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राजस्थान की मिट्टियाँ PYQ in Hindi - पेज 7

इस पेज पर Rajasthan GK के राजस्थान की मिट्टियाँ से संबंधित पिछले वर्षों में पूछे गए महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ) उत्तर और व्याख्या सहित दिए गए हैं। कुल 241 प्रश्नों में से यह पेज 7 है।

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नीचे लेटेराइट मिट्टी के बारे में दो कथन दिए गए हैं : कथन -I: लेटेराइट मिट्टी डरंगरपुर, उदयपुर के मध्य और दक्षिणी भाग और राजसमंद क्षेत्रों में पाई जाती है। कथन-II: लोहे (आयरन) की उपस्थिति के कारण यह लाल दिखती है। उपर्युक्त कथनों के आलोक में निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:

📋 पूछा गया: CET 2024 (12th Level) 22 October Shift-II
Aकथन I सत्य है, किन्तु कथन II असत्य है।
Bकथन I असत्य है, किन्तु कथन II सत्य है।
Cकथन I और II दोनों सत्य हैं।
Dकथन I और II दोनों असत्य हैं।

सही उत्तर: कथन I और II दोनों सत्य हैं।

व्याख्या (Explanation)

लेटेराइट मिट्टी डरंगरपुर, उदयपुर और राजसमंद में पाई जाती है और इसमें लोहे की अधिकता के कारण यह लाल दिखती है।

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स्रोत: CET 2024 (12th Level) 22 October Shift-II

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नीचे दो कथन दिए गए हैं : कथन-I : जलोढ़ मृदा राजस्थान के पश्चिमी मरुस्थलीय मैदान में पाई जाती है। कथन- II : इस मिट्टी में नाइट्रोजन पर्याप्त मात्रा में होती है लेकिन पोटाश और लौह तत्व की कमी होती है। उपर्युक्त कथनों के आलोक में निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें :

📋 पूछा गया: CET 2024 (12th Level) 22 October Shift-I
Aकथन I और कथन II दोनों गलत हैं।
Bकथन I सही है किन्तु कथन II गलत है।
Cकथन I गलत है किन्तु कथन II सही है।
Dकथन I और कथन II दोनों सही हैं।

सही उत्तर: कथन I और कथन II दोनों गलत हैं।

व्याख्या (Explanation)

जलोढ़ मृदा राजस्थान के पूर्वी भाग में पाई जाती है, न कि पश्चिमी मरुस्थलीय मैदान में। इसके अलावा, इसमें नाइट्रोजन की कमी होती है।

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स्रोत: CET 2024 (12th Level) 22 October Shift-I

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नीचे दो कथन दिए गए हैं : कथन (I) : फॉस्फेट की चट्टानें अधिकांशतः सुपरफॉस्फेट के निर्माण में प्रयोग की जाती हैं, जो कि फसलों, फलों और फूलों के पोषण में प्रयोग होती हैं। कथन (II) : फॉस्फेट चट्टानें मैटॉन, करबारिया-का-गुरहा, कानपुर, डाकन कोटरा और नीमच पहाड़ियों में स्थित है। ये सभी उदयपुर और जैसलमेर इलाकों के पास प्री-कैम्ब्रियन युग की अरावली संरचना है। उपरोक्त कथनों के आलोक में, नोचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें।

📋 पूछा गया: CET 2024 (Graduate) 28 September 2024 Shift-2
Aकथन (I) गलत है लेकिन कथन (II) सही है।
Bकथन (I) और कथन (II) दोनों सही हैं।
Cकथन (I) और कथन (II) दोनों गलत हैं।
Dकथन (I) सही है लेकिन कथन (II) गलत है।

सही उत्तर: कथन (I) और कथन (II) दोनों सही हैं।

व्याख्या (Explanation)

फॉस्फेट चट्टानों का उपयोग सुपरफॉस्फेट बनाने में किया जाता है और ये राजस्थान के उदयपुर और जैसलमेर क्षेत्र में प्री-कैम्ब्रियन युग की संरचनाओं में पाई जाती हैं।

