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राजस्थान में स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान गठित संगठन PYQ in Hindi - पेज 2

इस पेज पर Rajasthan GK के राजस्थान में स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान गठित संगठन से संबंधित पिछले वर्षों में पूछे गए महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ) उत्तर और व्याख्या सहित दिए गए हैं। कुल 81 प्रश्नों में से यह पेज 2 है।

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निम्नलिखित में से कौन-सा कथन “अखिल भारतीय देशी राज्य लोक परिषद” के संदर्भ में सही नहीं है -

Aइसकी स्थापना 1927 में बॉम्बे में हुई थी।
Bइसके प्रथम अध्यक्ष दीवान बहादुर रामचंद्र राव थे।
C1939 में पंडित जवाहरलाल नेहरू इसके अध्यक्ष बने।
Dइसका मुख्यालय अजमेर में स्थापित किया गया था।

सही उत्तर: इसका मुख्यालय अजमेर में स्थापित किया गया था।

व्याख्या (Explanation)

1922 में पूना में देशी राज्यों के लिए एक संगठन बनाने का विचार किया गया। 1926 में संगठन बनाने की प्रक्रिया को लेकर एक अस्थाई समिति का गठन किया गया। इस समिति की सिफारिशों पर 17/18 दिसंबर 1927 को बॉम्बे में अखिल भारतीय देशी राज्य लोक परिषद की स्थापना की गई। अखिल भारतीय देशी राज्य लोक परिषद के प्रथम अध्यक्ष दीवान बहादुर रामचंद्र राव थे और विजय पथिक को उपाध्यक्ष बनाया गया। देशी राज्य लोक परिषद् का मुख्यालय मुंबई में रखा गया था।

12

निम्नलिखित में से कौन-सा संगठन भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नागपुर अधिवेशन (1920) में इसकी सहयोगी संस्था बन गया था -

Aराजस्थान सेवा संघ
Bमारवाड़ हितकारिणी सभा
Cराजपूताना मध्य भारत सभा
Dअखिल भारतीय देशी राज्य लोक परिषद

सही उत्तर: राजपूताना मध्य भारत सभा

व्याख्या (Explanation)

दिसंबर 1920 में कांग्रेस के नागपुर अधिवेशन के समय सभा ने देशी राज्यों के 400 प्रतिनिधियों का एक विशाल सम्मेलन (चौथा अधिवेशन) आयोजित किया, जिसकी अध्यक्षता गणेश नारायण सोमानी ने की थी। इस सम्मेलन से प्रभावित होकर गाँधीजी ने रियासती प्रतिनिधियों को कांग्रेस में सम्मिलित कर लिया अर्थात भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नागपुर अधिवेशन में हो रहा राजपूताना मध्य भारत सभा को कांग्रेस की सहयोगी संस्था मान लिया गया।

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वाल्टरकृत राजपूत हितकारिणी सभा के संबंध में निम्न में से कौन सा कथन असत्य है -

📋 पूछा गया: Raj. State and Sub. Services Comb. Comp. (Pre) Exam - 2024
Aइसकी स्थापना सन् 1888 में कर्नल सी.के.एम. वाल्टर के प्रयासों से हुई थी।
Bइसका उद्देश्य राजस्थान के राजपूतों और दलितों के लिए सुधारात्मक कार्य करना था।
Cइसकी प्रथम बैठक का आयोजन अजमेर में हुआ था।
Dसभा ने अपने उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए सामाजिक नियम बनाए।

सही उत्तर: इसका उद्देश्य राजस्थान के राजपूतों और दलितों के लिए सुधारात्मक कार्य करना था।

व्याख्या (Explanation)

जनवरी 1888 ई० में अजमेर के कार्यवाहक ए० जी० जी० द्वारा इस सभा की स्थापना की गई थी। राजपूत समाज में फैली सामाजिक कुरीतियों को दूर करने के लिए वाल्टरकृत राजपुत्र हितकारिणी सभा के प्रयास सराहनीय थे।

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स्रोत: Raj. State and Sub. Services Comb. Comp. (Pre) Exam - 2024

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1919 ई. में विजय सिंह पथिक द्वारा स्थापित ‘राजस्थान सेवा संघ’ का कार्यालय कहाँ स्थित था -

📋 पूछा गया: Junior Instructor (WCS) Exam 2024
Aपाली
Bकोटा
Cमेवाड़
Dअजमेर

सही उत्तर: अजमेर

व्याख्या (Explanation)

राजस्थान सेवा संघ का गठन 1919 में वर्धा मे श्री अर्जुनलाल सेठी, केसरी सिंह बारहठ और विजय सिंह पथिक के संयुक्त प्रयासों से किया गया था। इस संस्था ने राजस्थान में राजनीतिक प्रचार के लिए 22 अक्टूबर 1920 से वर्धा से राजस्थान केसरी नामक समाचार पत्र प्रकाशित किया गया था। विजय सिंह पथिक इस पत्रिका के संपादक थे और रामनारायण चौधरी सह संपादक थे। राजस्थान केसरी समाचार पत्र के लिए आर्थिक सहायता मुख्य रूप से जमनालाल बजाज ने की थी। यह पूर्णतः राजस्थानी लोगों को समर्पित पहला समाचार पत्र था जिसका नाम केसरी सिंह बारहठ के नाम पर रखा गया। 1920 में इस संस्था का मुख्यालय अजमेर में स्थानांतरित किया गया।

