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राजस्थान के मेले PYQ in Hindi - पेज 5

इस पेज पर Rajasthan GK के राजस्थान के मेले से संबंधित पिछले वर्षों में पूछे गए महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ) उत्तर और व्याख्या सहित दिए गए हैं। कुल 279 प्रश्नों में से यह पेज 5 है।

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धींगा गवर के बेंतमार मेले के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन गलत है -

Aयह मेला चैत्र शुक्ल तृतीय से बैसाख कृष्ण पक्ष की तृतीया तक आयोजित होता है।
Bमहिलाएं स्वांग रचकर पुरुषों को बेंत से पीटती हैं, जिससे कुंवारे युवकों की शादी जल्दी होने की मान्यता है।
Cमेले में पुरुष भी स्वांग धारण करतें हैं।
Dयह पूजा अखंड सुहाग की कामना के लिए की जाती है।

सही उत्तर: मेले में पुरुष भी स्वांग धारण करतें हैं।

व्याख्या (Explanation)

पश्चिमी राजस्थान में जोधपुर, बीकानेर, जैसलमेर आदि क्षेत्रों में सुहागिनें अखंड सुहाग की कामना के लिए धींगा गवर की पूजा करती है। यह पूजा सामान्यतः गणगौर पूजा के बाद चैत्र शुक्ल तृतीय से बैसाख कृष्ण पक्ष की तृतीया तक होती है। धींगा गवर के रतजगे पर जोधपुर शहर में बेंतमार मेले का माहौल होता है। इस मेले में स्त्रियां अपने घरों से विभिन्न स्वांग जैसे राजा-रानी, डॉक्टर, पुलिस, वकील, जाट-जाटनी, विष्णु, महादेव, भिखारी, सेठ इत्यादि नाना प्रकार के भेष धारण कर मुखौटे लगाकर नाचती गाती हाथों में लंबा बेंत या इंडा लेकर धींगा गवर स्थल पर जाती हैं। जब ये महिलाएं स्वांग रच कर रात्रि में सड़क पर निकलती हैं तो रास्ते में जहाँ भी पुरुष नजर आता है, उसे बेंत से पीटती हैं। मान्यता है कि इस मेले में बेंत खाने से कुंवारे युवकों की शादी जल्दी हो जाती है।

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निम्नलिखित में से कौन-सी मान्यता जीण माता के मेले से संबंधित नहीं है -

Aमंदिर में घी और तेल के दो अखण्ड दीपक कई वर्षों से जल रहे हैं।
Bमंदिर में पांचों पांडवों की आदमकद प्रस्तर प्रतिमाएँ हैं।
Cयहाँ चेचक के प्रकोप को माता की रुष्टता से जोड़ा जाता है।
Dमंदिर की ज्योति व्यवस्था दिल्ली के चौहान राजाओं ने शुरू की थी।

सही उत्तर: यहाँ चेचक के प्रकोप को माता की रुष्टता से जोड़ा जाता है।

व्याख्या (Explanation)

चेचक के प्रकोप को माता की रुष्टता से जोड़ने की मान्यता शीतला माता के मेले से संबंधित है, न कि जीण माता के मेले से। सीकर जिले के रैवासा गाँव में हर्ष की पहाड़ी पर जीण माता का मंदिर स्थित है। यह मंदिर तीन दिशाओं में पर्वत श्रंखलाओं से घिरा हुआ है। मंदिर में जीण माता की अष्टभुजी प्रतिमा स्थापित है। जिसके सामने घी और तेल के दो दीपक अखण्ड रूप से कई वर्षों से जलते आ रहे हैं।

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केसरियाजी के मेले के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है -

Aयह मेला चैत्र कृष्ण अष्टमी को आयोजित होता है।
Bऋषभदेवजी की मूर्ति काले रंग की है, इसलिए भील इन्हें कालाजी कहते हैं।
Cमेले में केवल श्वेताम्बर और दिगंबर जैन समुदाय के लोग ही शामिल होते हैं।
Dकेसर की पूजा में विशेष महत्त्व होने से इन्हें केसरियाजी कहा जाता है।

सही उत्तर: मेले में केवल श्वेताम्बर और दिगंबर जैन समुदाय के लोग ही शामिल होते हैं।

व्याख्या (Explanation)

उदयपुर के धुलेव गाँव में ऋषभदेवजी का भव्य मंदिर है। प्रतिवर्ष अश्विन कृष्ण प्रथम व द्वितीय को यहाँ भव्य रथयात्रा भी निकाली जाती है। चैत्र कृष्ण अष्टमी को यहाँ विशाल मेले का आयोजन होता है इस मेले में श्वेताम्बर,दिगंबर जैन, वैष्णव, शेव, भील व मुस्लिम सम्प्रदाय के लोग सम्मिलित होते है, न कि केवल जैन समुदाय।

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श्रीमहावीरजी मेले के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सी परंपरा सही नहीं है -

Aरथयात्रा में रथ के आगे मीणा जाति के लोग लोकगीत गाते हैं।
Bरथ का संचालन हिण्डौन के उपजिला कलेक्टर करते हैं।
Cमंदिर की मूर्ति की खोज एक चर्मकार की गाय के दूध से जुड़ी घटना से हुई थी।
Dरथयात्रा चैत्र कृष्ण अष्टमी को निकाली जाती है।

सही उत्तर: रथयात्रा चैत्र कृष्ण अष्टमी को निकाली जाती है।

व्याख्या (Explanation)

