‘भाथी खत्री’ किस लोक देवता को संदर्भित करता है -
सही उत्तर: कल्लाजी जी
स्रोत: 3rd Grade Teacher 2022 Sanskrit L2
RPSC & RSMSSB PYQ Practice
इस पेज पर Rajasthan GK के राजस्थान में लोक देवता व देवियाँ से संबंधित पिछले वर्षों में पूछे गए महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ) उत्तर और व्याख्या सहित दिए गए हैं। कुल 320 प्रश्नों में से यह पेज 10 है।
‘भाथी खत्री’ किस लोक देवता को संदर्भित करता है -
सही उत्तर: कल्लाजी जी
स्रोत: 3rd Grade Teacher 2022 Sanskrit L2
तेजाजी का जन्म कहाँ हुआ था -
सही उत्तर: खड़नाल (नागौर)
स्रोत: 3rd Grade Teacher 2022 Hindi L2
ददरेवा _____ का जन्मस्थल है।
सही उत्तर: गोगाजी
स्रोत: 3rd Grade Teacher 2022 Social Studies L2
निम्नलिखित में से किस लोकदेवता को ‘जाहिर पीर’ के रूप में भी पूजा जाता है -
सही उत्तर: गोगाजी
स्रोत: 3rd Grade Teacher 2022 L1
बीकानेर के निकट सम्भराथल को किस लोकदेवता ने अपना कर्म-स्थल बनाया -
सही उत्तर: जाम्भोजी
स्रोत: 3rd Grade Teacher 2022 L1
जालौर के चौहानों की कुलदेवी निम्न में से है -
सही उत्तर: आशापुरा माता
स्रोत: A.A.R.O. (GK and Entomology) 2022
तेजाजी .......... के देवता के रूप में पूजे जाते हैं -
सही उत्तर: गायों
स्रोत: A.A.R.O. (GK and Ag. Che.) 2022
‘हाली’ द्वारा हल जोतना आरम्भ करते समय जो ‘गोगा राखड़ी’ बांधी जाती है उसमें कितनी गांठे होती हैं -
सही उत्तर: नौ
व्याख्या (Explanation)
गोगाजी का जन्म भाद्रपद कृष्ण नवमी, विक्रम सं. 1003, ददरेवा (चूरु) में हुआ। जेवर सिंह चौहान इनके पिता व बाछल इनकी माता थीं। गोरखनाथ इनके गुरु थे जिनके आशीर्वाद से ही गोगाजी का जन्म हुआ था। किसान व हल के गोगा राखड़ी बाँधी जाती है जिसमें 9 गांठें होती हैं।
स्रोत: A.R.O. (GK and Horticulture) 2022
अधोलिखित (लोक देवता – मुख्य तीर्थस्थल) में से कौनसा युग्म असंगत है -
सही उत्तर: तल्लीनाथ जी – कतरियासर (बीकानेर)
स्रोत: CET 2022 (Graduate) 08 January 2023 Shift-2
सुमेलित कीजिए - लोक देवता जन्म स्थान (1) गोगाजी (i) सांथू (2) पाबूजी (ii) ददरेवा (3) हड़बूजी (iii) कोलू (4) फत्ताजी (iv) भूंडोल कूट –
सही उत्तर: 1-ii, 2-iii, 3-iv, 4-i
व्याख्या (Explanation)
गोगाजी का जन्म 1003 ई. में राजस्थान के चुरू जिले के दादरेवा में रानी बाछल और राजा जेवर के यहाँ नागवंशीय चौहान कुल में हुआ था। पाबूजी का जन्म मारवाड़ के राव आसथान जी के पुत्र धांधलजी राठौड़ के यहां 1239 ई. में फलौदी तहसील के कोलू गाँव में हुआ था। हरभूजी भूंडोल(नागौर) के महाराज सांखला के पुत्र और राव जोधा (1438-89 ई.) के समकालीन थे। वीर फत्ता जी का जन्म सांथू गांव (जालौर) में गज्जारणी परिवार में हुआ था।