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मरुस्थलीकरण PYQ in Hindi - पेज 4

इस पेज पर Rajasthan GK के मरुस्थलीकरण से संबंधित पिछले वर्षों में पूछे गए महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ) उत्तर और व्याख्या सहित दिए गए हैं। कुल 96 प्रश्नों में से यह पेज 4 है।

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राजस्थान में सर्वाधिक भूकम्प सम्भावित क्षेत्र कौन सा है -

📋 पूछा गया: Junior Instructor(electrician)
Aगंगानगर, हनुमानगढ़ व चूरू
Bभतरपुर, अलवर व झुंझुनू
Cजयपुर, दौसा व करौली
Dनागौर, जोधपुर व पाली

सही उत्तर: भतरपुर, अलवर व झुंझुनू

व्याख्या (Explanation)

भूकंप आने का कारण धरती के अंदर की टैक्टॉनिक प्लेटें होती है. ये प्लेटें धरती के अंदर 80 से 100 किमी की गहराई पर होती हैं. ये प्लेटें 10 से 40 मिलीमीटर प्रति वर्ष की गति से इधर-उधर खिसकती रहती हैं. इन्हीं प्लेटों में से जो यदि कोई तेज गति से खिसक जाती है तो भूकंप आता है। इस सिद्धांत को ‘प्लेट टैक्टॉनिक’कहते है। भारत का उत्तर- पूर्वी भाग भूकंप से सर्वाधिक प्रभावित क्षेत्र के रूप में जाना जाता है इस भाग में सर्वाधिक तीव्रता के भूकंप आते हैं। राजस्थान के अलवर,भरतपुर, डीग, नीम का थाना, कोटपुतली और झुंझुनू जिले भूकम्प की दृष्टि से संवेदनशील हैं।

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स्रोत: Junior Instructor(electrician)

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राजस्थान का वर्तमान में निम्नलिखित में से कौन सी प्राकृतिक आपदा से सम्बन्ध नहीं है -

📋 पूछा गया: Junior Instructor(electrician)
Aभूकम्प
Bबाढ़
Cसूखा
Dसूनामी

सही उत्तर: सूनामी

व्याख्या (Explanation)

राजस्थान में सुनामी की संभावना सबसे कम है। सुनामी मुख्य रूप से समुद्र के किनारों पर उत्पन्न होती हैं। राजस्थान के किसी भी शहर में इसका खतरा नहीं है क्योंकि यहां समुद्र नहीं हैं।

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स्रोत: Junior Instructor(electrician)

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त्रिकाल का सम्बंध है -

📋 पूछा गया: College Lecturer (Sarangi Instrument) Exam 2018(G.K.)
Aअनिश्चित वर्षा
Bचारा, भोजन व जल की कमी
Cभूमिगत जल, वनस्पति व फसल की कमी
Dअत्यधिक ताप

सही उत्तर: चारा, भोजन व जल की कमी

व्याख्या (Explanation)

1899-1900 के अकाल का राजस्थान के क्षेत्रों के लोगों पर सबसे अधिक प्रभाव पड़ा है। यह राजस्थान में भोजन, चारा और पानी का त्रिकल था।

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स्रोत: College Lecturer (Sarangi Instrument) Exam 2018(G.K.)

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‘भारत के मरूस्थलीकरण एवं भूअवनयन एटलस(इसरो-2021)’ के अनुसार राजस्थान में मरूस्थलीकरण से प्रभावित क्षेत्र है -

A70 प्रतिशत
B67 प्रतिशत
C65 प्रतिशत
D62 प्रतिशत

सही उत्तर: 62 प्रतिशत

व्याख्या (Explanation)

भारत के मरुस्थलीकरण एवं भूमि अवनयन एटलस का नवीनतम संस्करण 17 जून 2021 को जारी किया गया। देश के कुल भौगोलिक क्षेत्रफल के विषय में मरुस्थलीकरण में सर्वाधिक योगदान राजस्थान (6.46%) का है। राजस्थान के बाद महाराष्ट्र (4.35%), गुजरात (3.12%), कर्नाटक (2.16%), लद्दाख (2.12%) स्थान पर है। झारखंड के कुल भौगोलिक क्षेत्रफल के 68.77% भाग (5.48 मिलियन हेक्टेयर) पर मरुस्थल है। झारखंड के बाद राजस्थान के कुल भौगोलिक क्षेत्रफल के 62.06% भाग (21.23 मिलियन हेक्टेयर) पर मरुस्थल है।

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निम्न में से कौन-सा एक मरूस्थलीकरण का कारण नहीं है -

Aकठोर मौसमी परिस्थितियां
Bबढ़ती आबादी
Cवनोन्मूलन
Dअम्लीय भूमि का प्रयोग करना

सही उत्तर: अम्लीय भूमि का प्रयोग करना

व्याख्या (Explanation)

