गरासिया समाज में सामूहिक कृषि का रूप है -
सही उत्तर: हारी-भांवरी
व्याख्या (Explanation)
‘हारी-भांवरी’ गरासिया जनजाति में प्रचलित कृषि का रूप है। इस कृषि में समस्त पुरूषों द्वारा सामुहिक रूप से कृषि की जाती है तथा उसी अनुपात में फसल का निर्धारण होता है, हारी का तात्पर्य पुरूष व भांव का अर्थ फसल से होता है।