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मरुस्थलीकरण PYQ in Hindi - पेज 3

इस पेज पर Rajasthan GK के मरुस्थलीकरण से संबंधित पिछले वर्षों में पूछे गए महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ) उत्तर और व्याख्या सहित दिए गए हैं। कुल 96 प्रश्नों में से यह पेज 3 है।

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“भारत - मरुस्थलीकरण और भूमिक्षरण एटलस” के अनुसार,राजस्थान में 2003-05 से 2011 -13 के बीच किस प्रकार के मरुस्थलीकरण/भूमिक्षरण में सर्वाधिक नकारात्मक परिवर्तन देखा गया हैं -

📋 पूछा गया: Asst. Prof. (Sanskrit College Edu.) - 2024 (Rajasthan Gk)
Aअधिवास के द्वारा मरुस्थलीकरण/भूमिक्षरण
Bवायु अपरदन के द्वारा मरुस्थलीकरण/भूमिक्षरण
Cवनस्पतिक्षरण के द्वारा मरुस्थलीकरण/भूमिक्षरण
Dजल अपरदन के द्वारा मरुस्थलीकरण/भूमिक्षरण

सही उत्तर: वायु अपरदन के द्वारा मरुस्थलीकरण/भूमिक्षरण

व्याख्या (Explanation)

“भारत - मरुस्थलीकरण एवं भूमि क्षरण एटलस” के अनुसार, 2003-05 और 2011-13 के बीच राजस्थान में सबसे महत्वपूर्ण नकारात्मक परिवर्तन वायु अपरदन के कारण हुआ, जो राजस्थान जैसे शुष्क क्षेत्रों में मरुस्थलीकरण का एक प्रमुख कारण है।

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स्रोत: Asst. Prof. (Sanskrit College Edu.) - 2024 (Rajasthan Gk)

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राजस्थान में रेगिस्तान के विस्तार के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों में से कौन सा/कौन से सही हैं? नीचे दिए गए कथनों में से सही विकल्प का चयन करें: 1. उत्तर-पूर्व से दक्षिण-पश्चिम हवा की दिशा के कारण राजस्थान में मरुस्थलीकरण की प्रवृत्ति अधिक रही है। 2. थार रेगिस्तान एक मानसून संचालित रेगिस्तान है जहाँ हवा का कटाव एक बड़ी समस्या है। गर्मियों के दौरान जहां अरावली पर्वतमाला रेगिस्तान के प्रसार में एक बड़ी बाधा है, वहीं बड़े पैमाने पर खनन से पर्वतमाला में कटौती रेगिस्तान के प्रसार को बढ़ावा देती है।

📋 पूछा गया: Rajasthan Police Constable Exam 2024 ( SHIFT - L2)
Aकेवल 1
B1 और 2
Cकेवल 2
Dइनमें से कोई नहीं

सही उत्तर: 1 और 2

व्याख्या (Explanation)

राजस्थान में मरुस्थलीकरण की प्रवृत्ति उत्तर-पूर्व से दक्षिण-पश्चिम हवा की दिशा के कारण अधिक रही है, और थार रेगिस्तान मानसून संचालित है। अरावली पर्वतमाला रेगिस्तान के विस्तार को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, लेकिन खनन गतिविधियों से इसका प्रभाव कम हो रहा है।

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स्रोत: Rajasthan Police Constable Exam 2024 ( SHIFT - L2)

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राजस्थान राज्य में विश्व बैंक की वित्तीय सहायता से जिला गरीबी उन्मूलन योजना किस वर्ष प्रारम्भ हुई -

📋 पूछा गया: Rajasthan Police Constable Exam 2024 ( SHIFT - K1)
A2002
B2001
C2000
D1999

सही उत्तर: 2000

व्याख्या (Explanation)

राजस्थान में विश्व बैंक और राजस्थान सरकार की जिला गरीबी पहल परियोजना (डीपीआईपी) साल 2000 से शुरू हुई थी। इस परियोजना के लिए विश्व बैंक प्रमुख प्रशिक्षण एजेंसी के रूप में मान्यता देता था।

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स्रोत: Rajasthan Police Constable Exam 2024 ( SHIFT - K1)

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भारत में बेरोजगारी और गरीबी के अनुमान आधारित हैं-

📋 पूछा गया: RAS Pre 2016
ANSSO के परिवारों के उपभोग व्यय के सर्वे पर।
Bयोजना आयोग के परिवारों के उपभोग व्यय के सर्वे पर
CCSO के परिवारों के उपभोग व्यय के सर्वे पर।
DNSSO के परिवारों के आय के सर्वे पर।

सही उत्तर: NSSO के परिवारों के उपभोग व्यय के सर्वे पर।

व्याख्या (Explanation)

राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण कार्यालय (NSSO) ने लगभग पाँच वर्षों के अंतराल पर भारतीय परिवारों के घरेलू उपभोग व्यय के एक बड़े नमूना सर्वेक्षण के आधार पर गरीबी का अनुमान जारी किया है। सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MOSPI) के तहत राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण कार्यालय भारत में गरीबी आकलन के लिए नीति आयोग की इकाई है।

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स्रोत: RAS Pre 2016

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सहसा मूदसा क्या है -

Aसन् 1899 में पड़े अकाल का नाम
Bसन् 1842-43 में पड़े अकाल का नाम
Cसन् 1987-88 में पड़े अकाल का नाम
Dसन् 1949 में पड़े अकाल का नाम