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स्रोत: Junior Instructor (WCS) Exam 2024

15

21 फरवरी, 1915 को सशस्त्र क्रांति करने के लिए दिल्ली से राजस्थान की व्यवस्थाओं को देखने के लिए किसको भेजा गया था -

📋 पूछा गया: Junior Instructor (RAT) Exam 2024
Aसचीन्द्र नाथ सान्याल
Bगोपाल सिंह खारवा
Cविजय सिंह पथिक
Dरासबिहारी बोस

सही उत्तर: सचीन्द्र नाथ सान्याल

व्याख्या (Explanation)

गदर पार्टी से जुड़े सचींद्रनाथ सान्याल को दिल्ली से राजस्थान में क्रांति की तैयारियों का निरीक्षण करने के लिए भेजा गया था।

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स्रोत: Junior Instructor (RAT) Exam 2024

16

‘राजपूताना मध्य भारत सभा’ का चंतुर्थ अधिवेशन कहाँ आयोजित किया गया था -

📋 पूछा गया: Asst. Prof. (Sanskrit College Edu.) - 2024 (Rajasthan Gk)
Aअमृतसर
Bदिल्ली
Cअजमेर
Dनागपुर

सही उत्तर: नागपुर

व्याख्या (Explanation)

राजपुताना मध्य भारत सभा के अध्यक्ष जमनालाल बजाज थे और उपाध्यक्ष गणेश शंकर विद्यार्थी थे। 1920 ई. में काँग्रेस के नागपुर अधिवेशन के समय राजपूताना मध्य भारत सभा ने भी अपना अधिवेशन नागपुर में किया।

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स्रोत: Asst. Prof. (Sanskrit College Edu.) - 2024 (Rajasthan Gk)

17

निम्नांकित में से “श्री देश हितेषिणी सभा” के संस्थापक कौन थे -

📋 पूछा गया: Statistical Office Exam - 2023 (GK)
Aमहाराणा शम्भूसिंह
Bमहाराणा फतहसिंह
Cमहाराणा सज्जनसिंह
Dसर वाल्टर

सही उत्तर: महाराणा सज्जनसिंह

व्याख्या (Explanation)

देश हितैषणी सभा(1877) के संस्थापक महाराणा सज्जनसिंह(उदयपुर) थे।

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स्रोत: Statistical Office Exam - 2023 (GK)

18

मारवाड़ की राजनैतिक संस्थाओं को इनके गठन के आरोही क्रम में व्यवधित कीजिए - 1- मारवाड़ हितकारिणी सभा 2- मारवाड़ सेवा संघ 3 मारवाड़ यूथ लीग 4- जोधपुर प्रजा मंडल

A1, 2, 3, 4
B1, 3 ,2, 4
C2, 3, 1, 4
D2, 1, 3, 4

सही उत्तर: 2, 1, 3, 4

व्याख्या (Explanation)

मारवाड़ सेवा संघ - 1920 मारवाड़ हितकारिणी सभा 1921 मारवाड़ यूथ लीग - 1931 जोधपुर प्रजा मंडल- 1934

19

सुमेलित कीजिए- संस्था स्थापित A. राजस्थान सेवा संघ 1. 1921 B. देश हितेषी सभा 2. 1927 C. अखिल भारतीय देशी राज्य लोक परिषद 3. 1877 D. चैंबर ऑफ प्रिन्सेज 4. 1919 A, B, C, D

A4, 2, 3, 1
B1, 2, 4, 3
C2, 3, 1, 3
D4, 3, 2, 1

सही उत्तर: 4, 3, 2, 1

व्याख्या (Explanation)

राजस्थान सेवा संघ (1919) वर्धा विजयसिंह पथिक देश हितैषणी सभा (1877) उदयपुर महाराणा सज्जनसिंह(अध्यक्ष) 17/18 दिसंबर 1927 को बॉम्बे में अखिल भारतीय देशी राज्य लोक परिषद की स्थापना की गई। अखिल भारतीय देशी राज्य लोक परिषद के प्रथम अध्यक्ष दीवान बहादुर रामचंद्र राव थे और विजय पथिक को उपाध्यक्ष बनाया गया। नरेन्द्र मण्डल (1921) : देषी राज्यों के राजाओं द्वारा निर्मित मण्डल जिसके चांसलर बीकानरे के महाराजा गंगासिंह थे।

20

चांदकरण शारदा और हरबिलास शारदा राजस्थान में किस संस्था से संबंधित थे -

📋 पूछा गया: Sr. Teacher Gr II (Sec. Edu.) Exam - 2022 (G.K. Group - A) (Re-Exam)
Aसम्प सभा
Bआर्य समाज
Cइंडियन एसोसियेशन
Dमहाजन सभा

सही उत्तर: आर्य समाज

व्याख्या (Explanation)

हरबिलास शारदा राजस्थान के अजमेर जिले से संबंधित है। हरबिलास शारदा एक शिक्षाविद, न्यायधीश, राजनेता एवं समाजसुधारक थे। वे आर्यसमाजी थे। इन्होनें सामाजिक क्षेत्र में वैधानिक प्रक्रियाओं के क्रिन्यावन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इनके प्रयासों से ही बाल विवाह निरोधक अधिनियम, 1930 (शारदा एक्ट) अस्तित्व में आया था।

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स्रोत: Sr. Teacher Gr II (Sec. Edu.) Exam - 2022 (G.K. Group - A) (Re-Exam)

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