अरावली वृक्षारोपण परियोजना किस वर्ष में प्रारम्भ हुई -
सही उत्तर: 1992
व्याख्या (Explanation)
अरावली वनीकरण परियोजना 1992-93 में शुरू की गई थी।
RPSC & RSMSSB PYQ Practice
इस पेज पर Rajasthan GK के मरुस्थलीकरण से संबंधित पिछले वर्षों में पूछे गए महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ) उत्तर और व्याख्या सहित दिए गए हैं। कुल 96 प्रश्नों में से यह पेज 6 है।
अरावली वृक्षारोपण परियोजना किस वर्ष में प्रारम्भ हुई -
सही उत्तर: 1992
व्याख्या (Explanation)
अरावली वनीकरण परियोजना 1992-93 में शुरू की गई थी।
‘मरू विकास कार्यक्रम’ का वित्त पोषण होता है -
सही उत्तर: 75 प्रतिशत केन्द्र सरकार व 25 प्रतिशत राजस्थान सरकार द्वारा
व्याख्या (Explanation)
मरुस्थल विकास कार्यक्रम (DDP) 1977-1978 में शुरू हुआ। यह कार्यक्रम केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय कृषि आयोग की सिफारिशों के तहत शुरू किया गया था। किन्तु 1 अप्रैल 1999 से इसे केंद्र सरकार द्वारा 75% और राज्य सरकार द्वारा 25% वित्त पोषित किया जा रहा है।
मरू विकास बोर्ड की स्थापना किस वर्ष में हुई थी -
सही उत्तर: 1966
व्याख्या (Explanation)
1966 में मरू विकास बोर्ड का गठन किया गया और राजस्थान, गुजरात और हरियाणा के चार जिलों में कई पायलट परियोजनाएँ शुरू की गईं।
मरूस्थलीकरण का मानवजनित कारक नहीं है -
सही उत्तर: अल्प वर्षा
व्याख्या (Explanation)
मरुस्थलीकरण वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा प्राकृतिक या मानव निर्मित कारकों के कारण शुष्क भूमि (शुष्क और अर्द्ध शुष्क भूमि) की जैविक उत्पादकता कम हो जाती है लेकिन इसका मतलब मौजूदा रेगिस्तानों का विस्तार नहीं है। मरुस्थलीकरण के मानव निर्मित कारण: अधिक चराई वनों की कटाई खेती के तरीके जलवायु परिवर्तन प्राकृतिक कारण: प्राकृतिक आपदाएँ जैसे- बाढ़, सूखा, भूस्खलन पानी का क्षरण उपजाऊ मिट्टी का विस्थापन पानी का कटाव हवा का कटाव अल्प वर्षा
स्रोत: Agriculture Officer 2020
निम्न में से कौन सा राजस्थान में मरूस्थलीकरण का कारण नहीं है -
सही उत्तर: जैविक कृषि
व्याख्या (Explanation)
मरुस्थलीकरण वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा प्राकृतिक या मानव निर्मित कारकों के कारण शुष्क भूमि (शुष्क और अर्द्ध शुष्क भूमि) की जैविक उत्पादकता कम हो जाती है लेकिन इसका मतलब मौजूदा रेगिस्तानों का विस्तार नहीं है। मरुस्थलीकरण के मानव निर्मित कारण: अधिक चराई वनों की कटाई खेती के तरीके जलवायु परिवर्तन प्राकृतिक कारण: प्राकृतिक आपदाएँ जैसे- बाढ़, सूखा, भूस्खलन पानी का क्षरण उपजाऊ मिट्टी का विस्थापन पानी का कटाव हवा का कटाव अल्प वर्षा जैविक कृषि मरूस्थलीकरण का कारण नहीं है।
स्रोत: Sr. Teacher GrII Comp. Exam 2016 Gk (G-A)
निम्न में से कौन सा सम्मेलन मरूस्थलीकरण की रोकथाम के लिए कार्य करता है -
सही उत्तर: UNCCD
व्याख्या (Explanation)
मरूस्थलीकरण का समान्य अर्थ है उपजाऊ एवं अमरूस्थली भूमि का क्रमिक रूप से मरूस्थली भूमि में परिवर्तित होना। रियो सम्मेलन/पृथ्वी सम्मेलन 1992 में संयुक्त राष्ट्र मरुस्थलीकरण रोकथाम कन्वेंशन (United Nations Convention to Combat Desertification- UNCCD) नामक दस्तावेज जारी किया गया, जो 17 जून 1994 को फ्रांस में लागू हुआ। इसलिए 1995 से प्रतिवर्ष 17 जून को विश्व मरुस्थलीकरण और सूखा रोकथाम दिवस मनाया जाता है।
कौन सा मरुस्थलीकरण का मानवजनित कारक नहीं है -
सही उत्तर: कम वर्षा
व्याख्या (Explanation)
मरुस्थलीकरण वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा प्राकृतिक या मानव निर्मित कारकों के कारण शुष्क भूमि (शुष्क और अर्द्ध शुष्क भूमि) की जैविक उत्पादकता कम हो जाती है लेकिन इसका मतलब मौजूदा रेगिस्तानों का विस्तार नहीं है। मरुस्थलीकरण के मानव निर्मित कारण: अधिक चराई वनों की कटाई खेती के तरीके जलवायु परिवर्तन प्राकृतिक कारण: प्राकृतिक आपदाएँ जैसे- बाढ़, सूखा, भूस्खलन पानी का क्षरण उपजाऊ मिट्टी का विस्थापन पानी का कटाव हवा का कटाव अल्प वर्षा
निम्न में से किस जिले के समूह में सूखे की संभावना सर्वाधिक है -
सही उत्तर: चूरू, बीकानेर, जोधपुर, बाड़मेर
व्याख्या (Explanation)
चूरू, बीकानेर, जोधपुर और बाड़मेर ज़िले के समूह में सूखे की संभावना सबसे ज़्यादा है।
स्रोत: Veterinary Officer Exam 2019
सन् 2002-2003 में, राजस्थान राज्य के कुल कितने जिलों को अकाल प्रभावित जिले घोषित किया गया था -
सही उत्तर: 32
व्याख्या (Explanation)
2002-03 में, राजस्थान को सदी के सबसे भीषण सूखे का सामना करना पड़ा था। यह राज्य में लगातार पाँचवाँ सूखा वर्ष था और सभी 32 जिले इससे प्रभावित हुए।
अकाल के लिए प्रसिद्ध दोहे में ‘पग पूंगल’ के नाम से राजस्थान के कौनसे जिले की ओर संकेत किया गया है -
सही उत्तर: बीकानेर
स्रोत: CET 2022 (12th Level) 11 February 2023 Shift-2