राजस्थानी भाषा के निश्चित साहित्य में चारणों द्वारा कौन-सी भाषा प्रयुक्त की जाती थी -
सही उत्तर: डिंगल
व्याख्या (Explanation)
डिंगल भाषा का उपयोग चारणों द्वारा वीरगाथा कालीन साहित्य रचने में किया जाता था।
स्रोत: Junior Instructor (RAT) Exam 2024
RPSC & RSMSSB PYQ Practice
इस पेज पर Rajasthan GK के राजस्थानी साहित्य से संबंधित पिछले वर्षों में पूछे गए महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ) उत्तर और व्याख्या सहित दिए गए हैं। कुल 371 प्रश्नों में से यह पेज 8 है।
राजस्थानी भाषा के निश्चित साहित्य में चारणों द्वारा कौन-सी भाषा प्रयुक्त की जाती थी -
सही उत्तर: डिंगल
व्याख्या (Explanation)
डिंगल भाषा का उपयोग चारणों द्वारा वीरगाथा कालीन साहित्य रचने में किया जाता था।
स्रोत: Junior Instructor (RAT) Exam 2024
“एक बीनणी दो बीन” उपन्यास के लेखक कौन हैं -
सही उत्तर: नथमल जोशी
व्याख्या (Explanation)
“एक बीनणी दो बीन” उपन्यास के लेखक नथमल जोशी हैं, जो राजस्थानी साहित्य के प्रमुख लेखक थे।
स्रोत: Junior Instructor (MDE) Exam 2024
प्रताप रासो का लेखक कौन था -
सही उत्तर: जाचीक जीवण
व्याख्या (Explanation)
“प्रताप रासो” अलवर के संस्थापक राव राजा प्रतापसिंह के जीवन पर आधारित एक महत्वपूर्ण काव्य रचना है, जिसके लेखक जाचीक जीवण थे।
स्रोत: Junior Instructor (Fitter) Exam 2024
‘बिज्जी’ राजस्थान के किस प्रसिद्ध व्यक्तित्व का उपनाम है -
सही उत्तर: विजयदान देथा
व्याख्या (Explanation)
विजयदान देथा का जन्म 1926 में जोधपुर में हुआ था। वह ‘बिज्जी’ के नाम से प्रसिद्ध हैं। वे राजस्थानी लोक साहित्य के प्रखर लेखक हैं।
स्रोत: Junior Instructor ((ESR) Exam 2024
‘सुर्जन चरित’ के रचनाकार कौन थे -
सही उत्तर: चन्द्रशेखर
व्याख्या (Explanation)
‘सुर्जन चरित’ के रचनाकार चन्द्रशेखर हैं। कवि चंद्रशेखर का अन्य प्रसिद्ध साहित्य हमीर हठ है कवि चंद्रशेखर ने बूंदी के रावराजा सुर्जन हाड़ा के उदार दिल की सुर्जन चरित्र के अंतर्गत भूरी भूरी प्रशंसा करते हुए राव सुरजन हाड़ा द्वारा बनारस के अंदर बनाए गए इमारतें जलाशय और गंगा घाट एवं द्वारिकापुरी में रणछोड़ दास जी के मंदिर का वर्णन किया है।
स्रोत: Junior Instructor ((ESR) Exam 2024
मोतीलाल मेनारिया के अनुसार वह काव्य ग्रन्थ जिसमें हमें एक राजा की महानता, उनके विजय, युद्ध और वीरता का वर्णन मिलता है कहलाता है:
सही उत्तर: रासो
व्याख्या (Explanation)
वीरता परक काव्यों को रासो कहते है। इनकी रचना राजा के आश्रय में की गई थी। मोतीलाल मेनारिया के अनुसार, “जिस काव्य ग्रंथ में किसी राजा की कीर्ति, विजय, युद्ध, वीरता आदि का विस्तृत वर्णन हो, उसे रासो कहते हैं।”
स्रोत: CET 2024 (12th Level) 24 October Shift-II
राजस्थानी गद्य और पद्य की विधाओ में वे रचनाएँ जो किसी व्यक्ति एवं राजवंश की उपलब्धियों एवं घटनाओं पर प्रकाश डालती हैं, कहलाती हैं। (निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुने:)
सही उत्तर: प्रकास
व्याख्या (Explanation)
राजस्थानी साहित्य में प्रकास एक विधा है. प्रकास में किसी व्यक्ति, राजवंश या उनकी उपलब्धियों और घटनाओं का वर्णन होता है। प्रमुख रचनाएँ : राजप्रकास - किशोरदास आशिया महायश प्रकास- मानसिंह पाबू प्रकास - मोडा आशिया सूरज प्रकास- कविया करणीदान भीम प्रकास - रामदान लालसा
स्रोत: CET 2024 (12th Level) 24 October Shift-I
गलत सुमेलित युग्म का चयन कीजिए -
सही उत्तर: अखंड भारत - छगन राज चौपासनी
व्याख्या (Explanation)
अखंड भारत की रचना जय नारायण व्यास द्वारा ही की गई थी। छगन राज चौपासनी ने 1931 में बाल भारत सभा नामक संस्थान की स्थापना की थी।
राजस्थानी भाषा में उपलब्ध कविता में संतों के जीवन वृत्तांत को क्या कहा जाता है -
सही उत्तर: परची
व्याख्या (Explanation)
परची एक साहित्यिक रूप है जिसमें संतों के जीवन और शिक्षाओं का विवरण होता है।
स्रोत: CET 2024 (Graduate) 28 September 2024 Shift-2
‘धरती धोरां रि’ गाने के गीतकार (लेखक) कौन हैं -
सही उत्तर: कन्हैयालाल सेठिया
व्याख्या (Explanation)
महाकवि श्री कन्हैयालाल सेठिया द्वारा रचित राजस्थानी गीत ‘धरती धोरां री !’ राजस्थान का वंदना गीत बन चुका है।
स्रोत: CET 2024 (Graduate) 28 September 2024 Shift-2