नेजा है -
सही उत्तर: रामदेवजी की पंचरंगी पताका
स्रोत: Lect. College Edu. EXAM 2014(GK)
RPSC & RSMSSB PYQ Practice
इस पेज पर Rajasthan GK के राजस्थान में लोक देवता व देवियाँ से संबंधित पिछले वर्षों में पूछे गए महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ) उत्तर और व्याख्या सहित दिए गए हैं। कुल 320 प्रश्नों में से यह पेज 27 है।
नेजा है -
सही उत्तर: रामदेवजी की पंचरंगी पताका
स्रोत: Lect. College Edu. EXAM 2014(GK)
राजस्थान के किस लोकदेवता के माता-पिता का नाम हंसादेवी और लोहटजी था -
सही उत्तर: जाम्भोजी
व्याख्या (Explanation)
जाम्भोजी का जन्म 1451 ई. में कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर पीपासर (नागौर) में हुआ। ये पंवार वंशीय राजपूत थे। इनके पिता का नाम लोहटजी था और उनकी माता हाँसा भाटी राजपूत कुल की थीं।
राजस्थानी लोकगीतों में गाए जाने वाला ‘नेतल का भर्तार’, किस लोकदेवता के संदर्भ में है -
सही उत्तर: रामदेवजी
लांगुरिया नृत्य होते हैं -
सही उत्तर: कैला देवी के मन्दिर में
स्रोत: Sr. Teacher GrII Comp. Exam 2016 Gk (G-B)
निम्न में से कौनसा सुमेलित नहीं है - लोक देवता - मुख्य स्थल
सही उत्तर: मल्लिनाथ - पिचियाक
व्याख्या (Explanation)
मल्लीनाथजी का जन्म 1358 ई./1415 वि.सं. में तिलवाड़ा (बाड़मेर) में राठौड़ वंश में हुआ। तीड़ाजी/सलखाजी इनके पिता तथा जीणादे इनकी माता थी। उगमसी भाटी इनके गुरु थे। इन्होंने 1378 ई. में फिरोज तुगलक (दिल्ली) व निजामुद्दीन (मालवा) को पराजित किया। तिलवाड़ा (बालोतरा) में लूनी नदी के किनारे चैत्र कृष्ण एकादशी से चैत्र शुक्ल एकादशी तक पशु मेला भरता है।
निम्न में से असत्य कथन को पहचानिये -
सही उत्तर: लोक देवता बाबा रामदेव का जन्म पोकरण के पास रूणिचा ग्राम में हुआ था।
व्याख्या (Explanation)
तंवर वंशीय अजमालजी और मैणादे के पुत्र रामदेवजी का जन्म बाड़मेर जिले की शिव तहसील के ऊँडूकासमेर गाँव में हुआ था। इन्हें मल्लीनाथजी के समकालीन माना जाता है। बालयवस्था में ही सातलमेर (पोकरण) क्षेत्र मल्लीनाथजी से प्राप्त करने के पश्चात् भैरव नामक क्रूर व्यक्ति का अंत करके वहाँ के लोगों को अराजकता व आतंक मुक्त किया था।
स्रोत: Asstt. Agriculture Officer Exam 2015 Paper 1
लच्छा गुजरी की गायें चोरी हो जाने पर किस लोक देवता ने उसकी सहायता की -
सही उत्तर: तेजाजी
स्रोत: Raj Police Constable(9321)
अलवर क्षेत्र की लोकदेवी के रूप में किसे मान्यता प्राप्त है-
सही उत्तर: जिलाणी माता
व्याख्या (Explanation)
जिलाणी माता को अलवर क्षेत्र की लोकदेवी माना जाता है। जिलाणी माता मंदिर अलवर के बहरोड़ में स्थित है। यहां हर साल मंदिर परिसर में दो मेलों का आयोजन किया जाता है।
‘जाहरपीर’ के नाम से कौन से लोक देवता को जाना जाता है-
सही उत्तर: गोगा जी
व्याख्या (Explanation)
लोकपूज्य देवता गोगाजी (जाहरवीर गोगाजी) को लोग गोगाजी चौहान, गुग्गा, जाहिर वीर, जाहर पीर व गोगा पीर के नामों से भी पुकारते है। वीर गोगाजी के पिता का नाम जेवरसिंह (जैबर व जीवराज) था, जो कि राजस्थान के ददरेवा (चुरू) के चौहान वंश के राजपूत शासक थे। गोगाजी की माता का नाम बाछल देवी था। लोकपूज्य देवता वीर गोगाजी को सांपों के देवता के रूप में भी पूजा जाता है। लोग इन्हें गोगजी चौहान गुर्जर, गुग्गा, जाहिर पीर व जाहर पीर के नामों से पुकारते हैं।
राजस्थानी लोकगीतों में गाए जाने वाला ‘नेतल का भर्तार’ किस लोकदेवता के संदर्भ में है-
सही उत्तर: रामदेवजी