किस शहर में आयोजित होता है -
सही उत्तर: ब्यावर
व्याख्या (Explanation)
लाल रंग में रंगा शहर ब्यावर में बादशाह मेले की पहचान है। 1851 से चली आ रही परंपरा के तहत मुगल बादशाह अकबर के समय में उनके नवरत्नो में से एक टोडरमल को ढाई दिन की बादशाहत मिलने की याद ताजा करने के उद्वेश्य से होली के तीसरे दिन ब्यावर में बादशाह मेला भरा जाता है।
कौन सा मेला वर्ष में दो बार आयोजित होता है -
सही उत्तर: करणी माता
व्याख्या (Explanation)
बीकानेर जिले में देशनोक नामक स्थान पर करणी माता का मंदिर बना हुआ है, यहां वर्ष में दो बार चैत्र व अश्विन मास के नवरात्र के समय मेला लगता है।करणी माता का मंदिर देश-विदेश में चूहों वाला मंदिर के नाम से प्रसिद्ध है।
स्रोत: Lect. College Edu. EXAM 2014(GK)
सिता-बाड़ी का प्रसिद्ध मेला किस जिले में लगता है -
सही उत्तर: बारां
स्रोत: RSMSSB Lab Assistant Exam 2016
राजस्थान का प्रसिद्ध बेणेश्वर मेला किस माह में भरता है -
सही उत्तर: माघ
स्रोत: Sr. Teacher GrII Comp. Exam 2016 Gk (G-B)
निम्न में से किस स्थान पर बोहरा समुदाय का प्रमुख उर्स लगता है -
सही उत्तर: गलियाकोट में बाबा फखरूद्दीन की दरगाह पर
स्रोत: Sr. Teacher GrII Comp. Exam 2016 Gk (G-A)
जिला, जिसमें प्रसिद्ध भर्तृहरि मेला आयोजित होता है -
सही उत्तर: अलवर
व्याख्या (Explanation)
भर्तृहरि मेला, अलवर ज़िले में लगता है। पत्नी के धोखे से भर्तृहरि के मन में वैराग्य जाग गया और वे अपना संपूर्ण राज्य अपने भाई विक्रमादित्य को सौंपकर गुफा में 12 वर्षों तक तपस्या की। उन्होंने वैराग्य पर 100 श्लोक लिखे, जो कि वैराग्य शतक के नाम से प्रसिद्ध हैं। उससे पहले अपने शासनकाल में वे श्रृंगार शतक और नीति शतक नामक दो संस्कृत काव्य लिख चुके थे। वहां से गुरु गोरक्षनाथ के आदेश पर बाबा भर्तृहरि ने सरिस्का की वादियों में जहां वर्तमान मन्दिर है, वहां बरसों तपस्या की। जहां आज भी बाबा का धूना अनवरत चलता रहता है। बाबा भर्तृहरि का मेला प्रतिवर्ष भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी को भरता है
स्रोत: Sr. Teacher GrII Comp. Exam 2016 Gk (G-A)
तेजाजी का मेला आयोजित किया जाता है -
सही उत्तर: परबतसर
व्याख्या (Explanation)
डीडवाना में स्थित एक छोटा सा गाँव, परबतसर में भाद्रपद शुक्ल दशमी पर, हर साल मेला तेजाजी के नाम से मेला लगता है। तेजाजी को ‘काला - बाला’ का देवता कहा जाता है।
स्रोत: Asstt. Agriculture Officer Exam 2015 Paper 1
बाणगंगा का मेला कहाँ लगता है -
सही उत्तर: जयपुर जिला