⚡ RajRevision

RPSC & RSMSSB PYQ Practice

राजपूत युग PYQ in Hindi - पेज 4

इस पेज पर Rajasthan GK के राजपूत युग से संबंधित पिछले वर्षों में पूछे गए महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ) उत्तर और व्याख्या सहित दिए गए हैं। कुल 33 प्रश्नों में से यह पेज 4 है।

31

राजपूतों की विदेशी उत्पत्ति का मत सर्वप्रथम किसके द्वारा प्रतिपादित किया गया -

Aकर्नल टाॅड
Bविलियम क्रुक
Cविंसेन्ट स्मिथ
Dडी. आर. भण्डारकर

सही उत्तर: कर्नल टाॅड

व्याख्या (Explanation)

राजपूताना के प्रसिद्ध इतिहासकार कर्नल जेम्स टाॅड ने राजपूतों को शक और सीथियन बताया है। इसके प्रमाण में उनके बहुत से प्रचलित रीति-रिवाजों का, जो शक जाति के रिवाजों से समानता रखते थे, उल्लेख किया है।

32

भारतीय इतिहास में राजपूत वंशों का प्रभुत्व _____ तक की अवधि के दौरान था।

📋 पूछा गया: Police Constable Exam (14 May 2022 Shift-1)
Aआठवीं से बारहवीं शताब्दी ई.
Bछठी से सातवीं शताब्दी ई.
Cपाँचवीं से नौवीं शताब्दी ई.
Dतीसरी से पाँचवीं शताब्दी ई.

सही उत्तर: आठवीं से बारहवीं शताब्दी ई.

व्याख्या (Explanation)

हर्षवर्धन की मृत्यु (648 ई.) से लेकर मुहम्मद गौरी के भारत में दिल्ली सल्तनत की स्थापना करने (1206 ई.) तक का काल भारतीय इतिहास में राजपूत काल के नाम से प्रसिद्ध है। इस काल में राजस्थान में अनेक राजपूत वंशों ने अपनी सत्तायें स्थापित की जिनमें गुर्जर-प्रतिहार, चौहान, गुहिल, प्रतिहार, परमार, चालुक्य तथा राठौड़ प्रमुख थे।

📋

स्रोत: Police Constable Exam (14 May 2022 Shift-1)

33

इतिहासकार आर. सी. मजूमदार के अनुसार गुर्जर प्रतिहारों ने कितनी शताब्दी तक अरब आक्रमणकारियों के लिए बाधक का काम किया -

Aदूसरी शताब्दी से चौथी शताब्दी तक
Bतीसरी शताब्दी से पांचवीं शताब्दी तक
Cछठी शताब्दी से बारहवीं शताब्दी तक
Dबारहवीं शताब्दी से पन्द्रहवीं शताब्दी तक

सही उत्तर: छठी शताब्दी से बारहवीं शताब्दी तक

व्याख्या (Explanation)

प्रसिद्ध इतिहासकार रमेश चन्द्र मजूमदार के अनुसार गुर्जर प्रतिहारों ने छठी सदी से बारहवीं सदी तक अरब आक्रमणकारियों के लिए बाधक का काम किया और भारत के द्वारपाल(प्रतिहार) की भूमिका निभाई।

थ्योरी का रिवीजन करें? 📖

इस टॉपिक के विस्तृत नोट्स पढ़ने के लिए वापस जाएँ

नोट्स पढ़ें →
🏠HomeFast Notes🎯PYQ Trend📄Exams