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स्रोत: CET 2024 (Graduate) 28 September 2024 Shift-2

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नीचे दो कथन दिए गए हैं: कथन (I): लाल पीली मिट्टी सवाई माधोपुर, सिरोही, राजसमंद, उदयपुर और भीलवाड़ा ज़िलों के हिस्सों में पाई जाती है। कथन (II): लाल पीली मिट्टी मूंगफली और कपास की खेती के लिए उपयुक्त है। उपरोक्त कथनों के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें।

📋 पूछा गया: CET 2024 (Graduate) 28 September 2024 Shift-1
Aकथन (I) सही है लेकिन कथन (II) गलत है।
Bकथन (I) गलत है लेकिन कथन (II) सही है।
Cकथन (I) और कथन (II) दोनों सही हैं।
Dकथन (I) और कथन (II) दोनों ही गलत हैं।

सही उत्तर: कथन (I) और कथन (II) दोनों ही गलत हैं।

व्याख्या (Explanation)

कार्बोनेट व ह्यूमस की कमी वाली लाल व पीली मृदा का वितरण राजस्थान में सवाईमाधोपुर, भीलवाड़ा, अजमेर, पाली और सिरोही जिलों में मिलता है। इन मृदाओं का लाल व पीला, भूरा रंग लौह ऑक्साइड के जलयोजन की उच्च मात्रा के कारण है। इसमें कैल्शियम कार्बोनेट की नगण्यता एवं नाइट्रोजन एवं जैविक कारकों की अलपता होती हैं। यह कपास और मूंगफली की खेती के लिए उपयुक्त नहीं है।

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स्रोत: CET 2024 (Graduate) 28 September 2024 Shift-1

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कथन (I): जलोढ़ (एलुवियल) मृदा राजस्थान के उत्तरी और पूर्वी जिले जैसे हनुमानगढ़, अलवर, धौलपुर और दौसा में पायी जाती है। कथन (II): इस मृदा में पर्याप्त मात्रा में नाइट्रोजन होता है परन्तु चूने (लाइम), फॉस्फोरस और आयरन (लौह) की कमी होती है। उपर्युक्त कथनों के आलोक में निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें :

📋 पूछा गया: Stenographer Exam 2024 (Paper - I)
Aकथन (I) असत्य है, किन्तु कथन (II) सत्य है।
Bकथन (I) और कथन (II) दोनों सत्य हैं।
Cकथन (I) और कथन (II) दोनों असत्य हैं।
Dकथन (I) सत्य है, किन्तु कथन (II) असत्य है।

सही उत्तर: कथन (I) सत्य है, किन्तु कथन (II) असत्य है।

व्याख्या (Explanation)

जलोढ़ मृदा राजस्थान के उत्तरी और पूर्वी जिलों जैसे हनुमानगढ़, अलवर, धौलपुर, और दौसा में पाई जाती है। नाइट्रोजन और ह्यूमस का अनुपात सबसे कम होता है, लेकिन फॉस्फेट की मात्रा पर्याप्त होती है।

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स्रोत: Stenographer Exam 2024 (Paper - I)

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सिरोही, पाली, भीलवाड़ा तथा उदयपुर जिलों में अधिकांशतः निम्नलिखित में से किस प्रकार की मृदा पाई जाती है -

📋 पूछा गया: Asst. Prof. (Sanskrit College Edu.) - 2024 (Rajasthan Gk)
Aइनसेप्टिसोल्स
Bवर्टिसोल्स
Cअल्फिसोल्स
Dएन्टिसोल्स

सही उत्तर: इनसेप्टिसोल्स

व्याख्या (Explanation)

इनसेप्टी सोल्स (पथरीली मिट्टी) : अर्द्धशुष्क से आर्द्र जलवायु क्षेत्रों में। जलोढ़ मृदाओं के मैदान में भी। शुष्क जलवायु में पूर्णत: अभाव। सिरोही, पाली, राजसमन्द, उदयपुर, भीलवाड़ा, झालावाड़।

