किसके शासन काल में मेवाड़ में सर्वप्रथम डाकन प्रथा पर रोक लगाई गई थी -
सही उत्तर: महाराणा स्वरूप सिंह
व्याख्या (Explanation)
1853 में कैप्टन ब्रुक द्वारा डाकण प्रथा को गैर कानूनी घोषित किया गया।
RPSC & RSMSSB PYQ Practice
इस पेज पर Rajasthan GK के राजस्थान में रीति -रिवाज एवं प्रथाएं से संबंधित पिछले वर्षों में पूछे गए महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ) उत्तर और व्याख्या सहित दिए गए हैं। कुल 140 प्रश्नों में से यह पेज 7 है।
किसके शासन काल में मेवाड़ में सर्वप्रथम डाकन प्रथा पर रोक लगाई गई थी -
सही उत्तर: महाराणा स्वरूप सिंह
व्याख्या (Explanation)
1853 में कैप्टन ब्रुक द्वारा डाकण प्रथा को गैर कानूनी घोषित किया गया।
हाड़ौती के पाॅलिटिकल एजेंट ‘विलकिंसन’ के प्रयासों से किस प्रथा पर रोक लगाई गई -
सही उत्तर: कन्या वध
व्याख्या (Explanation)
बिलकिंसन के प्रयासों से 1832 ई. में कोटा में कन्या वध पर रोक लगाई गई।
सुमेलित कीजिए - कुप्रथा सर्वप्रथम रोक लगाने वाली रियासत 1. कन्या वध अ. कोटा 2 समाधि प्रथा ब. बूंदी 3. सती प्रथा स. जयपुर 4. त्याग प्रथा द. जोधपुर 1, 2, 3, 4
सही उत्तर: अ, स, ब, द
व्याख्या (Explanation)
बिलकिंसन के प्रयासों से 1832 ई. में कोटा में कन्या वध पर रोक लगाई गई। समाधि प्रथा पर 1844 में जयपुर में लुडलो के प्रयासों से प्रतिबंध लगा। सती प्रथा पर बूंदी में 1822 में रोक लगाई गई। राजा राममोहन राय के प्रयासों से 1829 में लार्ड बैंटिक ने सम्पूर्ण भारत में रोक लगाई।
मृत्यु उत्सव के लिए राजस्थान में निम्नलिखित में से कौन सा एक नाम है -
सही उत्तर: मोसर
स्रोत: Raj Police Constable(7981)
हरविलास शारदा द्वारा 1929 में पारित ‘शारदा एक्ट’ में लड़के व लड़की की विवाह योग्य आयु क्रमशः रखी गई -
सही उत्तर: 18वर्ष व 14वर्ष
व्याख्या (Explanation)
1929 में प्रसिद्ध शिक्षाविद् डॉ. हरविलास शारदा के प्रयासों से बाल विवाह निषेध कानून (शारदा एक्ट) बना। इसके द्वारा लड़कों के विवाह की उम्र 18 वर्ष एवं लड़कियों की 14 वर्ष निर्धारित की गई।
ग्रामीण क्षेत्रों में सब्जी व अन्य सामान खरीदने के बदले दिया जानेवाला अनाज क्या कहलाता है -
सही उत्तर: कीणा
व्याख्या (Explanation)
गावों में सब्जी अथवा अन्य सामान खरीदने के लिए दिया जाने वाला अनाज कीणा कहलाता है। राजस्थान में प्रचलित रीति -रिवाज & प्रथाएं
बढार का भोज निम्न में से किस मौके पर रखा जाता है -
सही उत्तर: विवाह
स्रोत: JSA Serology-2019(Rajasthan Gk)
उदयपुर राज्य में ‘डाकन प्रथा’ पर प्रतिबन्ध कब लगाया गया -
सही उत्तर: 1853 में
व्याख्या (Explanation)
डाकन प्रथा को सर्वप्रथम उदयपुर में गैर-कानूनी घोषित किया गया था| राजस्थान की कई जातिया विशेषकर भील और मीणा जातियों में स्त्रियों पर डाकन होने का आरोप लगा कर उन्हे मार डालने की कुप्रथा व्याप्त थी। सर्वप्रथम अप्रैल, 1853 में मेवाड़ में महाराणा स्वरूप सिंह के समय में मेवाड़ भील कोर के कमान्डेन्ट जे.सी. ब्रुक ने खैरवाड़ा उदयपुर में इस प्रथा को गैर कानूनी घोषित किया था|
स्रोत: JSA Chemistry-2019(Rajasthan Gk)
आदिवासियों में प्रचलित लीला-मोरिया संस्कार किस अवसर से जुड़ा हुआ है -
सही उत्तर: विवाह
व्याख्या (Explanation)
लीला मोरिया संस्कार, आदिवासियों में प्रचलित विवाह से संबंधित संस्कार है।
स्रोत: Asst. Agriculture Officer - 2018 (Paper-1)
राजस्थान में गोला, दरोगा, चाकर, चेला आदि सम्बोधन किसके लिए प्रयुक्त होते थे -
सही उत्तर: घरेलू दास के लिए
व्याख्या (Explanation)
दास प्रथा : राजस्थान में 19वीं सदी के अंत तक दास प्रथा का प्रचलन था। इनको दास, दासी, गोला, चाकर, खानजादा, चेला इत्यादि नामों से पुकारा जाता था। ये दास-दासी प्रायः राजपूतों की अवैध संतानें हुआ करती थी व अपने स्वामी की वंशानुगत सेवकों के रूप में सेवा करते थे।
स्रोत: Asst. Agriculture Officer - 2018 (Paper-1)