धींगा गवर के बेंतमार मेले के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन गलत है -
सही उत्तर: मेले में पुरुष भी स्वांग धारण करतें हैं।
व्याख्या (Explanation)
पश्चिमी राजस्थान में जोधपुर, बीकानेर, जैसलमेर आदि क्षेत्रों में सुहागिनें अखंड सुहाग की कामना के लिए धींगा गवर की पूजा करती है। यह पूजा सामान्यतः गणगौर पूजा के बाद चैत्र शुक्ल तृतीय से बैसाख कृष्ण पक्ष की तृतीया तक होती है। धींगा गवर के रतजगे पर जोधपुर शहर में बेंतमार मेले का माहौल होता है। इस मेले में स्त्रियां अपने घरों से विभिन्न स्वांग जैसे राजा-रानी, डॉक्टर, पुलिस, वकील, जाट-जाटनी, विष्णु, महादेव, भिखारी, सेठ इत्यादि नाना प्रकार के भेष धारण कर मुखौटे लगाकर नाचती गाती हाथों में लंबा बेंत या इंडा लेकर धींगा गवर स्थल पर जाती हैं। जब ये महिलाएं स्वांग रच कर रात्रि में सड़क पर निकलती हैं तो रास्ते में जहाँ भी पुरुष नजर आता है, उसे बेंत से पीटती हैं। मान्यता है कि इस मेले में बेंत खाने से कुंवारे युवकों की शादी जल्दी हो जाती है।