कुंडा पंथ के प्रणेता कौन थे -
सही उत्तर: राव मल्लीनाथ
RPSC & RSMSSB PYQ Practice
इस पेज पर Rajasthan GK के राजस्थान के प्रमुख संत एवं सम्प्रदाय से संबंधित पिछले वर्षों में पूछे गए महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ) उत्तर और व्याख्या सहित दिए गए हैं। कुल 358 प्रश्नों में से यह पेज 19 है।
कुंडा पंथ के प्रणेता कौन थे -
सही उत्तर: राव मल्लीनाथ
‘संत भूरी बाई अलख’ का कार्यक्षेत्र था -
सही उत्तर: मेवाड़
मध्यकालीन मेवात के प्रसिद्ध संत थे -
सही उत्तर: लालदास
स्रोत: Rajasthan Patwar 2021 (23 Oct 2021) 1st shift
राजस्थान में, कृष्ण को समर्पित वैष्णव संप्रदाय का ‘द्वारकाधीश’ नाम से प्रसिद्ध मुख्य पीठ कहाँ है -
सही उत्तर: कांकरोली
व्याख्या (Explanation)
राजस्थान में कृष्ण को समर्पित वैष्णव सम्प्रदाय की ‘द्वारकाधीश’ नाम से प्रसिद्ध मुख्य पीठ कांकरोली में स्थित है। कांकरोली राजसमन्द जिलें में स्थित एक शहर है यहां प्रसिद्द द्वारकाधीश जी का मन्दिंर है।
बखनाजी, संतदास जी, जगन्नाथ दास और माधोदास नामक संतों का संबंध निम्नलिखित में से किस सम्प्रदाय के साथ था -
सही उत्तर: दादू पंथ
स्रोत: RPSC Ras Pre. Exam 2021
राजस्थान के वे संत जिन्होंने दिल्ली के सुल्तान सिकंदर लोदी को गौ हत्या पर रोक लगाने हेतु सहमत किया -
सही उत्तर: संत जाम्भोजी
सलेमाबाद में निम्बार्काचार्य पीठ के संस्थापक कौन थे -
सही उत्तर: परशुराम देव
व्याख्या (Explanation)
निम्बार्क सम्प्रदाय के प्रवर्तक (संस्थापक) निम्बार्काचार्य थे। इनका मुख्य केंद्र सलेमाबाद गाँव (किशनगढ़ तहसील, अजमेर) में है। इस केंद्र की स्थापना परशुराम जी ने की। अर्थात् परशुराम जी ने यहाँ सम्प्रदाय की स्थापना की।
संत धन्ना की गुफा जहाँ संत धन्ना जी ने तपस्या की थी -
सही उत्तर: टोडारायसिंह (टोंक)
संत जाम्भोजी का जन्म हुआ था -
सही उत्तर: पीपासर नागौर में
व्याख्या (Explanation)
जांभोजी का जन्म जोधपुर राज्य के नागौर इलाके के पीपासर ग्राम में सन् 1451 (वि.सं. 1508, सोमवार, भाद्रपद कृष्ण अष्टमी) को परमार वंशीय राजपूत परिवार में हुआ था। इनके पिता का नाम लोहित और माता का नाम हंसा देवी था।
रामस्नेही संप्रदाय की चार पीठे स्थित हैं- A. शाहपुरा अ.मेडता B. रैण ब. बीकानेर C.सिंहथल स. जोधपुर D.खेडापा द. भीलवाडा कुट - A B C D
सही उत्तर: द. अ. ब. स.
व्याख्या (Explanation)
इस सम्प्रदाय की चार शाखाऐं है। 1.शाहपुरा (भीलवाडा) -संस्थापक -रामचरणदास जी- काव्यसंग्रह- अनभैवाणी 2.रैण (नागौर) - दरियाव जी 3.सिंहथल (बीकानेर) हरिराम दास जी- रचना निसानी 4.खैडापा (जोधपुर)- रामदास जी रामचरण दास जी का जन्म सोडाग्राम (टोंक) में हुआ।