मरुस्थलीकरण के कुछ कारण हैं: अतिचारण: यह भूमि की उपयोगिता, उत्पादकता और जैव विविधता को कम करता है। वनोन्मूलन: एक जंगल कार्बन सिंक के रूप में कार्य करता है। वनों की कटाई कार्बन डाइऑक्साइड को वापस वायुमंडल में छोड़ती है जो ग्रीनहाउस प्रभाव में योगदान करती है। कृषि-पद्धतिया: स्लेश एंड बर्न कृषि राज्य को मिट्टी के कटाव के खतरों के लिए उजागर करती है भारी जुताई और अधिक सिंचाई मिट्टी की खनिज संरचना को परेशान करती है। शहरीकरण: जैसे-जैसे शहरीकरण बढ़ता है, संसाधनों की मांग बढ़ती जाती है और अधिक संसाधनों को आकर्षित किया जाता है और ऐसी भूमि को छोड़ दिया जाता है जो आसानी से मरुस्थलीकरण का शिकार हो जाती है। जल अपरदन: इसके परिणामस्वरूप बैडलैंड स्थलाकृति होती है जो स्वयं मरुस्थलीकरण का प्रारंभिक चरण है। वायु अपरदन: हवा द्वारा रेत का अतिक्रमण मिट्टी की उर्वरता को कम कर देता है जिससे भूमि मरुस्थलीकरण के लिए अतिसंवेदनशील हो जाती है। बढ़ती आबादी लकड़ी और पानी जैसे संसाधनों के लिए पर्यावरण पर अधिक दबाव डालती है। अम्लीय भूमि का प्रयोग करना मरूस्थलीकरण का कारण नहीं है।

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राजस्थान में मरूस्थलीकरण का मूल कारण क्या है -

📋 पूछा गया: RSMSSB Lab Assistant Exam 2016
Aभूमिगत जल की लवणता
Bअनियंत्रित खनन
Cवर्षा की न्यूनता
Dजलवायु परिवर्तन

सही उत्तर: वर्षा की न्यूनता

व्याख्या (Explanation)

वर्षा की न्यूनता मरुस्थलीकरण का सबसे बड़ा कारण है। राजस्थान में वर्षा कम होती है क्योंकि मानसून शाखा गुजरात से प्रवेश करती है जो अरावली पर्वतमाला के समानांतर चलती है।

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स्रोत: RSMSSB Lab Assistant Exam 2016

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कथर (अ) अरावली पर्वत श्रेणी निकटवर्ती क्षेत्रों में मरूस्थलीकरण के प्रसार को सीमित करती है। कारण (ब) अरावली पर्वती श्रेणी सम्पूर्ण राज्य में दक्षिण-पश्चिम से उत्तर-पूर्व की और अविच्छिन्न फैली हुई है।

Aअ और ब दोनों सही हैं, किन्तु ब, अ की सही व्याख्या नही करता है।
Bअ और ब दोनों सही हैं, और ब, अ की सही व्याख्या करता है।
Cअ सही है, परन्तु ब गलत है।
Dअ गलत है, परन्तु ब सही है।

सही उत्तर: अ और ब दोनों सही हैं, और ब, अ की सही व्याख्या करता है।

व्याख्या (Explanation)

राजस्थान का अरावली श्रेणीयों के पश्चिम का क्षेत्र शुष्क एवं अर्द्धशुष्क मरूस्थली प्रदेश है। अरावली पर्वत श्रेणी निकटवर्ती क्षेत्रों में मरूस्थलीकरण के प्रसार को सीमित करती है। क्‍योंकि अरावली पर्वती श्रेणी सम्पूर्ण राज्य में दक्षिण-पश्चिम से उत्तर-पूर्व की और अविच्छिन्न फैली हुई है।

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राजस्थान में मरूस्थलीकरण की सबसे प्रभावी प्रक्रिया कौन सी है -

📋 पूछा गया: Livestock Assistant Exam 2018
Aवनस्पति अवनयन
Bजल अपरदन
Cपवन अपरदन
Dजल संचयन

सही उत्तर: पवन अपरदन

व्याख्या (Explanation)