जैन धर्म के चौबीसवें तीर्थंकर महावीर स्वामी की स्मृति में करौली जिले की हिण्डौन तहसील में गंभीरी नदी तट पर स्थित चंदन गाँव में चैत्र शुक्ला त्रयोदशी से वैशाख कृष्णा प्रतिपदा तक महावीरजी का मेला लगता है। देश के विभिन्न हिस्सों से जैन धर्मानुयायी यहाँ पहुँचते हैं। जैनियों के साथ-साथ मीणा, गुर्जर, जाट, अहीर, चर्मकार आदि जातियों के लोग भी इसमें सम्मिलित होते हैं। वैशाख कृष्ण प्रतिपदा को भगवान महावीर स्वामी की रथयात्रा निकाली जाती है।

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शीतला माता के मेले के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन गलत है -

Aशीतला माता का वाहन स्कंद पुराण में गर्दभ बताया गया है।
Bशीतला माता के मंदिर का निर्माण जयपुर के शासक माधोसिंह ने करवाया था।
Cशील माता का पुजारी केवल अहीर जाति का होता है।
Dमेले को ‘बैलगाड़ी मेले’ के नाम से भी जाना जाता है।

सही उत्तर: शील माता का पुजारी केवल अहीर जाति का होता है।

व्याख्या (Explanation)

शीतला माता का पुजारी कुम्हार जाति का होता है, न कि अहीर जाति का। जयपुर जिले की चाकसू तहसील में स्थित शील की डूंगरी गाँव में चैत्र कृष्णा सप्तमी अष्टमी को शीतला माता का मेला लगता है। पहाड़ी पर स्थित शीतला माता के मंदिर का निर्माण जयपुर के शासक माधोसिंह ने करवाया था। दूर-दूर से ग्रामीण रंगीन कपड़ों में सजे, अपनी सुसज्जित बैलगाड़ियों से मेले में आते हैं, इसलिए इसे ‘बैलगाड़ी मेले’ के नाम से जाना जाता है।

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राजस्थान में 14 जनवरी, मकर संक्रांति के दिन पतंग महोत्सव किस शहर में मनाया जाता है - निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:

📋 पूछा गया: Animal Attendant 2023 Exam (December 1 Shift I)
Aउदयपुर
Bबीकानेर
Cजयपुर
Dअजमेर

सही उत्तर: जयपुर

व्याख्या (Explanation)

जयपुर में मकर संक्रांति पर अंतरराष्ट्रीय पतंग उत्सव प्रसिद्ध है।

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स्रोत: Animal Attendant 2023 Exam (December 1 Shift I)

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जयपुर के निकट भावगढ़ बंध्या गाँव में कौन-सा मेला लगता है - निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:

📋 पूछा गया: Animal Attendant 2023 Exam (December 1 Shift I)
Aकरणी माता मेला
Bकपिल मुनि मेला
Cश्री खलकाणी माता गर्दभ मेला
Dशीतला माता मेला

सही उत्तर: श्री खलकाणी माता गर्दभ मेला

व्याख्या (Explanation)

राजधानी जयपुर के निकट भावगढ़ बंध्या में हर साल एशिया प्रसिद्ध खलकाणी माता का चार दिवसीय गर्दभ मेला आयोजित होता है और गधों की खरीद-बिक्री के लिए प्रसिद्ध है।

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स्रोत: Animal Attendant 2023 Exam (December 1 Shift I)

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राजस्थान के आदिवासी समाज का सबसे बड़ा मेला कौन-सा है - निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:

📋 पूछा गया: Animal Attendant 2023 Exam (December 1 Shift I)
Aबेणेश्वर मेला
Bकैला देवी मेला
Cश्री महावीरजी मेला
Dकपिल मुनि मेला

सही उत्तर: बेणेश्वर मेला

व्याख्या (Explanation)

बेणेश्वर मेला डूंगरपुर में आयोजित होता है और आदिवासी समुदायों (विशेष रूप से भील) का सबसे बड़ा मेला है।

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स्रोत: Animal Attendant 2023 Exam (December 1 Shift I)

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फूलडोल महोत्सव किस सम्प्रदाय का महत्वपूर्ण उत्सव है -

📋 पूछा गया: Junior Instructor (MDE) Exam 2024
Aरामस्नेही सम्प्रदाय
Bलालदासी सम्प्रदाय
Cबिश्नोई सम्प्रदाय
Dजसनाथी सम्प्रदाय

सही उत्तर: रामस्नेही सम्प्रदाय

व्याख्या (Explanation)

फूलडोल महोत्सव रामस्नेही सम्प्रदाय का प्रमुख पर्व है, जो फाल्गुन शुक्ल पूर्णिमा को मनाया जाता है। इसमें भगवान की मूर्तियों पर पुष्पवर्षा की जाती है और भजन-कीर्तन होते हैं। रामस्नेही संप्रदाय के संस्थापक स्वामी रामचरण जी महाराज थे।

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स्रोत: Junior Instructor (MDE) Exam 2024

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उपयुक्त युग्म सुम्मेलित कीजिए। देवता मेला a. जसनाथ जी 1. रेवासा (सीकर) b. शीतला माता 2. चाकसू (जयपुर) c. जाम्भोजी 3. मुकाम (नोका) d. जीण माता 4. कातरियासर (बीकानेर)

📋 पूछा गया: Junior Instructor (EC) Exam 2024
Aa-4, b-2, c-3, d-1
Ba-1, b-2, c-3, d-4
Ca-2, b-1, c-4, d-3
Da-3, b-4, c-1, d-2

सही उत्तर: a-4, b-2, c-3, d-1

व्याख्या (Explanation)

जसनाथ जी - कातरियासर (बीकानेर) शीतला माता - चाकसू (जयपुर) जाम्भोजी - मुकाम (नोखा) जीण माता - रेवासा (सीकर)

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स्रोत: Junior Instructor (EC) Exam 2024

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