सही उत्तर: सन् 1842-43 में पड़े अकाल का नाम

व्याख्या (Explanation)

सन् 1842 व 1843 में पड़े विनाशकारी अकाल का नाम ही ‘सहसा मूदसा’ रख दिया गया। 1899 में भी भयंकर अकाल पड़ा। यह विक्रम सम्वत् 1956 का वर्ष था इसलिए इसे छप्पनियाँ अकाल नाम दिया गया।

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बंजड़ भूमि में रतनजोत व अन्य समकक्ष तेलीय पौधों की खेती के द्वारा बायो-फ्यूल के उत्पादन की संभावनाओं को देखते हुए बायो- फ्यूल मिशन का गठन किसकी अध्यक्षता में किया गया-

Aवित्त मंत्री
Bमुख्यमंत्री
Cकृषि मंत्री
Dगृह मंत्री

सही उत्तर: मुख्यमंत्री

व्याख्या (Explanation)

राजस्थान की बंजड़ भूमि में रतनजोत व अन्य समकक्ष तेलीय पौधों की खेती के द्वारा बायो-फ्यूल के उत्पादन की संभावनाओं को देखते हुए वर्ष 2005-06 में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में 'बायो-फ्यूल मिशन' का गठन किया गया। इस मिशन का उद्देश्य रतनजोत, करंज व अन्य समकक्ष तेलीय पौधों की खेती, अनुसंधान, प्रसंस्करण, विपणन और आधारभूत सुविधाओं का विकास करना है।

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राजस्थान में मरुस्थलीकरण का कौन सा कारण नहीं है -

📋 पूछा गया: Assistant Professor (College Education) - 2023 Paper-III
Aअतिचारण
Bभूमि उपयोग परिवर्तन
Cनहरी सिंचाई
Dबालू एवं बालूका-स्तूपों का एकत्र होना

सही उत्तर: नहरी सिंचाई

व्याख्या (Explanation)

नहरी सिंचाई मरुस्थलीकरण का कारण नहीं है।

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स्रोत: Assistant Professor (College Education) - 2023 Paper-III

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निम्नलिखित में से कौन से कारक राजस्थान में मरुस्थलीकरण से सम्बन्धित हैं - A. नहरी सिंचाई B. अति पशुचारण C. मृदा अपरदन D. पवन-ऊर्जा परियोजनाएँ E. वनों की कटाई कूट :

📋 पूछा गया: Statistical Office Exam - 2023 (GK)
AA, B, C एवं D
BA, B, C एवं E
CB, C एवं E
DB, D एवं E

सही उत्तर: B, C एवं E

व्याख्या (Explanation)

नहरी सिंचाई और पवन-ऊर्जा परियोजनाएँ मरुस्थलीकरण से सम्बन्धित नहीं है।

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स्रोत: Statistical Office Exam - 2023 (GK)

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अरावली वनरोपण परियोजना (AAP) आरम्भ की गई -

A2007
B1992-93
C2001-02
D1995-96

सही उत्तर: 1992-93

व्याख्या (Explanation)

अरावली वनीकरण परियोजना 1992-93 में शुरू की गई थी।

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निम्न में से कौन सा राजस्थान में मरूस्थलीकरण का कारण नहीं है -

📋 पूछा गया: Sr. Teacher GrII Comp. Exam 2016 Gk (G-A)
Aअतिचारण
Bवनोन्मूलन
Cजनसंख्या दबाव
Dसौर्य ऊर्जा उत्पादन

सही उत्तर: सौर्य ऊर्जा उत्पादन

व्याख्या (Explanation)

मरुस्थलीकरण के कुछ कारण हैं: अतिचारण: यह भूमि की उपयोगिता, उत्पादकता और जैव विविधता को कम करता है। वनोन्मूलन: एक जंगल कार्बन सिंक के रूप में कार्य करता है। वनों की कटाई कार्बन डाइऑक्साइड को वापस वायुमंडल में छोड़ती है जो ग्रीनहाउस प्रभाव में योगदान करती है। कृषि-पद्धतिया: स्लेश एंड बर्न कृषि राज्य को मिट्टी के कटाव के खतरों के लिए उजागर करती है भारी जुताई और अधिक सिंचाई मिट्टी की खनिज संरचना को परेशान करती है। शहरीकरण: जैसे-जैसे शहरीकरण बढ़ता है, संसाधनों की मांग बढ़ती जाती है और अधिक संसाधनों को आकर्षित किया जाता है और ऐसी भूमि को छोड़ दिया जाता है जो आसानी से मरुस्थलीकरण का शिकार हो जाती है। जल अपरदन: इसके परिणामस्वरूप बैडलैंड स्थलाकृति होती है जो स्वयं मरुस्थलीकरण का प्रारंभिक चरण है। वायु अपरदन: हवा द्वारा रेत का अतिक्रमण मिट्टी की उर्वरता को कम कर देता है जिससे भूमि मरुस्थलीकरण के लिए अतिसंवेदनशील हो जाती है। सौर्य ऊर्जा उत्पादन मरूस्थलीकरण का कारण नहीं है।

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स्रोत: Sr. Teacher GrII Comp. Exam 2016 Gk (G-A)

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