PYQ Practice
42 Questions · 5 Pages
राजस्थान लोक सेवा प्रदान की गारन्टी अधिनियम, 2011 का मुख्य उद्देश्य है: (निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें)
राजस्थान लोक सेवा गारंटी अधिनियम, 2011 के अनुसार, निर्धारित समय पर लोक सेवा प्रदान करने में विफल रहने पर लोक सेवकों के विरुद्ध किस प्रकार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाती है -
राजस्थान लोक सेवा गारन्टी प्रदान अधिनियम, 2011 के अतंर्गत प्रथम अपीलीय प्राधिकारी के निर्णय के विरुद्ध कोई व्यक्ति कितने दिनों में द्वितीय अपीलीय प्राधिकारी के पास शिकायत कर सकता है -
लोक सेवाओं के प्रदान की गारंटी अधिनियम, राजस्थान के बारे में निम्नलिखित कंथनों पर विचार कीजिए और नीचे दिए गए कूट में से सही उत्तर का चयन कीजिए : (a) यह अधिनियम वर्ष 2011 का 50वां था। (b) इस अधिनियम को राज्यपाल की स्वीकृति 30 सितम्बर, 2011 को प्राप्त हुई। (c) इस अधिनियम को राज्य विधान सभा द्वारा भारत के गणतंत्र के 62वें वर्ष में पारित किया गया। कूट -
सिटिजन चार्टर का उद्देश्य नहीं है-
राजस्थान लोक सेवा प्रदान की गारन्टी अधिनियम 2011, के संदर्भ में निम्नलिखित कथन को पढ़ें और सही उत्तर चुनें- 1. प्रथम अपील और द्वितीय अपील के ज्ञापन के साथ कोई शूल्क देय नहीं होगा। 2. निर्धारित समय सीमा में सार्वजनिक अवकाश की गणना नहीं की जाएगी।
राजस्थान लोक सेवा प्रदान की गारन्टी अधिनियम 2011, राजस्थान में किस महीने में लागू हुआ था -
राजस्थान लोक सेवाओं के प्रदान की गारंटी अधिनियम, 2011 के अंतर्गत प्रथम अपीलीय प्राधिकारी के निर्णय के विरुद्ध कितने दिनों में द्वितीय अपीलीय प्राधिकारी को अपील की जा सकती है -
राजस्थान लोक सेवा प्रदान की गारन्टी अधिनियम, 2011 के तहत एक पीड़ित व्यक्ति निर्धारित समयावधि के भीतर सेवा प्रदान न करने के लिए कितनी बार अपील दायर कर सकता है -
राजस्थान लोक सेवा गारन्टी अधिनियम 2011 के तहत अपील दायर करने के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सत्य है/हैं - कथन I : कोई भी व्यक्ति जिसका आवेदन अस्वीकार कर दिया गया है, अस्वीकृति के 30 दिनों के भीतर नामित अधिकारी के खिलाफ अपील कर सकता है। कथन II : यह भी उल्लेख है कि प्रथम अपील अधिकारी तीस दिन की अवधि समाप्त होने के बाद ही अपील स्वीकार कर सकता है।