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स्रोत: Asst. Prof. (Sanskrit College Edu.) - 2024 (Rajasthan Gk)

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राजस्थान की शुष्क भूमि के संबंध में निम्न में से कौन सा कथन सही नहीं है? (निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें)

📋 पूछा गया: Clerk Grade-II/ Jr. Asst. 2024 Paper -Ist
Aशुष्क मृदा का रंग लाल से भूरे रंग तक होता है।
Bशुष्क मृदा सामान्यतः संरचना से बलुई और प्रकृति से लवणीय होती है।
Cइसमें नाइट्रोजन और ह्यूमस पर्याप्त मात्रा में होता है।
Dये मृदा अनुर्वर हैं क्योंकि इनमें ह्यूमस कम मात्रा में पाए जाते हैं।

सही उत्तर: इसमें नाइट्रोजन और ह्यूमस पर्याप्त मात्रा में होता है।

व्याख्या (Explanation)

शुष्क मृदा में नाइट्रोजन और ह्यूमस की कमी होती है, जिससे यह अनुर्वर होती है।

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स्रोत: Clerk Grade-II/ Jr. Asst. 2024 Paper -Ist

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भारतीय कृषि विभाग ने राजस्थान में मिट्टी का वर्गीकरण किस आधार पर किया -

📋 पूछा गया: Rajasthan Police Constable Exam 2024 ( SHIFT - L1)
Aमिट्टी की स्थिति के आधार पर
Bमिट्टी की उर्वरता के आधार पर
Cमिट्टी के पीएच मूल्य के आधार पर
Dमिट्टी के गुणों के आधार पर

सही उत्तर: मिट्टी की उर्वरता के आधार पर

व्याख्या (Explanation)

मृदा वर्गीकरण की नई मृदा वर्गीकरण आधारित व्यापक प्रणाली 1976 में मृदा सर्वेक्षण कर्मियों द्वारा विकसित की गई थी। इस नई मृदा प्रणाली में मृदा के 10 क्रम हैं, जिन्हें 47 उप-क्रमों और फिर 230 महान समूहों में विभाजित किया गया है। भारतीय मृदा को वर्गीकृत करने के लिए अलग-अलग मानदंड लागू किए गए हैं जिसमें उत्कृष्ट भूविज्ञान, मृदा के कण का आकार, उर्वरता, रासायनिक संरचना और भौतिक संरचना शामिल है।

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स्रोत: Rajasthan Police Constable Exam 2024 ( SHIFT - L1)

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राजस्थान के निम्नलिखित में से किस जिले में जलोढ़ मिट्टी पाई जाती है -

📋 पूछा गया: Assistant Engineer - Civil (Local Self Govt. Deptt.) Comp. Exam - 2022
Aकोटा
Bबूँदी
Cबारां
Dदौसा

सही उत्तर: दौसा

व्याख्या (Explanation)

राजस्थान के पूर्वी भाग में (अलवर, भरतपुर, डीग, दौसा (काली पहाड़ी)) मुख्य रूप से जलोढ़ मिट्टी पाई जाती है।

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स्रोत: Assistant Engineer - Civil (Local Self Govt. Deptt.) Comp. Exam - 2022

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हाड़ौती प्रदेश में प्रधान प्रकार की मृदा है :

📋 पूछा गया: Assistant Professor (College Education) - 2023 Paper-III
Aवर्टी सॉइल्स
Bइनसेप्टी सॉइल्स
Cएण्टी सॉइल्स
Dअल्फी सॉइल्स

सही उत्तर: वर्टी सॉइल्स

व्याख्या (Explanation)

राजस्थान के हाड़ौती क्षेत्र में वर्टीसोल्स (काली मिट्टी) बहुतायत में पाई जाती है।

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स्रोत: Assistant Professor (College Education) - 2023 Paper-III

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