मरुस्थलीकरण के कुछ कारण हैं: अतिचारण: यह भूमि की उपयोगिता, उत्पादकता और जैव विविधता को कम करता है। वनोन्मूलन: एक जंगल कार्बन सिंक के रूप में कार्य करता है। वनों की कटाई कार्बन डाइऑक्साइड को वापस वायुमंडल में छोड़ती है जो ग्रीनहाउस प्रभाव में योगदान करती है। कृषि-पद्धतिया: स्लेश एंड बर्न कृषि राज्य को मिट्टी के कटाव के खतरों के लिए उजागर करती है भारी जुताई और अधिक सिंचाई मिट्टी की खनिज संरचना को परेशान करती है। शहरीकरण: जैसे-जैसे शहरीकरण बढ़ता है, संसाधनों की मांग बढ़ती जाती है और अधिक संसाधनों को आकर्षित किया जाता है और ऐसी भूमि को छोड़ दिया जाता है जो आसानी से मरुस्थलीकरण का शिकार हो जाती है। जल अपरदन: इसके परिणामस्वरूप बैडलैंड स्थलाकृति होती है जो स्वयं मरुस्थलीकरण का प्रारंभिक चरण है। वायु अपरदन: हवा द्वारा रेत का अतिक्रमण मिट्टी की उर्वरता को कम कर देता है जिससे भूमि मरुस्थलीकरण के लिए अतिसंवेदनशील हो जाती है। सौर्य ऊर्जा उत्पादन मरूस्थलीकरण का कारण नहीं है।

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स्रोत: Livestock Assistant Exam 2018

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निम्न लिखित कथनों पर विचार कीजिये - अ. मरूस्थलीकरण शुष्क एवं अर्द्ध-शुष्क प्रदेशों में भूमि का अवकर्षण है। ब. राजस्थान में मरूस्थलीकरण बालुकास्तूपों के स्थरीकरण में सहायक है। स. वनोन्मूलन और अत्यधिक पशुचारण राजस्थान में मरूस्थलीकरण के मुख्य कारण हैं। नीचे दिये गये कोड से सही उत्तर का चयन कीजिये -

Aअ और ब सही
Bअ और स सही
Cब और स सही
Dअ, ब और स सही

सही उत्तर: अ और स सही

व्याख्या (Explanation)

मरुस्थलीकरण वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा प्राकृतिक या मानव निर्मित कारकों के कारण शुष्क भूमि (शुष्क और अर्द्ध शुष्क भूमि) की जैविक उत्पादकता कम हो जाती है लेकिन इसका मतलब मौजूदा रेगिस्तानों का विस्तार नहीं है। मरूस्थलीकरण का समान्य अर्थ है उपजाऊ एवं अमरूस्थली भूमि का क्रमिक रूप से मरूस्थली भूमि में परिवर्तित होना। राजस्थान में मरूस्थल विकास का प्रमुख कारण अविवेकपूर्ण मानवीय क्रियाओं को माना जाता है। वनोन्मूलन और अत्यधिक पशुचारण राजस्थान में मरूस्थलीकरण के मुख्य कारण हैं। मरुस्थलीकरण में सर्वाधिक योगदान बरखान बालुका स्तूप देते हैं। अरावली पर्वतमाला मरुस्थल के मार्च को रोकती है।

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निम्नलिखित में से कौन से कारक राजस्थान में मरूस्थलीकरण के लिये उत्तरदायी हैं - अ. वनों की कटाई ब. अति पशुचारण स. बूंद-बूंद सिंचाई द. मृदा अपरदन कूट

📋 पूछा गया: College Lecturer (Sarangi Instrument) Exam 2018(G.K.)
Aअ एवं ब
Bअ, ब एवं स
Cअ, ब एवं द
Dअ, स एवं द

सही उत्तर: अ, ब एवं द

व्याख्या (Explanation)

मरुस्थलीकरण के कुछ कारण हैं: अतिचारण: यह भूमि की उपयोगिता, उत्पादकता और जैव विविधता को कम करता है। वनोन्मूलन: एक जंगल कार्बन सिंक के रूप में कार्य करता है। वनों की कटाई कार्बन डाइऑक्साइड को वापस वायुमंडल में छोड़ती है जो ग्रीनहाउस प्रभाव में योगदान करती है। कृषि-पद्धतिया: स्लेश एंड बर्न कृषि राज्य को मिट्टी के कटाव के खतरों के लिए उजागर करती है भारी जुताई और अधिक सिंचाई मिट्टी की खनिज संरचना को परेशान करती है। शहरीकरण: जैसे-जैसे शहरीकरण बढ़ता है, संसाधनों की मांग बढ़ती जाती है और अधिक संसाधनों को आकर्षित किया जाता है और ऐसी भूमि को छोड़ दिया जाता है जो आसानी से मरुस्थलीकरण का शिकार हो जाती है। जल अपरदन: इसके परिणामस्वरूप बैडलैंड स्थलाकृति होती है जो स्वयं मरुस्थलीकरण का प्रारंभिक चरण है। वायु अपरदन: हवा द्वारा रेत का अतिक्रमण मिट्टी की उर्वरता को कम कर देता है जिससे भूमि मरुस्थलीकरण के लिए अतिसंवेदनशील हो जाती है। बूंद-बूंद सिंचाई मरूस्थलीकरण का कारण नहीं है।

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स्रोत: College Lecturer (Sarangi Instrument) Exam 2018(G.K.)

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