ग्वालों के देवता के रूप में विख्यात हैं -
सही उत्तर: देव बाबा
व्याख्या (Explanation)
भरतपुर जिले के नगला जहाज गांव में देव बाबा का मंदिर है, जहां प्रतिवर्ष दो बार मेला भरता है। देव बाबा मेवात अंचल में ग्वालों के देवता के रूप में विख्यात हैं।
RPSC & RSMSSB PYQ Practice
इस पेज पर Rajasthan GK के राजस्थान में लोक देवता व देवियाँ से संबंधित पिछले वर्षों में पूछे गए महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ) उत्तर और व्याख्या सहित दिए गए हैं। कुल 320 प्रश्नों में से यह पेज 23 है।
ग्वालों के देवता के रूप में विख्यात हैं -
सही उत्तर: देव बाबा
व्याख्या (Explanation)
भरतपुर जिले के नगला जहाज गांव में देव बाबा का मंदिर है, जहां प्रतिवर्ष दो बार मेला भरता है। देव बाबा मेवात अंचल में ग्वालों के देवता के रूप में विख्यात हैं।
तल्लीनाथजी का मंदिर स्थित है -
सही उत्तर: पांचोटा गांव, जालौर
व्याख्या (Explanation)
तल्लीनाथजी का मुल नाम गांगदेव राठौड़ था, वे शेरगढ़ ठिकाने के शासक थे, गुरू जालंधरनाथ से दीक्षा लेकर तल्लीनाथ कहलाये।
निम्न में से किस देवता की फड़ सबसे प्राचीन व सबसे लम्बी है -
सही उत्तर: देवनारायणजी
व्याख्या (Explanation)
देवनारायणजी की फड़ सबसे प्राचीन एवं सबसे लम्बी चित्रित फड़ है। इसका वाचन जन्तर वाद्ययंत्र के साथ गुर्जर भोपे करते हैं। 1992 में इस फड़ पर डाक टिकट जारी हुआ।
केहर, कल्याण, शेषनाग का अवतार नामों से कौन से लोक देवता जाने जाते हैं -
सही उत्तर: वीर कल्लाजी
व्याख्या (Explanation)
कल्लाजी मेड़ता के आससिंह के पुत्र और मीरांबाई के भतीजे थे। कल्लाजी अकबर के विरूद्ध जयमल को कंधे पर बिठाकर युद्ध लड़ते हुए वीर गति को प्राप्त हुए और चार हाथों वाले देवता कहलाये।
निम्न में से तेजाजी का समाधि स्थल है -
सही उत्तर: सुरसुरा
व्याख्या (Explanation)
जाटों के आराध्य वीर तेजाजी का जन्म नागौर जिले के खड़नाल गांव में हुआ। सुरसूरा (किशनगढ़, अजमेर) - यहाँ पर 1103 ई. में तेजाजी का निधन हुआ। यहाँ स्थित तेजाजी की मूर्ति को जागीर्ण/जागती जोत कहते हैं।
पाबूजी की घोड़ी है -
सही उत्तर: केसर कालमी
व्याख्या (Explanation)
देवल चारणी ने पाबूजी को गौरक्षा की शर्त पर ‘केसर कालमी’ घोड़ी दी। मारवाड़ में ऊट लाने का श्रेय पाबूजी को है।
लोकदेवता रामदेवजी का जन्म स्थान है -
सही उत्तर: उंडूकासमेर
व्याख्या (Explanation)
रामदेवजी का जन्म वि.सं. 1462 की भादवा सुदी द्वितीय को उंडूकासमेर, बाड़मेर में हुआ।
राठौड़ राजवंश की कुलदेवी का नाम बताइये -
सही उत्तर: नागणेची
स्रोत: JSA Serology-2019(Rajasthan Gk)
तेजा जी के चबूतरे को ‘थान’ तथा पुजारी को ........ कहा जाता है -
सही उत्तर: घोड़ला
व्याख्या (Explanation)
तेजाजी के चबूतरे को थान व पुजारी को घोड़ला कहा जाता है। तेजा दशमी (भाद्रपद शुक्ल दशमी) के अवसर पर पंचमी से पूर्णिमा तक परबतसर (नागौर) में विशाल पशु-मेला लगता है।
स्रोत: JSA Ballistic-2019(Rajasthan Gk)
‘तेरह ताली’ नृत्य किस लोक देवता की भक्ति में किया जाता है -
सही उत्तर: रामदेवजी
स्रोत: Junior Instructor(fitter)